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जाटों ने शुरू किया ट्रैक्टरों का रजिस्ट्रेशन, पुलिस अधिकारियों ने की समीक्षा बैठक

जींद की बाइक रैली का विरोध करने के लिए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने भी तैयारियां तेज कर दी है।

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 06:42 AM IST

रोहतक. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की 15 फरवरी को जींद की बाइक रैली का विरोध करने के लिए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने भी तैयारियां तेज कर दी है। जाट आरक्षण आंदोलन में मारे गए लोगों की याद में 18 फरवरी को प्रदेश में बलिदान दिवस मनाया जा रहा है। प्रदेश के हर जिले को सेक्टर में बांटा गया है। इस दौरान 15 फरवरी को जींद के 7 मुख्य रास्तों पर बच्चे व महिलाओं के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर जाट पहुंचेंगे। वो अपने साथ ही पालतू पशुओं को लेकर भी जाएंगे।

उधर, लघु सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के आला अफसरों ने जाटों के इस रणनीति के मद्देनजर एक समीक्षा बैठक की। वहीं पुलिस बल को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए किसी आदेश का इंतजार न करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
समिति की तरफ से जींद में 750 ट्रैक्टरों का अभी तक रजिस्ट्रेशन हो चुका है। वहीं अन्य जिलों में समिति रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चला रही है। अब की बार जींद के चारों ओर से लोग आएंगे। हर गांव में वालंटियर भी तैनात रहेंगे। तैयारियों को लेकर रोहतक को 8 सेक्टरों में बांटा गया है। गुरुवार को सोनीपत में भी मीटिंग की गई है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बलहारा ने बताया कि 15 फरवरी को समाज जींद पहुंचकर अमित शाह सेे प्रदेश की जनता के साथ की गई धोखाधड़ी के बारे में जवाब मांगेंगे।


काले झंडे दिखा करेंगे विरोध
जींद में होने वाली अमित शाह की रैली के विरोध में गुरुवार को महम में भी जाट आरक्षण संघर्ष समिति सदस्यों की एक बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से रैली का विरोध किए जाने की बात कही गई। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष जयबीर टिटोली ने बताया कि महम क्षेत्र से 15 फरवरी को ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर समाज के लोग लाखनमाजरा चौक पर एकत्रित होंगे। वहां से सीधे जींद रैली के लिए कूच करेंगे। अमित शाह को काले झंडे दिखाकर विरोध जताया जाएगा। अगर पुलिस ने उन्हें रोका, तो वे बीच सड़क धरने पर बैठ जाएंगे।

अमित शाह की रैली, पैरामिलिट्री की मांगी 150 कंपनियां

चंडीगढ़| 15 फरवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की जींद में रैली है। जबकि 18 फरवरी को जाट आरक्षण आंदोलन में मारे गए लोगों की याद में बलिदान दिवस मनाया जा रहा है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अलावा इनेलो और कांग्रेस ने अमित शाह का विरोध करने का एेलान किया है। ऐसे में दोनों कार्यक्रमों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरियाणा सरकार ने केंद्र से पैरामिलिट्री की 150 कंपनियां मांगी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश के हालात पर रिपोर्ट तलब की है। प्रदेश के गृह सचिव एसएस प्रसाद ने केंद्रीय गृह सचिव को हालात से अवगत कराया है।

शाह से 5 सवालों के जवाब मांगेंगे जाट

-19 मार्च 2017 को हुए प्रदेश सरकार से संबंधित सभी मांगें कब तक पूरी होंगी।
-केंद्र के लिए लोकसभा में राष्ट्रीय सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग आयोग बिल कब तक पास हो जाएगा। उसके बाद जाट समाज को कितने दिनों में केंद्र में आरक्षण मिल जाएगा।
-सरकार में मंत्री अभिमन्यु पर अपने निजी हितों के लिए सरकारी पदों के दुरुपयोग करने पर कब तक लगाम लगाई जाएगी।
-भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला व अन्य भाजपा नेताओं के संघर्ष समिति की रैली पर हमला कराने के आरोपियों को संरक्षण देने के मामले की जांच कब कराई जाएगी।
-प्रदेश में भाईचारा तोड़ने वाले अपनी ही पार्टी के सांसदों व कार्यकर्ताओं पर भाजपा लगाम कब लगाएगी।

इधर- भरवा रहे सड़क सुरक्षा-स्वच्छता का पत्र

जींद की बाइक रैली के मद्देनजर नेताओं और कार्यकर्ताओं से सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और रैली स्थल पर स्वच्छता के लिए संकल्प दिलाया जा रहा है। संकल्प पत्र एवं पंजीकरण फार्म में भाजपा नेता और कार्यकर्ता के नाम-पता से लेकर ई-मेल, फेसबुक और ट्वि‍टर आईडी, बाइक के नंबर सहित वह किस जिले, विधानसभा क्षेत्र और मंडल का रहने वाला है, यह जानकारी जुटाई जा रही है। शाह के सामने पार्टी के नेता शक्ति प्रदर्शन भी करेंगे। हर विधानसभा क्षेत्र से करीब 2500-2500 लोगों को लेकर जाने का टारगेट निर्धारित किया गया है। यही वजह है कि संकल्प पत्र में गृहक्षेत्र को शक्ति केंद्र का नाम दिया गया है। यातायात नियमानुसार दुपहिया वाहन पर सिर्फ राइडर सहित एक अन्य सवारी बैठ सकती है।