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वार्डबंदी की एडहॉक कमेटी में 5 में से 4 भाजपाई,इनेलो पार्षद ने दी भूख हड़ताल की धमकी

वार्डबंदी की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए लंबे इंतजार के बाद एडहॉक कमेटी के पांच सदस्यों के नाम तय कर दिए गए हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 08:27 AM IST
municipal Corporation names of five members of the adhoc committee decided

रोहतक. छह माह बाद होने वाले नगर निगम चुनाव से पहले वार्डबंदी की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए लंबे इंतजार के बाद एडहॉक कमेटी के पांच सदस्यों के नाम तय कर दिए गए हैं। इसी के साथ अब नया विवाद भी शुरू हो गया है। नगर निगम आयुक्त की ओर से जो पांच नाम दिए गए हैं, उनमें से चार भाजपा समर्थित हैं अौर केवल एक पार्षद कांग्रेस खेमे से है।

- एडहॉक कमेटी में कांग्रेस के घटते बहुमत को देखकर मेयर रेणु डाबला ने बैठक में ही विरोध जताना शुरू कर दिया। अब कांग्रेसी पार्षदों के नामों को शामिल करने की मेयर ने मांग की है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सदस्यों का चयन जातिगत व जनसंख्या के आधार पर किया गया है।

- अब इन नामों पर फाइनल मुहर लगने के बाद वार्डबंदी को लेकर दूसरी बैठक बुलाई जाएगी। एडहाॅक कमेटी में 9 सदस्य होते हैं। इनमें डीसी, निगम कमिश्नर, स्थानीय निकाय विभाग से प्रतिनिधि और मेयर का स्थान पक्का होता है और 5 सदस्य बाकी बचे 19 पार्षदों व 31 पूर्व पार्षदों में से चुने जाते हैं।

भाजपा पार्षदों का नाम सुनते ही मेयर ने गिनवाए कांग्रेसी पार्षदों के नाम
- मंगलवार शाम साढ़े चार बजे नगर निगम की वार्डबंदी प्रक्रिया के तहत डीसी कॉन्फ्रेंस हाल में बैठक शुरू हुई। इसकी अध्यक्षता डीसी डॉ. यश गर्ग ने की। इस बैठक में एडहॉक कमेटी के शेष 5 सदस्यों के नाम तय किए जाने थे। इसलिए यह पहली औपचारिक बैठक ही रही।

- करीब आधा घंटा चली इस बैठक में निगम आयुक्त की ओर से पांच नाम दिए गए, इसमें सीनियर डिप्टी मेयर मंजू रानी हुड्डा, पार्षद अजय जैन टाटू, पार्षद जय किशन राजोतिया, पार्षद पूनम किलोई और पूर्व पार्षद अशोक सिक्का के नाम थे।

- बैठक में मौजूद मेयर रेणु डाबला ने जैसे ही नामों को सुना तो उन्होंने बीच बैठक में ही आपत्ति जतानी शुरू कर दी। मेयर रेणु डाबला ने कांग्रेस पार्टी से पार्षद अनीता मिगलानी, गुलशन ईशपुनियानी या वार्ड 3 की पार्षद सुशीला इंदौरा को कमेटी में शामिल करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन बाकी एडहॉक कमेटी के सदन में मौजूद सदस्यों ने यह कहते हुए मेयर की आपत्ति को खारिज कर दिया कि सदस्यों का चयन जनसंख्या और जाति के आधार पर किया जा रहा है।

अब निगम में हैं 502 ब्लाॅक
सर्वे के मुताबिक यदि जनसंख्या साढ़े 5 लाख होती तो नगर निगम में 24 वार्ड भी बन सकते थे। जनसंख्या के आधार पर ही अब निगम में 488 की जगह जाति के हिसाब से 502 ब्लाक हैं। चुनाव के दौरान हर वार्ड में 11 से 12 बूथ बनाए जाएंगे। अब वार्डों की कांट-छांट को लेकर राजनीतिक हस्तक्षेप भी होगा। चूंकि आगामी विधानसभा चुनाव को भी यह वार्डबंदी पूरी तरह से प्रभावित करने वाली होगी। इसी के आधार पर विधानसभा में हस्तक्षेप किया जा सकेगा।

कम से कम एक निर्दलीय पार्षद को तो लेते
- वार्ड 14 की पूर्व पार्षद नौरातामल भटनागर ने बताया कि मैं खुद तो पूर्व पार्षद हूं और पत्नी नीरा वर्तमान में पार्षद हैं। महिला सीट होने केे चलते पत्नी को चुनाव में निर्दलीय तौर पर उतारा था। कम से कम इस एडहॉक कमेटी की बैठक में एक निर्दलीय पार्षद को भी शामिल किया जाना चाहिए था।

- जाति वर्ग का आधार बनाकर सिर्फ पार्टी के लोगों को ही शामिल किया गया है। वार्डबंदी निगम का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं। इसमें पार्टी से हटकर निष्पक्ष तौर पर वार्डों का सीमांकन करना चाहिए।

इकलौता इनेलो पार्षद हूं, जाति के आधार पर भी लेना चाहिए था
वार्ड 9 के पार्षद इस बलराज बल्लू मामले में डीसी से मुलाकात की जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि मैं इनेलो से अकेला विजयी प्रत्याशी हूं। सिर्फ भाजपा वालों को ही एडहॉक कमेटी में लिया गया है। जहां तक जाति वर्ग की बात है तो मुझे जाट जाति वर्ग के आधार पर शामिल किया जा सकता था। यदि कमेटी में मुझे शामिल नहीं किया गया तो मैं भूख हड़ताल पर बैठ जाऊंगा। इस मामले में पार्टी हाईकमान से भी बात की जाएगी और किसी भी स्तर पर गलत बात से समझौता नहीं किया जाएगा।

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