रोहतक

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अपनों ने सड़क पर छोड़ा तो जिंदगी की डगर पार कराने के लिए बढ़े हाथ

एक बच्चे को जन्म के तुरंत बाद परिजन सड़क पर छोड़कर चले गए। अब उसके तीन और नए रिश्ते बन गए।

Danik Bhaskar

Feb 14, 2018, 06:38 AM IST

रोहतक। एक बच्चे को जन्म के तुरंत बाद परिजन सड़क पर छोड़कर चले गए। अब उसके तीन और नए रिश्ते बन गए। पहला रिश्ता मदन लाल के साथ। दूसरा रिश्ता हरिओम सेवा दल में कार्यरत पूजा से बना है। जोकि दिन भर नवजात शिशु की पीजीआईएमएस में देखभाल करती है। तीसरा रिश्ता पीजीआई में ही उसकी रात को देखभाल करने वाली बबली से बना है।

अब नवजात को गोद लेने के लिए एक जज के रिश्तेदार तक मदनलाल के पास पहुंच चुके है। लेकिन छह बेटियों और एक बेटे का पिता मदनलाल खुद इस बच्चे की परवरिश का जिम्मा उठाना चाहता है। मदनलाल का कहना है कि जब उसे ये बच्चा मिला उस समय बारिश शुरू हो चुकी थी। वो उसे बारिश में ही घर लेकर गया। उसके बच्चों ने घर आए इस नन्हे को गोपाल नाम दिया। मदन का गोपाल। दो दिन में मदनलाल बच्चे को संभालने के लिए दस बार पीजीआई का चक्कर लगा चुका है। पुलिस को भी उसने ही शिकायत दर्ज कराई है।


गोद लेने को आए 5 परिवार
मदनलाल का कहना है कि मंगलवार को उसके पास तीन अलग- अलग महिलाओं समेत कुल पांच लोग पहुंचे।जिनमें से कोई अपने को जज का रिश्तेदार तो कोई किसी प्रशासनिक अधिकारी का संबंधी बता रहा था। सब बच्चे को गोद लेने की बात कह रहे है। उसने सभी को पुलिस से संपर्क करने की बात कही है। वही बच्चे के बारे में बता सकेंगे।

पहले बिल्ली के रोने की आवाज लगी, फिर बच्चे का शक होने पर बाहर आया
आर्यनगर के मदनलाल का कहना है कि वह रविवार की शाम अपने परिवार के साथ सोया हुआ था। रात डेढ़ बजे उसने आवाज सुनी। लगा कि बिल्ली रो रही है। दोबारा फिर आवाज आई तो उसे बच्चे के रोने की आवाज की शंका हुई। फिर वह मकान से बाहर आया। उसने देखा तो उसके मकान के सामने एक खून से लथपथ बच्चा सड़क पर पड़ा हुआ था। बारिश की हलकी फुहार पड़ रही थी। वह एक दम से मकान के अंदर गया। अपने बैड की चादर लेकर आया। इसके बाद बच्चे को चादर में लपेट लिया। फिर उसे अंदर ले आया। उसने उसे दूध पिलाने की सोची, लेकिन वह डर गया। कहीं बच्चे को कोई दिक्कत न हो जाए।

इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस को सूचना दी। इसके कुछ समय बाद ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। फिर वह अपने बेटे हनी व पुलिस के साथ नवजात को इलाज के लिए पीजीआईएमएस में लेकर पहुंचा। वह अाज भी पीजीआई में नवजात का हाल चाल जानने के लिए गया था। मदनलाल का कहना है कि वह उस बच्चे को अपने पास रखना चाहता है। अगर पुलिस बच्चे के असली मां- बाप का पता नहीं लगा सकी तो वह बच्चे को खुद गोद लेने की प्रशासन से गुहार करेगा।

चम्मच से पिलाती हूं दूध, वजन है 2.50 किलोग्राम
रिओम सेवा दल में कार्यरत पूजा सोमवार की सुबह से ही नवजात शिशु की देखभाल कर रही है। पूजा नवजात को चम्मच से दूध पिला रही है। डॉक्टरों से उसके स्वास्थ्य के बारे में हर समय जानकारी ले रही है। हालांकि डॉक्टर फिलहाल नवजात को स्वस्थ बता रहें है। पूजा के अनुसार एक ही दिन में उसका बच्चे से खूब स्नेह हो गया है। वार्ड में दूसरे बच्चों को संभालते समय भी वो उसी पर नजर टिकाए रहती है।

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