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दो आंतकी मारनेे वाले बेटे को मिला सेना मेडल, पिता बोला- बेटे पर गर्व

एलओसी पार कर भारत में घुसने का प्रयास कर रहे दो आतंकवादियों को मौके पर ढेर कर दिया।

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 04:54 AM IST

झज्जर. झज्जर के सुरहेती गांव के जवान विक्की ने बीते साल अगस्त 2016 में देश की सीमा की रक्षा करते हुए एलओसी पार कर भारत में घुसने का प्रयास कर रहे दो आतंकवादियों को मौके पर ढेर कर दिया। विक्की की इस वीरता पर उसे आर्मी मुख्यालय दिल्ली में सेना मेडल से नवाजा गया। अब अपने बेटे को ये सम्मान मिलने पर पिता अनिल सिंह बेहद गौरव महसूस कर रहे हैं।


गौरव का क्षण इसलिए भी है कि जब बेटा आतंकवादियों से लोहा ले रहा था तब सेना में ही तैनात सूबेदार पिता उससे 700 मीटर दूर दूसरे मोर्चे पर तैनात था। जब पुत्र का आपरेशन खत्म हुआ तब पिता की टुकड़ी ही सर्च के लिए पहुंची। अब पिता-पुत्र के देश सेवा के इस जज्बे को सेना ने भी सलाम किया है।

पिता-पुत्र नोगांव में तैनात थे, दो घंटे के बाद घुसपैठ का पता चला
- पिता अनिल ने बताया कि लोहड़ी वाले दिन जब दिल्ली के आर्मी परेड ग्राउंड में सेना की वेस्टर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेेंट जनरल सुरेंद्र सिंह उसके बेटे विक्की के सीने में सेना मेडल लगा रहे थे तब उसी क्षण उसकी छाती भी चौड़ी हुई।

- ये दोनों पिता-बेटे 18 जाट रेजीमेंट में हैं। पिता सूबेदार अनिल कुमार अगस्त 2016 की उस रात को बताते हैं जब कश्मीर के नोगांव में तैनाती के दौरान विक्की नीरिया पोस्ट पर अलग टुकड़ी के साथ तैनात था और वो टूम बेक टू पोस्ट पर था।

- दो घंटे बाद हमें सूचना मिली कि नीरिया पोस्ट जहां उसका पुत्र तैनात था वहां फायर के साथ घुसपैठ का प्रयास हुआ है।

- दो आतंकी ढेर हैं और दो अन्य भाग गए हैं। अपने पुत्र की पोस्ट पर हुए इस वाकिए के बाद पिता की टुकड़ी सर्च आपरेशन के लिए आई और जब आॅपरेशन खत्म हुआ तो सेना के जवानों ने विक्की को कंधे पर उठा लिया, उसे जब पता चला कि विक्की ने दो आतंकी मार गिराए हैं तब उसी क्षण उसकी आंखों में आंसु आ गए।

- अब सेना मेडल मिलने पर पिता अनिल कुमार बोला कि उनके परिवार कई पीढ़ियों से देश सेवा में है, लेकिन पहली बार सेना का मेडल सम्मान विक्की ने प्राप्त किया है।

दोनों बेटे सेना में भर्ती किए
- अनिल कुमार और उसके सेना में रहते देश सेवा के जज्बे को इसलिए भी समझा जा सकता है कि अनिल ने अपने दोनों बेटों को सेना में भर्ती कराया।

- विक्की सेना में 27 मार्च 2013 को भर्ती हुअा। इसके बाद उसका छोटा भाई विकास भी सेना की मेरठ यूनिट में ईएमई में तैनात है।


पूरा कुनबा है देश सेवा में समर्पित
- सुरहेती का अनिल कुमार का परिवार पूरे गांव में फौजी कुनबे के रूप में जाना जाता है। अनिल व उसके दोनों बेटे अभी सेना में है।

- अनिल के पिता मूगड़ाराम सेना की सेकेंड ग्रेनेडियर में तैनात रहे। इसी प्रकार दादा हवलदार फतेहसिंह ने सेना में रहकर देश सेवा की। अनिल के चचेरा छोटा भाई मेजर बलवान सिंह अभी सेना में है।