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कुंवारों के जज्बात से खिलवाड़

प्रदेश के कुंवारे इन दिनों दोहरी समस्या में फंसे हैं। जमीन-जायदाद होने के बावजूद इनकी शादी नहीं हो रही। उम्र...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:00 AM IST
कुंवारों के जज्बात से खिलवाड़
प्रदेश के कुंवारे इन दिनों दोहरी समस्या में फंसे हैं। जमीन-जायदाद होने के बावजूद इनकी शादी नहीं हो रही। उम्र निकलती जा रही है। जो मोल ली गई दुल्हने आ रही हैं वे लुटेरी निकल रही हैं। जींद जिले और आसपास के कुंवारों ने अपने साथ शादी के इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए मांग की है कि मैरिज सर्टिफिकेट को आधार कार्ड से जोड़ा जाए, ताकि दुल्हन की सही पहचान सामने आ सके।

कुंवारों की मजबूरी का फायदा उठाने के लिए प्रदेश में इनदिनों कई गिरोह सक्रिय हैं, जो यूपी, बंगाल, बिहार, झारखंड आदि राज्यों से काफी कम कीमत पर लड़कियां खरीद कर लाते हैं और फिर हरियाणा में एजेंटों की मार्फत एक से दो लाख रुपए लेकर कुंवारों के साथ शादी करवा देते हैं। इस दौरान कोर्ट में शादी होती है। दुल्हन की पहचान पूरी फर्जी होती है। शादी के कुछ दिन बाद ही ऐसी दुल्हनें घर में रखी नगदी, जेवरात व अन्य कीमती सामान मौका लगते ही लेकर फुर्र हो जाती हैं।

कुंवारों की मांग-आधार से जोड़ा जाए मैरिज सर्टिफिकेट ताकि शादी के बाद संपत्ति लेकर भाग न जाएं दुल्हनें

पिछले दिनों निडाना में पकड़ी गई फर्जी दुल्हन।

लगातार बढ़ रही कुंवारों की संख्या

प्रदेश में पिछले कई साल से लगातार कुंवारों की संख्या बढ़ रही है। फिलहाल प्रदेश में करीब 10 लाख ऐसे कुंवारे हैं, जिनकी उम्र 30 से पार पहुंच चुकी हैं और शादी नहीं हो पा रही। काफी कुंवारे इस दौरान दूसरे प्रदेशों से मोल की बहू लेकर आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा मोल की बहुएं पश्चिम बंगाल, बिहार व झारखंड से आई हैं।

कारण: कन्या भ्रूण हत्या

पूर्व आईएएस अधिकारी जयवंती श्योकंद का कहना है कि प्रदेश में कुंवारों की लगातार संख्या का इस समय बढ़ने का बड़ा कारण विगत सालों में प्रदेश में हुई कन्या भ्रूण हत्या है। समाज में बेटे की ज्यादा चाहत रही है। इसके कारण लिंगानुपात बिगड़ा है। समाज अब कन्या भ्रूण हत्या का दंश झेल रहा है। अब लोग जागरुक हो रहे हैं, जिसका असर आने वाले 15-20 साल में देखने को मिलेगा।

एक दे गई दगा, दूसरी ठगती उससे पहले ही पकड़ा

रोहतक जिले के समैण गांव का अनिल एक लाख 10 हजार में रुपए में दलालों की मार्फत पंजाब से दुल्हन खरीद कर लाया था। 28 जनवरी को रोहतक कोर्ट में शादी हो गई। इस दौरान अपने सामर्थ्य के अनुसार अनिल के परिजनों ने नई-नवेली दुल्हन को जेवर पहनाए। सप्ताह भर तक रहने के बाद दुल्हन घर में रखी 50 हजार रुपए की नगदी व जेवरात रात को लेकर फरार हो गई। इसके बारे में अनिल ने अपने निडाना गांव के रिश्तेदार राम सिंह को बताया, जिसकी मार्फत दलालों से संपर्क हुआ था। राम सिंह ने इस पर फिर से दलालों से संपर्क किया और दूसरी बहू लेने की बात कही। फिर से राम सिंह से एक लाख 10 हजार रुपए की डिमांड की गई। राम सिंह ने इस पर दलालों को मोल की बहु लेकर घर बुला लिया। 7 मार्च देर रात को दलाल बहू लेकर निडाना गांव पहुंच गए। सुबह होते ही राम सिंह ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी और फिर पुलिस ने दुल्हन समेत मोल की बहू बेचने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ लिया।

10 दिन की दुल्हन दवा पिलाकर ले गई सामान

जींद जिले के बुडायन गांव का मोहन 30 साल का हो चुका था। उसकी शादी नहीं हो पाई। पिछले दिनों वह मोल की बहू लाने के चक्कर में दलालों के संपर्क में आया। इस दौरान तय हुआ की 1 लाख 50 हजार रुपए में उसकी शादी करा दी जाएगी। 3 मार्च को मोहन की शादी पंजाब के सुलतानपुर लोधी निवासी अमरजीत कौर के साथ करा दी गई। मोहन ने बताया कि 10 दिन तक उनकी नई-नवेली दुल्हन ठीकठाक रही। उन्होंने भी उसके जेवर आदि बनवा दिए थे। 14 मार्च को उसने पूरे परिवार को खाने में नशीली दवा खिला दी। जब वे सुबह उठे तो अमरजीत कौर घर से गायब मिली। वह घर से कीमती सामान लेकर फरार हो गई। बाद में पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ लिया। फरार दुल्हन का सुराग नहीं मिला।

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