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कोर्ट में पेशी पर आते रामकरण को नाबालिग लड़कों से मरवाने का प्लान था बिट्टू का, मुठभेड़ से पहले सौंप दिया था जिम्मा

गैंगस्टर संदीप बड़वासनी और रामकरण बैयांपुर की गैंग के बीच गैंगवार की आशंका बढ़ गई है।

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 07:36 AM IST

रोहतक. गैंगस्टर संदीप बड़वासनी और रामकरण बैयांपुर की गैंग के बीच गैंगवार की आशंका बढ़ गई है। दरअसल संदीप बड़वासनी के मरने के बाद उसकी गैंग चला रहे अजय उर्फ बिट्टू ने पुलिस के सामने खुलासा किया है कि पुलिस मुठभेड़ में काबू आने से पहले वो रामकरण बैयांपुर और उसके कुछ खास लोगों की हत्या का टारगेट अपने शूटरों को दे चुका था। ये वो शूटर हैं जिनके बारे में पुलिस या रामकरण गैंग से जुड़े किसी शख्स को कोई जानकारी नहीं है। बिट्टू ने बताया कि उसने जिन शूटर को जिम्मा सौंपा है वो सभी नाबालिग लड़के हैं। सभी की उम्र 14-15 साल के बीच है। उसने इन्हें कुछ दिन पहले ही गैंग से जोड़ा था। कुछ को उसने हथियार भी उपलब्ध करा दिए थे। इन दिनों बिट्टू पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल होने के बाद पीजीआई में दाखिल है। उसका पुलिस हिरासत में इलाज चल रहा है। वहीं उसके दो साथी शूटर विकास उर्फ फौजी और विकास उर्फ एक्शन पुलिस रिमांड पर हैं।

आसानी से कैदी वैन तक पहुंचकर सकते थे शूट : बिट्टू ने बताया कि पुलिस के पास उसकी गैंग से जुड़े कई लोगों के बारे में अहम जानकारी थी। रामकरण बैंयापुर की गैंग के लोग भी उन्हें पहचानते थे। ऐसे में उन्हें रामकरण को पुलिस हिरासत में मारने में दिक्कत हो रही थी। नाबालिग लड़के कोर्ट में पेशी के दौरान रामकरण की गाड़ी के पास आसानी से पहुंचकर उसे शूट कर देते। इसके लिए उसने कई लड़कों तैयार कर लिया था। उन्हें काफी रुपया भी दिया था।
काली समेत दूसरे शूटरों के गिरेबां तक पहुंची पुलिस की दो टीम: पुलिस वकील सत्यवान मलिक हत्याकांड के बाकी बचे शूटरों तक भी पुलिस पहुंच चुकी है। कभी भी ओमबीर उर्फ नन्हा, रोहित काली, अजय उर्फ चांद, रविंद्र बड़वासनी, अमित उर्फ मीता, मदन टीटू, जोगेंद्र पांची की गिरफ्तारी हो सकती है।


पुलिस टीम कर रही ट्रेस
बिट्टू के खुलासे के बाद रोहतक पुलिस ने अब उन नाबालिगों की लिस्ट तैयार कर ली है जो बिट्टू से जुड़े रहे हैं। पुलिस की एक टीम को इनको पकड़ने की जिम्मेदारी सौंप दी है।