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छोटे किसानों को फूड सिक्योरिटी एक्ट में लाया जाए : बीरेंद्र

दीनबंधु चौ. छोटूराम ने किसानों के उत्थान के लिए जीवन पर्याप्त कार्य किया। उन्होंने किसानों को उनका जायज हक...

Danik Bhaskar

Apr 01, 2018, 03:30 AM IST
दीनबंधु चौ. छोटूराम ने किसानों के उत्थान के लिए जीवन पर्याप्त कार्य किया। उन्होंने किसानों को उनका जायज हक दिलवाया, किसानों में आत्मविश्वास पैदा किया, तथा पग-पग पर हौसला बढ़ाया। आज जरूरत है कि समाज में आर्थिक विषमता दूर की जाए तथा किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए समग्र प्रयास किए जाएं। ये विचार केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने रखे। वो शनिवार को एमडीयू में सर छोटूराम शोध पीठ की ओर से राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर रहे थे। इस संगोष्ठी का आयोजन खेती की आर्थिक व्यवहार्यता विषय पर किया गया। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि छोटे किसानों को फूड सिक्योरिटी एक्ट में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की हालत में रचनात्मक सुधार करके आर्थिक मुख्यधारा में शामिल करने का प्रयास किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार किसानों की आर्थिक दिशा को सुधारने की दिशा में प्रयासरत है और वर्ष 2022 में सरकार के इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बेहतर परिणाम भी सामने आ जाएंगे।

एमडीयू में सर छोटूराम शोध पीठ की ओर से राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन, खेती की आर्थिक व्यवहार्यता विषय पर मंथन

रोहतक. एमडीयू के डीडीई हॉल में आयोजित सेमीनार में ईस्पात मंत्री बिरेंद्र सिंह व मंच पर मौजूद वीसी बीके पुनिया।

सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में सार्थक पहल करे : शर्मा

संगोष्ठी में फूड एवं ट्रेड पॉलिसी एक्सपर्ट डॉ. देवेंद्र शर्मा ने बतौर मुख्यवक्ता शिरकत की। उन्होंने कहा कि भारत में खेती और किसानों के हालात बदलने होंगे। उन्होंने देश में किसानों की आत्महत्या की घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आज किसान व्यवस्था के चक्रव्यूह में फंसा हुआ है। इससे बाहर निकालने के लिए सरकार को किसानों के लिए बजट निर्धारित कर उनकी आमदनी बढ़ाने की दिशा में सार्थक पहल करनी होगी। इस कार्यक्रम में चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि किसानों ने हमेशा देश को दिया है। आज जरूरत है कि किसानों को आर्थिक एवं तकनीकी मदद देकर उसके जीवन को संवारने की। उन्होंने किसानों की दशा को सुधारने के लिए सुझाव सामने रखे।

सभी प्रयास करें तो किसान के हालात बदलेंगे

संगोष्ठी में एमडीयू कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पुनिया ने कहा कि किसान अन्नदाता है। किसान के हालात बदलने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने इस दिशा में एमडीयू की आेर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। सर छोटूराम शोध पीठ के अध्यक्ष प्रो. जेएस धनखड़ ने कहा कि खेती ने ही मानव जीवन को स्थायी बनाया है। जीवन को स्थायी बनाए रखने के लिए खेती को बचाना होगा, किसान को बचाना होगा। इस अवसर पर एमडीयू के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी, डेलीगेट्स एवं छोटूराम विचार मंच के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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