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आसमान से खेत में गिरा पैराशूटनुमा बैलून, लोगों में दहशत का माहौल

गांव बासड़ी के खेत में पैराशूटनुमा गुब्बारा मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 06:38 AM IST

सतलानी मंंडी। गांव बासड़ी के खेत में पैराशूटनुमा गुब्बारा मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। उपकरण लगे इस गुब्बारे को देखकर ग्रामवासियों ने इसकी सूचना थाना सतनाली व सरपंच बासड़ी को दी। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी कैलाशचंद टीम के साथ मौके पर पहुंचे व गुब्बारे की जानकारी आपदा प्रबंधक नारनौल को दी। गुब्बारे की सूचना मिलने पर आपदा प्रबंधक नारनौल से शोध अधिकारी बिजेन्द्र साहु मौके पर पहुंचे और जांच की। ये था मामला...

शुक्रवार गांव बासड़ी के खेत में पैराशूटनुमा गुब्बारा नीचे गिरा हुआ था। जिस पर कुछ इलेक्ट्रिक प्लेट आदि उपकरण लगे हुए थे। गुब्बारे पर किसानों की नजर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस व सरपंच बासड़ी को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी कैलाशचंद व आपदा प्रबंधक नारनौल से शोध अधिकारी बिजेन्द्र साहू ने गुब्बारे की जांच शुरू की और गुब्बारे के ऊपर अंकित अक्षरों आदि के माध्यम से चंडीगढ़ व पटियाला में अधिकारियों से सम्पर्क कर गुब्बारे के बारे में अवगत करवाया। जानकारी लेने के बाद उन्होंने बताया कि ये गुब्बारा आईएमडी डिपार्टमेंट का है। जो चंडीगढ़ और पटियाला में तैयार किए जाते हैं, लेकिन इनको छोड़ने का कार्य दिल्ली डिपार्टमेंट करता है। इसके बारे में आपको दिल्ली कार्यालय में सम्पर्क करना पड़ेगा। इसके उपरांत बिजेन्द्र शाहु द्वारा दिल्ली डिपार्टमेन्ट में गुब्बारे की जानकारी लेने के लिए सम्पर्क किया गया तो गणतंत्र दिवस होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पाया। बहरहाल इसके बारे में साईबर सैल नारनौल को भी अवगत करवा दिया गया है और जांच जारी है।


डरने की जरूरत नहीं, मौसम विभाग का है बैलून

आपदा प्रबंधन विभाग के शोधकर्ता वीरेंद्र साहू ने गुब्बारे पर लगे उपकरण की जांच की तो पाया की गुब्बारा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मौसम की जानकारी के लिए छोड़े जाने वाले उपकरण जैसा मिला। इसके उपरांत बीरेंद्र साहू संबंधित विभाग के पटियाला व चंडीगढ़ केन्द्र से इस बारे में बात की जिसके बाद शुक्रवार को बासड़ी में मिला गुब्बारा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मौसम की जानकारी के लिए दिल्ली केन्द्र से रिलीज किया गया मिला। यंत्रों से लैस गुब्बारा किसी तकनीकी कारणों से नीचे गिरने की संभावना जताई जा रही है जबकि सही कारणों का पता नहीं चल पाया है और जांच के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के पास भेजने की बात कही जा रही है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस उस संदिग्ध गुब्बारे को पुलिस कब्जे में लेकर जांच के लिए थाना परिसर में लाकर जांच में जुटी हुई थी।

प्रशासन कर रहा मामले की जांच
आपदा प्रबंधन विभाग के शोधकर्ता वीरेंद्र साहू ने बताया कि मौसम की जानकारी के लिए दिल्ली हेडक्वार्टर से ऐसे बैलून छोड़े जाते हैं। इस बैलून में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी। जिससे यह क्षेत्र के खेतों में गिर गया। दूसरे दिन बैलून यहां क्यों गिरा, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच की बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल लोगों को इससे डरने की जरूरत नहीं है। जिला प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

बैलून में यह उपकरण मिले
जानकारी के अनुसार गुब्बारे में 4 बैटरी, 1 इलेक्ट्रोनिक्स प्लेट, 1 एंटिना सहित लगभग 25 मीटर लम्बी रस्सी लगी हुई थी। थाना प्रभारी कैलाशचंद ने बताया कि गुब्बारे की जानकारी मिलते ही वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। शोध अधिकारी बिजेन्द्र शाहु नारनौल ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और जांच के दौरान गुब्बारे पर अंकित अक्षर आदि के माध्यम से चंडीगढ़ व पटियाला में अधिकारियों से सम्पर्क किया गया तो पता चला है कि गुब्बारा आईएमडी डिपार्टमेनट का है लेकिन गुब्बारा यहां कैसे पहुंचा? ये अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। क्योंकि गुब्बारा छोड़ने का कार्य दिल्ली स्थित कार्यालय द्वारा किया जाता है। उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि इसके बारे में हमने साईबर सैल नारनौल को भी अवगत करवा दिया है, अभी जांच जारी है।