--Advertisement--

बच्ची का हाथ बेंच पर रखवा कर टीचर ने मारे डंडे, छुट्टी तक नहीं जाने दिया घर

खरमाण गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक द्वारा दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम बच्ची की पिटाई करने का मामला सामने आया है

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 07:10 AM IST

बहादुरगढ़। खरमाण गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक द्वारा दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम बच्ची की पिटाई करने का मामला सामने आया है। बच्ची के दाहिने हाथ की उंगलियां पर डंडे मारने के निशान हैं। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक ने बैंच पर हाथ रखवा कर बेरहमी से डंडे मारे हैं। उसे छुट्टी तक घर नहीं जाने दिया गया, जिसके चलते काफी देर तक लड़की दर्द से तड़पती रही। घर जाकर बच्ची रोने लगी तो पेरेंट्स को पता चला। वे तुरंत उसे ट्रामा सेंटर में लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे पीजीआइएमएस रोहतक रेफर कर दिया।

इस संबंध में बच्ची के परिजनों ने सदर थाना पुलिस को शिकायत दी है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। हालांकि शिक्षक व मुख्याध्यापिका ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि बेवजह उन्हें परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है।

बच्ची रोते हुए पहुंची घर
पुलिस को दी शिकायत में लड़की के पिता ने बताया कि उसकी सात साल की बेटी गांव के ही स्कूल की दूसरी क्लास में पढ़ती है। छुट्टी के बाद वह घर आई तो रोते हुए उसने बताया कि शिक्षक ने बैंच पर हाथ रख कर डंडे मारे। जिससे उसके हाथ में दर्द हो रहा है। उसने कमर में भी डंडे मारने की बात बताई। जिस पर वे अपनी बच्ची को ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची का दाहिना हाथ सूजा हुआ और लाल हो चुका है। डंडे मारने के बाद बच्ची दर्द से तड़पती रही, लेकिन उसे छुट्टी होने के बाद घर आने दिया गया। बच्ची काफी डरी और सहमी हुई है।

बच्ची के परिजनों ने शिक्षक के खिलाफ दी शिकायत
बच्ची के परिजनों ने शिक्षक के खिलाफ शिकायत दी है, लेकिन अभी शिक्षक का नाम स्पष्ट नहीं हो पाया है। मामले की छानबीन की जा रही है। रामअवतार, जांच अधिकारी

शिक्षक ने पिटाई करने से किया मना
स्कूल में बच्ची की पिटाई जैसी कोई बात नहीं हुई है। मैंने संबंधित टीचर से पूछा भी है, लेकिन उसने पिटाई करने से मना किया है। सरिता कथूरिया, मुख्याध्यापिका

मांगा स्पष्टीकरण
मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। मुख्याध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बच्चों की पिटाई करना पूर्णत प्रतिबंधित है। अगर शिक्षक ने आदेशों की अवहेलना की है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मदन चोपड़ा, बीइओ