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पहाड़ी में मिली विष्णु के वामन अवतार की प्रतिमा, धार्मिक महत्व वाली है पहाड़ी

आठ सौ फुट ऊंची पहाड़ी पर भगवान विष्णु के पांचवे वामन अवतार की प्रतिमा मिली है।

Dainik Bhaskar

Jan 07, 2018, 06:15 AM IST
Statue of Lord Vishnu s Vaman Avatar found in hill

तोशाम. आठ सौ फुट ऊंची पहाड़ी पर भगवान विष्णु के पांचवे वामन अवतार की प्रतिमा मिली है। प्रतिमा 8वीं से 10वीं शताब्दी के मध्य की मानी जाती है। 10 से 11 शताब्दी पूर्व की प्राचीन प्रतिमा मिलने से तोशाम पहाड़ी की ऐतिहासिकता व धार्मिक महत्ता के अलग ही मायने हैं।
गौरतलब है कि आठ सौ फुट ऊंची पहाड़ी धार्मिक एवं ऐतिहासिक इतिहास को समेटे हुए है। पहाड़ी पर बने बाबा मुंगीपा धाम में तोशाम ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों की भी गहरी आस्था है।

लोगों की मान्यता है कि बाबा मुंगीपा बुद्ध काल के चौरासी सिद्ध और चौसठ योनियों में एक सिद्ध पुरुष थे। पत्थरों पर बने दो शिला लेखों के बाद पहाड़ी की चोटी पर अब मलबे से त्रेता युग के प्रथम व भगवान विष्णु के वामन अवतार की प्रतिमा मिली है। पहाड़ी पर लगे वायरलैस सिस्टम पर कार्यरत पुलिसकर्मियों द्वारा हाल ही में पानी की टंकियों को व्यवस्थित ढंग से रखने के लिए कुछ मलबा हटाया तो मलबे से वामन अवतार की यह प्रतिमा निकली है।


आठ सौ फुट ऊंची चोटी पर मलबे से वामन अवतार की प्रतिमा निकलने से तोशाम की ऐतिहासिकता को बल मिला है। इतनी प्राचीन प्रतिमा मिलना पहाड़ी की ऐतिहासिकता के तथ्यों को ओर मजबूत करता है। वामन अवतार की प्रतिमा में जो पत्थर इस्तेमाल किया गया है इस बारे में पुरातत्व विभाग की मानें तो प्रतिमा आठवीं से दसवीं शताब्दी के बीच की है। इतनी प्राचीन प्रतिमा मिलना क्षेत्र के लिए बड़ी बात मानी जाती है। श्रीकांत शास्त्री दुल्हेड़ी वाले ने बताया कि वामन विष्णु के पांचवे तथा त्रेता युग के पहले अवतार थे। यह विष्णु के पहले ऐसे अवतार थे जो मानव रूप में प्रकट हुए। बीते दिनों अभिलेखागार विभाग की टीम ने बाबा मुंगीपा धाम के आसपास पहाड़ पर बने पवित्र कुंडों व ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया और महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की थी। टीम को निरीक्षण के दौरान एक पत्थर पर शाही परिवारों के रहन-सहन को दर्शाने वाली रफ -पेंटिग मिली थी, जोकि यहां आसपास किसी क्षेत्र में नहीं है।

पृथ्वीराज चौहान का किला बना है इस पहाड़ी की चोटी पर

मध्यकाल में प्रतापी राजा पृथ्वीराज चौहान का किला इस पहाड़ी की चोटी पर था। 1982 में हवाई जहाज के टकराने से ध्वस्त हो चुके किले के काफी अंश खत्म हो गए थे। कुछ अंश आज भी मौजूद हैं। इस पहाड़ी के मध्य में मौजूद ब्रह्मी लिपि के दो अद्भुत शिलालेखों का रहस्य बरकरार है। पुरातत्व विभाग के सहायक संरक्षक एसपी चालिया ने बताया कि यह प्रतिमा वामन अवतार की है। जो पत्थर प्रतिमा में प्रयोग किया गया है उससे स्पष्ट होता है कि यह प्रतिमा 8वीं से 10वीं शताब्दी के बीच की है।

पहाड़ी से सूचनाओं का होता है आदान-प्रदान
प्रदेश में पुलिस की सूचना प्रणाली से संबंधित तीन वायरलेस रिपीटर सिस्टम हैं। ये तोशाम की बाबा मुंगीपा पहाड़ी के अलावा रेवाड़ी में ताकड़ी की पहाड़ी और हिमाचल एरिया में सराहन की पहाड़ी पर लगे हुए हैं। तोशाम पहाड़ी पर सराहन की पहाड़ी पर लगे सिस्टम से सूचनाएं आती हैं। इसके बाद तोशाम पहाड़ी से भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, रोहतक, झज्झर जिला मुख्यालयों को सूचना पहुंचती है। ताकड़ी वायरलेस सिस्टम को भी सूचना यहीं से जाती हैं। ताकड़ी पहाड़ी पर लगे सिस्टम से गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, हरियाणा भवन दिल्ली, रेवाड़ी नारनौल मुख्यालयों को सूचनाएं पहुंचती हैं। प्रदेश के अन्य जिलों को सराहन पहाड़ी पर लगे सिस्टम से सूचनाओं का अदान-प्रदान होता है।

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Statue of Lord Vishnu s Vaman Avatar found in hill
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