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20 दिन में होगा 4 डॉक्टरों व नर्स का लाई डिटेक्टर टेस्ट

पीजीआईएमएस से बच्चा चोरी होने के मामले में छह महीने बाद भी पुलिस के हाथ कोई भी अहम सुराग नहीं लग पाया। अब पुलिस ने...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:35 AM IST
पीजीआईएमएस से बच्चा चोरी होने के मामले में छह महीने बाद भी पुलिस के हाथ कोई भी अहम सुराग नहीं लग पाया। अब पुलिस ने एक नर्स व चार डॉक्टरों का लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने की तैयारी कर ली है। टेस्ट 17 से 20 अप्रैल के बीच होगा। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने गत सितंबर महीने में स्थानीय अदालत में नर्स और चार डॉक्टरों का लाई कराने की अर्जी लगाई थी।

पीजीआई में हड़ताल और काफी हंगामे के बाद पांचों टेस्ट के लिए तैयार हुए थे। मधुबन लैब से जांच के लिए अप्रैल में अप्रूवल मिली है। पीजीआई के जिन चिकित्सकों का लाई डिटेक्टर टेस्ट होना है उनमें डॉ. प्रीति, डॉ. गीतांजलि, डॉ. हिना फातिमा अौर नर्स बलजीत कौर शामिल हैं। जिस दिन बच्चा चोरी हुआ था। उस दिन ये पीजीआई में ड्यूटी पर तैनात थे।

छह महीने से डीएनए रिपोर्ट का इंतजार

एसआईटी को अब मधुबन लैब से बच्चे और उसकी मां की डीएनए रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। पिछले छह महीने से रिपोर्ट अटकी हुई है। हालांकि रिपोर्ट जल्द देने के लिए इस मामले में पहले दो बार एसपी तो एक बार आईजी की तरफ से लिखित में अनुरोध किया जा चुका है। हर महीने पीजीआई थाना प्रभारी मधुबन लैब इंचार्ज को पत्र लिखकर रिपोर्ट देने की मांग कर रही हैं। अब फिर सोमवार को पुलिस टीम मधुबन डीएनए रिपोर्ट लेने जाएगी।

यह था मामला

10 सितंबर 2017 को पीजीआईएमएस के लेबर रूम से जन्म लेने के कुछ समय बाद ही बच्चा चोरी हो गया था। बच्चे की बरामदगी के लिए परिजनों ने पीजीआईएमएस में धरना भी दिया। बाद में पुलिस प्रशासन ने जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। जांच के दौरान एसआईटी को नजफगढ़ की एक महिला पर संदेह हुआ था। इस महिला ने पानीपत की एक दाई व डॉक्टर के माध्यम से बच्चा गोद लिया था। इस बच्चे की उम्र पीजीआई बच्चे से मिल रही थी। मामले में आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी हुई थी। बाद में खुद को बच्चे की मां बताने वाली महिला आैर रोहतक के दंपती के डीएनए जांच के लिए ब्लड सैंपल लिए गए थे।

20 अप्रैल तक करा लेंगे डॉक्टरों का टेस्ट