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'खूनी सड़क' से पार्टी करने जा रहे थे पांच दोस्त, एक बचा तो खुद को रूम में किया बंद

दोस्त के सीए बनने की खुशी में पार्टी करने जा रहे 5 युवकों की कार नहर में गिर गई।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 04:14 AM IST

सांपला/ रोहतक. दोस्त के सीए बनने की खुशी में पार्टी करने जा रहे 5 युवकों की कार नहर में गिर गई। पानी का बहाव इतनी तेज था कि 4 युवक बह गए। एक युवक झाड़ पकड़कर किसी तरह बाहर निकल आया। एनडीआरएफ की दो टीमें युवकों की तलाश में लगी हैं। एक युवक का शव मिला है। हादसे के बाद युवको को बचाने पहुंचे लोगों ने कहा कि यह सड़क खूनी है। यहां पहले भी कई जानें जा चुकी है। ढाबे पर नहीं मिली स्पेशल डिश तो पार्टी करने मुरथल निकल पड़े दोस्त, तंग पुल बना मौत की वजह

- सीए बनने की खुशी हर्षित के दोस्तों के लिए एकदम नई थी। बीते पांच दिनों से वे लगातार हर्षित को कभी फोन पर तो कभी वॉट्सऐप के जरिए पार्टी के लिए कहते थे। दोस्तों का याराना बचपन से था, इसलिए हर्षित ने भी पार्टी के लिए ऑफर कर दिया था।

इनका शनिवार की शाम प्लान पहले छह दोस्तों के बीच बना। हर्षित ने अपने दोस्त सौरभ को गाड़ी लाने के लिए कहा, ताकि वे सभी एक साथ ही जा सके। सभी सांपला ढाबे पर पहुंचे।

- यहां पर हर्षित के दोस्तों ने स्पेशल डिश की डिमांड की, लेकिन डिश ना मिल पाने के चलते रोहतक आने की बजाए सभी दोस्त मुरथल की ओर रवाना हो गए।

- इस होंडा इमेज कार को सौरभ चला रहा था। जब यह कार लेकर सोनीपत रोहट पश्चिमी यमुना लिंक नहर पर पहुंचें तो अचानक सौरभ ने संतुलन खो दिया।

मोबाइल की घंटी के सहारे नहर में शवों को तलाश रहे गोताखोर

- सांपला के इन युवकों की कार नहर में गिरने की घटना ने लोगों को हैरान कर दिया। तीन युवकों की जहां नहर में तलाश जारी है, वहीं एक की मौत हो गई है, जबकि एक युवक बच निकला। नहर में मिली गाड़ी में सिर्फ मृतकों के जूते मिले है। किसी का कोई फोन नहीं मिला।

- फैमिलीवालों के मुताबिक लक्ष्य उर्फ लव का फोन वाटरप्रूफ था। जिस पर घंटी बज रही है। पुलिस तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, लेकिन अभी तक नहीं पता चल पाया। पुलिस अनुमान लगा रही है कि कहीं लक्ष्य का फोन उसके किसी दूसरे दोस्त की जेब में हो जिससे पुलिस को उन तक पहुंचने में मदद मिले सके। लेकिन रविवार देर शाम तक कोई खुलासा नहीं हो पाया था।

- इसके लिए पुलिस साइबर टीम की भी मदद ले रही है।

- घटना के बाद सदर थाना प्रभारी ने सूझबूझ दिखाई। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम का इंतजार नहीं किया, रात को ही रोहट गांव से गोताखोर लेकर नहर पर पहुंचा। इसके बाद लक्ष्य को निकाला और कार भी निकाली गई।

- सुबह एनडीआरएफ की टीम पहुंची और बचाव कार्य किया। रात को एसएसपी सतेंद्र गुप्ता भी पहुंचें और रविवार सुबह एडिशनल एसपी ने मौके पर तलाशी अभियान का जायजा लिया।

इकलौता बेटा है रोहित, पांचों अनमैरिड
नहर में साथियों के साथ बहा रोहित माता-पिता का इकलौता बेटा है। पांचों अनमैरिड है। पांचों सैटल होने की तैयार में जुटे थे, लेकिन लाड़ प्यार से पाले बेटों के साथ जो घटना हुई, उसने परिजनों को झकझोर कर रख दिया है।

सोनीपत में रोहट के पास नहर में गिरी कार

- लोगों का कहना है कि यह सड़क खूनी है। इसने 5 लोगों की जान अक्टूबर-2017 में निगली थी। तब हादसे में सगे भाई धर्मवीर, रघुवीर, भतीजे जितेंद्र, भाभी मूर्ति व धर्मवीर की पत्नी आशा की मौत हो गई थी।

- रोहट के लोग हादसे से उभर ही रहे थे कि 29 दिसंबर को सुबह इकलौते बेटे अजय को ट्रक ने कुचल दिया। लोगों ने बताया कि गांव के 6 लोग तीन माह में हादसों का शिकार हुए।

- सिंघू बॉर्डर पर भी इसी माह बड़ा हादसा हुआ था। इसमें चार युवकों की मौत हुई थी। इनमें एक अंतरराष्ट्रीय वेट लिफ्टर था।

