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रेस पूरी कराए बगैर रिजल्ट देने पर हंगामा, भीड़ से घिरे रहे सुनील शेट्टी औऱ महिमा चौधरी

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ थीम पर माइक्रॉन पृथ्वी फाउंडेशन द्वारा कराई गई मैराथन में अव्यवस्थाएं व्याप्त रही।

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2017, 05:12 AM IST
Rampage in marathon for giving results without completing  race

रोहतक. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ थीम पर माइक्रॉन पृथ्वी फाउंडेशन द्वारा कराई गई मैराथन में अव्यवस्थाएं व्याप्त रही। आयोजकों द्वारा मैराथन के लिए 12 हजार धावकों के रजिस्ट्रेशन किए जाने का दावा किया गया, लेकिन विभिन्न आयु वर्ग में 6 से 11 किमी की हुई रेस में महज 15 फीसदी यानी 1800 के करीब धावक ही शामिल हुए। सर्वाधिक संख्या 700 के करीब अंडर 18 आयु वर्ग के धावकों की रही।

निजी स्कूलों से मैराथन में हिस्सा लेने आए बच्चों ने 6 किमी की रेस पूरी कराए बगैर रिजल्ट घोषित करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आयोजकों द्वारा सुनवाई न करने पर अधिकांश बच्चों को अभिभावकों संग मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। उन्हें पुलिस ने मंच पर जाने से भी रोक दिया। इससे पहले राजीव गांधी खेल परिसर में बॉलीवुड स्टार सुनील शेट्टी, गुलशन ग्रोवर, महिमा चौधरी, यशपाल शर्मा आदि ने धावकों का हौसला बढ़ाया।
किशनपुरा निवासी सक्षम, अमित, शुभम, सांघी गांव से सुशील, जयभगवान सहित अन्य धावक व अभिभावकों ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के नाम पर हमने 150 रुपए शुल्क दिया है। सुबह 6 बजे से हम लोग बिना कुछ खाए पिए ही आयोजन स्थल पर आ गए थे। रेस 9 बजे के बाद शुरू हुई और 11 बजे तक बिना रिफ्रेशमेंट के रहे।

आरोप है कि अंडर 18 आयु के ब्वॉयज वर्ग में 6 किलोमीटर रेस औपचारिकता के तौर पर कराई गई और चंद मिनट में रेस खत्म कराकर रिजल्ट तय कर दिए गए। अभिभावकों व प्रतिभागियों ने हंगामा करते हुए मंच के समीप जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। पुरस्कार वितरण के दौरान भी उन्होंने पक्षपात किए जाने के गंभीर आरोप लगाए।


पत्नी को हुई दिक्कत तो शेट्टी काे आया गुस्सा, योगेश्वर भीड़ में फंसे
अभिनेता सुनील शेट्टी को उस समय गुस्सा आया जब सेल्फी लेने के लिए एक के बाद एक युवक-युवतियों के आने से उनकी पत्नी मना शेट्टी असहज हो गई। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से नाराजगी जताते हुए फोटो खिंचाने से रोकने के लिए कहा। वहीं, ओलंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त भी सेल्फी लेने वालों के बीच फंस गए। करीब 10 मिनट तक वे प्रशंसकों से घिरे रहे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें मुश्किल से निकाला।

तीसरे स्थान पर आने का दावा करने वाले सक्षम को नहीं मिला इनाम तो निकले आंसू

रोहतक. किशनपुरा निवासी व पठानिया स्कूल के छात्र सक्षम ने बताया कि वह सुबह साढ़े 6 बजे ग्राउंड पर आया था। 6 किमी की रेस में शामिल हुआ और तीसरे स्थान पर आया, लेकिन उन्होंने मेरा नाम हटाकर दूसरे प्रतिभागी का नाम लिख दिया। सक्षम काफी देर तक रोता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई।

सारे आरोप निराधार हैं, टेक्निकल कोर कमेटी कर रही थी निगरानी
माइक्रॉन पृथ्वी फाउंडेशन के संचालक करन विग ने बताया कि ट्रैक के ऊपर 4 कैमरे व पायलट वैन के साथ एक कैमरा लगाकर पूरे आयोजन की रिकॉर्डिंग कराई गई थी। मैराथन में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जाए, इसके लिए हमने खेल विभाग को पत्र लिखकर डीएसओ की अगुवाई में एक्सपर्ट्स की टेक्निकल कमेटी बनवाई थी। कमेटी ने 6 व 11 किमी की रेस में पूरी तरह नजर रखी है। अभिभावकों व बच्चों द्वारा पक्षपात लगाए जाने के आरोप पूरी तरह निराधार है। रिजल्ट तैयार किए जाने में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है।

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