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जींद तक ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन हुए एक साल बीता,आज भी उड़ रहा डीजल इंजन का धुआं

रोहतक से जींद रेल सेक्शन में करीब 294 करोड़ रुपए की लागत से कराए गए विद्युतीकरण कार्य पूरा हुए एक साल बीत चुके हैं।...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:30 AM IST
रोहतक से जींद रेल सेक्शन में करीब 294 करोड़ रुपए की लागत से कराए गए विद्युतीकरण कार्य पूरा हुए एक साल बीत चुके हैं। तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने 4 अप्रैल 2017 को रोहतक रेलवे स्टेशन से विद्युतीकृत रेल लाइन का लोकार्पण भी कर दिया। लेकिन यात्रियों को इलेक्ट्रिक इंजन से पैसेंजर, एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों का संचालन शुरू होने का आज भी इंतजार है। डीजल इंजन से चलने वाली ट्रेनें अक्सर देरी की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रेनों के देरी से चलने से अक्सर दैनिक यात्रियों को कॉलेज, दफ्तर व पीजीआई तक पहुंचने में दिक्कतें होती हैं। रेलवे ने जींद तक इलेक्ट्रिक इंजन से मालगाड़ी का संचालन तो शुरू कर दिया, लेकिन यात्री ट्रेनें न चलाने से यात्रियों में रोष व्याप्त है।

रेल मंत्री से दैनिक

यात्रियों ने की अपील

दैनिक यात्री संघ ने सोशल मीडिया के जरिए रेल मंत्री पीयूष गोयल से जींद तक इलेक्ट्रिक इंजन चलाकर यात्रियों को राहत दिलाने की मांग की है। दिल्ली-रोहतक दैनिक रेल यात्री समिति के प्रवक्ता सतपाल हाडा, महताब सिंह, सतीश लोहट ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए भेजी शिकायत की है कि रोहतक से जींद तक का विद्युतीकरण हो चुका है। तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभू इस लाइन का उद्घाटन भी रोहतक स्टेशन पर कर चुके हैं। अब तो दिल्ली, रोहतक व जींद के बीच चलने वाली गाड़ियों को इलेक्ट्रिक इंजन लगाकर चलाया जाए। ताकि दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की समस्या से कुछ तो राहत मिल सके।

फिरोजपुर पैसेंजर बहादुरगढ़ से शुरू करने की मांग: दिल्ली-रोहतक दैनिक रेल यात्री समिति के सचिव पवन कुमार ने बताया कि हमारे संघ की तरफ से रेलमंत्री पीयूष गोयल को सोशल मीडिया के जरिए सुझाव भेजा गया है कि ट्रेन नंबर 54641 दिल्ली-फिरोजपुर पैसेंजर वाया रोहतक चलने वाली गाड़ी अक्सर आधे से एक घंटे देरी से बहादुरगढ़ व रोहतक रेलवे स्टेशन पर पहुंचती है। इस ट्रेन का संचालन दिल्ली व नई दिल्ली की बजाय बहादुरगढ़ से संचालन किया जाए।