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दो अप्रैल को होने वाले भारत बंद को सफल बनाने के लिए एकजुट हुए दलित संगठन

एससी, एसटी एक्ट में किए गए बदलाव से नाराज दलित संगठनों ने दो अप्रैल को भारत बंद का ऐलान किया है। आयोजन को सफल बनाने...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:30 AM IST
एससी, एसटी एक्ट में किए गए बदलाव से नाराज दलित संगठनों ने दो अप्रैल को भारत बंद का ऐलान किया है। आयोजन को सफल बनाने के लिए दलित संगठन ने युद्धस्तर पर अभियान छेड़ दिया है। शनिवार को ऑल हरियाणा एससी इम्प्लाइज फैडरेशन व समस्त एससी समाज के संघों की बैठक हुई। जिसमें सभी प्रतिनिधियों ने विभिन्न कालोनियों एवं कार्यालयों का दौरा कर 2 अप्रैल को विशाल प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार रंगा, डॉ. दिनेश निम्बडिया, छात्र नेता मंगल सिंह, राकेश चोपड़ा, पूर्ण सिंह चाहलिया मौजूद रहे।

मिशन एकता समिति की प्रदेशाध्यक्ष कांता आलड़िया ने सुप्रीम कोर्ट के एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ सुनाए गए फैसले का विरोध जताया और इस पर पुनर्विचार करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा व आरएसएस के इशारे पर संविधान को बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे समाज किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगा। हक के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। वे शनिवार को सलारा मोहल्ला में मिशन एकता समिति की बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने दो अप्रैल के भारत बंद को सफल बनाने के लिए समाज के लोगों का आह्वान किया। इस अवसर पर आशू, राजेश, मुकेश, महेन्द्र, सतबीर, प्रवीण, कृष्णा राणा, संतोष मौजूद रहे।

सरकार की आलोचना की

अंबेडकर स्टूडेंट्स फ्रंट महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के तत्वावधान में विश्वविद्यालय प्रांगण में एक मीटिंग हुई। मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे फ्रंट के संयोजक मनोज ग्रोवर एवं चेयरमैन राकेश चोपड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति अधिनियम 1989 को अपने फैसले से निष्प्रभावी बना दिया गया है, जो केंद्र सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के प्रति उदासीन रवैये को प्रदर्शित करता है। इसके विरोध में 2 अप्रैल को भारत बंद का एलान किया गया है, जिसका अंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट पूर्ण रुप से समर्थन करता है मीटिंग में विनोद काकरोली, प्रवीण नरवाल, मंगल सिंह, विजेंद्र सभरवाल, राजवीर बिड़लान, राकेश बड़गुर्जर, संदीप बोध, संजय सिवान, सिद्धार्थ सिंदू, सतीश बानखुड, शिवाजी मेहरा ,दीपक मेहरा भजनलाल मेहरा मौजूद रहे।