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प्रदेश में निगम, परिषद और पालिकाओं का बदल सकता है भूगोल, गांवों की भेजी लिस्ट

सभी आयुक्त, ईओ व सचिव को पत्र भेजकर उन क्षेत्र व गावों के क्षेत्र की पुष्टि करने के आदेश

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 07:51 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो

हिसार. प्रदेश की 8 नगर निगम और परिषदों के भूगोल में बड़े स्तर पर परिवर्तन होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा (यूएलबी) की ओर से प्रदेश के सभी आयुक्त, ईओ व सचिव को पत्र भेजकर उन क्षेत्र व गावों के क्षेत्र की पुष्टि करने के आदेश दिए हैं जो इनमें सम्मिलित किए गए थे। ऐसे में यदि निगम व परिषद के भूगोल में फेरबदल होता है तो प्रदेश की शहरी राजनीति और प्रशासनिक दृष्टि से भी बड़ा परिवर्तन आएगा। फिलहाल यूएलबी ने यह रिपोर्ट 18 जनवरी से पहले देने के आदेश जारी किए हैं।


बता दें कि पूर्व में चंड़ीगढ़ में कैबिनेट कि हुई अनौपचारिक बैठक में हुड्डा सरकार के समय जोड़ी गई पंचायतों को निगम के दायरे से बाहर करने को लेकर विचार विमर्श हुआ था। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि हुडा सरकार में बनी 7 निगमों में से कई निगम टूट सकती हैं। क्योंकि उस दौरान कई पंचायतें परिषद व पालिकाओं में जोड़ी गई थी। जबकि उनका कई जगह विरोध भी हुआ था। हालांकि मौजूदा समय में स्थिति को देखते हुए फिर से कई पंचायतों को निगम व परिषद से बाहर करने पर विचार विमर्श हुआ।

यूएलबी ने सूची भेज मांगी पुष्टि

लोकल गवर्नमेंट डायरेक्टरी (एलजीडी) के तहत यूएलबी ने नगर निगम अंबाला, हिसार, रोहतक, करनाल, पंचकुला, सोनीपत, पानीपत और यमुनानगर ये 8 निगम सहित नगर परिषद व पालिकाओं की लिस्ट आयुक्त, ईओ, सचिवों को भेजकर उनसे पुष्टि करने के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि जो लिस्ट आपको भेजी गई है उसमें अगर कोई गांव या अन्य क्षेत्र की सीमा दर्शाने से रह गई तो उसे चैक करके स्पष्ट रिपोर्ट भेजे। साथ ही संबंधित अधिकारी या कर्मचारी जो मामले का पूर्ण ज्ञान रखता हो उसे भी निदेशालय में रिपोर्ट के साथ भेजा जाए।

वार्डबंदी में भी होगा परिवर्तन

सरकार में निगम, परिषद व पालिका से जोड़ी पंचायतों को यदि हटाने का फैसला लिया जाता है। तो जिन शहरों में वार्डबंदी हो चुकी है उनमें क्षेत्र का परिसीमन फिर से करना होगा। सर्वे रिपोर्ट दोबारा तैयार कर नए वार्डों का गठन करना पड़ेगा। साथ ही वार्डों की संख्या में भी परिवर्तन होगा। ऐसे में 3 लाख की आबादी से कम वाली निगम परिषद में परिवर्तित करनी होगी। साथ ही विकास कार्यों के भविष्य के प्रपोजलों में भी परिवर्तन होगा।

334 क्षेत्रों की भेजी गई सूची

शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा के उप निदेशक (निर्वाचन) की ओर से 334 क्षेत्रों की सूची पुष्टि के लिये भेजी है। जिसमें हिसार, भिवानी, चरखीदादरी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, मेवात, पलवल, पंचकुला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर शहरों के गांव व अन्य क्षेत्र जो इनकी निगम, परिषद व पालिका में सम्मिलित हुए उनकी सूची भेजी गई है। जिसमें क्षेत्र के साथ यह भी जानकारी दी है कि कौन से क्षेत्र पूरे जोड़े गए है और कौन से आधे या कुछ पार्ट इनमें जुड़ा था।

जिलों के कितने गांव निगम परिषद, पालिकाओं से जोड़े

प्रदेश के विभिन्न जिलों के 334 गांव व अन्य क्षेत्र निगम, परिषद व पालिकाओं में जोड़े गए थे। इसमें अंबाला जिले के - 31, भिवानी - 5, चरखी दादरी - 1, फतेहाबाद - 7, गुरुग्राम - 26, हिसार - 6, झज्जर - 3, जींद - 5, कैथल - 4, करनाल - 29, कुरुक्षेत्र - 5, महेंद्रगढ़ - 6, मेवात - 9, पलवल - 16, पंचकुला - 66, पानीपत - 12, रेवाड़ी - 4, रोहतक - 14, सिरसा - 3, सोनीपत - 34, यमुनानगर - 47 क्षेत्र निगम, परिषद व पालिका में जोड़े गए क्षेत्र की लिस्ट पुष्टि के लिये भेजी है।