पांचों के प्यार ने सांपला के बाजारों को करवा दिया बंद
- मेन बाजार में पांच युवकों की गाड़ी नहर में गिरने की खबर से पूरा बाजार हैरान रह गया। लोगों ने बाजार बंद कर दिया और हर कोई पांच दोस्तों की बातें करने लगा। हर किसी की जुबान पर सिर्फ इन्हीं दोस्तों की कहानियां ही थी। यहां पर लोगों की भीड़ जमा थी।

- हर किसी की जुबान से एक ही बात निकल रही थी कि ये पांचों हर समय इकट्ठे ही दिखते थे। बचपन के दोस्त है। हर किसी के साथ हंसकर बातचीत करते थे। सांपला से लक्ष्य का मकान है।

- लक्ष्य के संस्कार के बाद उसकी मां मकान बाहर बैठकर रो रही है, कहती है कि अब अपने लाल के बिना कैसे रह पाएगी। इससे 100 मीटर की दूरी पर चिराग का मकान है, वहां पर परिवार के पूरे सदस्य नहीं थे। जो हैं वे सब चुपचाप और हैरान रहे।

- इधर रोहित का पूरा परिवार उसकी तलाश में जुटा हुआ था। हितेश की मां का रो-रोकर बुरा हाल थे। घर के अंदर प्रवेश करने वाले हर किसी से अपने बेटे के आने की बात पूछ रही थी।

- रोहित की बहनों के आंसू थम नहीं थे, उनका बुरा हाल था। इधर, शाम करीब साढ़े तीन बजे पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने लक्ष्य के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी।

- इस वक्त रोहतक-सांपला रोड पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। राहगीरों को आने जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सदमे में था चिराग, फैमिलीवालों ने कर दिया कमरे में बंद
- पांच दोस्तों को खोने की बात चिराग के दिलो-दिमाग पर इतना असर कर गई, कि वह बार-बार चिल्लाकर दोस्तों को याद कर रहा था। इसके बाद वह अचानक से खामोश हो गया।

- परिवारवालों ने उसके हालातों को देखकर उसे कमरे में एकांत में बंद कर दिया। इससे कोई मिल नहीं पाया। चिराग परिजनों को उनके पास जाने की बात कह रहा था। इसके चलते परिजनों ने चिराग को एक कमरे में बंद कर दिया और उसको सभी को सही हालात में होने की बात कही।

- परिजनों का कहना है चिराग दोस्तों की चिंता को लेकर किसी से कोई बात नहीं कर रहा है।


तैरना नहीं आता था, इसलिए नहीं बच पाई जान
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गाड़ी के टूटे शीशे के जरिए चिराग ने गाड़ी से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। इसी तरह लव ने भी गाड़ी के शीशे से बाहर निकलकर जान बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह तैरना नहीं जानता था, इसलिए उसकी जान नहीं बच पाई।

बेटे का शव देख मां हुई बेहोश

लक्ष्य घर में सबसे प्यारा था। उसका शव रविवार दोपहर करीब 2:45 बजे एंबुलेंस से घर पहुंचा। बेटे का शव मां से देखा नहीं गया। मां एंबुलेंस के पास ही शव देखकर बेहोश हो गई। इससे परिवार के अन्य सदस्य सहम गए। फिर महिलाओं ने अंजू को पानी पिलाया। इसके कुछ समय बाद उसको होश आया।


पढ़ाई में होशियार था हितेश
- हितेश के दोस्त संदीप ने बताया कि हितेश उर्फ हनी बचपन से ही पढ़ाई में होशियार था । उसकी तमन्ना थी कि वह देश के लिए कुछ करें ।

- इसी के चलते उसने सीए बनने की ठान ली थी। जिसके लिए उसने दिन रात कड़ी मेहनत की और पहली बार में ही सीए क्लियर करके उसने दिखा दिया था।


सौरभ पढ़ाई के साथ संभालता है अपने पापा का कारोबार : हादसे में लापता हुए सौरभ सीए की पढ़ाई के साथ अपने पापा के कारोबार में भी हाथ बंटाता रहा। वह समय मिलते ही दुकान पर जाकर काम में उनका सहयोग करता रहा।

राहगीर के फोन से कॉल कर दी सूचना

- चिराग के चचेरे भाई संदीप ने बताया कि रात को करीब साढ़े 11 बजे चिराग ने फोन कर उनको हादसे के बारे में जानकारी दी। जिस वक्त हम मौके पर पहुंचे चिराग नहर के बाहर खड़ा था। चिराग ने उनको बताया कि गाड़ी अचानक रांग साइड जाकर नहर की दीवार से जा टकराई। फिर नहर में गिर गई। जिससे गाड़ी का पीछे का शीशा टूट गया।

- वह उसी रास्ते से गाड़ी से बाहर निकला । तैरना भी आता था। इसके चलते वह किनारे पहुंचा और झाडिय़ां पकड़कर नहर से बाहर निकल गया। फिर एक राहगीर आया गया जिससे फोन लेकर अपने परिजनों को सूचना दी।