Hindi News »Haryana »Rohtak» वाहनों का वजन चलते-चलते ही होगा, ओवरलोड हुए तो टोल पर एंट्री गेट की जगह अपने आप खुलेगा एग्जिट गेट

वाहनों का वजन चलते-चलते ही होगा, ओवरलोड हुए तो टोल पर एंट्री गेट की जगह अपने आप खुलेगा एग्जिट गेट

बाहरी राज्यों में जाने वाले वाहन दिल्ली होकर न जाएं, इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने ईस्टर्न...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:15 AM IST

बाहरी राज्यों में जाने वाले वाहन दिल्ली होकर न जाएं, इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे तैयार कर लिया है। इसके लिए विश्व के 20 देशों का अध्ययन किया गया है। यह दुनिया का पहला पेरिफेरल एक्सप्रेस वे है, जिसमें वाहनों का वजन एंट्री प्वाइंट पर पहुंचने से पहले ही चलते-चलते हो जाएगा। ओवरलोड वाहनों के लिए एंट्री के बजाए एक्जिट गेट अपने आप खुल जाएगा। कुंडली (दिल्ली - हरियाणा बॉर्डर) से पलवल (हरियाणा) तक 6 लेन के 135 किमी लंबे एक्सप्रेस वे को 12 हजार करोड़ की लागत से बनाया गया है। यूपी के बागपत में पीएम नरेंद्र मोदी 15 अप्रैल को इसका उद्घाटन करेंगे। देश का पहला हाईवे जिसमें बागीचे बनाए गए हैं। एनएचएआई के सीजीएम और प्रोजेक्ट के प्रमुख बीएस सिंघला ने कहा कि इसे सिर्फ 18 माह में ही तैयार किया गया है।

20 देशों ने इस पर अध्ययन किया; 15 अप्रैल को पीएम करंगे उद्घाटन

36 स्मारक दिखेंगे यहां

एक्सप्रेस वे पर 36 स्मारकों की प्रतिकृति लगाई गई हैं। इसमें कुतुबमीनार, हवामहल, इंडिया गेट, लालकिला, चार मीनार, जलियांवाला बाग, अशोकचक्र, कीर्ति स्तंभ आदि शामिल हैं।

देश का पहला

ग्रीन एक्सप्रसवे

100 फीसदी लाइट सोलर से जलेंगी

ड्रिप इरीगेशन से होगी पौधों की सिंचाई

फाउंटेन

कुंडली

136 किमी

मानेसर

वेस्टर्न पैरीफेरल

बागपत

हर 20 किमी पर

एंबुलेंस व क्रेन

गाजियाबाद

ग्रे. नोएडा

पलवल

135 किमी

ईस्टर्न पैरीफेरल

यमुना में 600 मीटर लंबा 4-4 लेन के ब्रिज

4 बड़े ब्रिज

46 छोटे ब्रिज

3 फ्लाईओवर

7 इंटरचेंज

70 अंडरपास

151 पैदलपार पथ

141 पुलिया

08 रेलवेओवर ब्रिज

वाहन जब इन गेट से गुजरेंगे तो वजन अपने आप हो जाएगा और आगे बने एग्जिट गेट से ओवरलोड वाहन बाहरी सड़क पर चले जाएंगे।

हर किमी पर बदलेंगे फूल

सड़क के बीच में डिवाइडर पर फूल लगाए जा रहे हैं। इनमें एक किमी पर लाल फूल होंगे तो अगले एक किलोमीटर पर पीले और आगे गुलाबी फूल मिलेंगे। ये पौधे दक्षिण भारत के राज्यों से मंगाए गए हैं।

फोटो | ताराचंद गवारिया

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Rohtak

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×