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बोहर गांव में ग्रामीणों ने मंदिर के सामने व नहर के पास खुले दो शराब ठेके बंद कराए

निगम दायरे में शामिल गांव बोहर में दो शराब ठेके ग्रामीणों ने जबरन बंद कर दिए। शाम को करीब 5 बजे काफी देर तक इन दोनों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:45 AM IST

बोहर गांव में ग्रामीणों ने मंदिर के सामने व नहर के पास खुले दो शराब ठेके बंद कराए
निगम दायरे में शामिल गांव बोहर में दो शराब ठेके ग्रामीणों ने जबरन बंद कर दिए। शाम को करीब 5 बजे काफी देर तक इन दोनों ठेकों के सामने सैकड़ों ग्रामीणों ने हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना है कि एक शराब ठेका गांव के मंदिर के सामने खोला गया है। इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। वहीं नहर के पास शराब ठेके के पास हैंडपंप पर महिलाएं पानी भरने के लिए जुटती हैं। शराबी उन्हें परेशान करते हैं। गांव का माहौल खराब हो रहा था। इसलिए उन्होंने शराब ठेकेदार को यहां से दुकान हटाने को कहा था। लेकिन वो नहीं माना तो उन्होंने जबरन ठेके बंद कराए। वहीं नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि बोहर निगम दायरे में आता है। निगम ने गांव में कहीं पर शराब ठेका खोलने की परमिशन नहीं दी है। पार्षद प्रतिनिधि सुरेश नांदल ने बताया कि दो दिन पहले नगर निगम कमिश्नर प्रदीप कुमार को 150 ग्रामीणों की दस्तखत की अप्लीकेशन दी गई थी। इसमें शराब के चलते गांव के बिगड़ रहे माहौल का जिक्र करते हुए अविलंब ठेका बंद करवाने की मांग की गई थी। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर गांव वालों ने खुद ठेके पर ताला लगाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि पार्षद की ओर से गांव में ठेका चलाने के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। फिर गांव में कैसे ठेका संचालित किया जा रहा है।

ठेकेदार को दुकान समेटने का अल्टीमेटम, 24 घंटे बाद हमेशा के लिए बंद करवा दी जाएगी गांव में शराब की बिक्री

रोहतक. बोहर गांव में बस अड्डे के पास बने शराब के ठेके को बंद करके को लेकर विरोध करते हुए बोहर के ग्रामीण।

सेल्समैन को दुकान से निकाल जड़ा ताला

पार्षद सरिता नांदल की अगुवाई में लगभग 300 महिला-पुरुष नारेबाजी करते हुए जेएलएन-बीएसबी नहर के किनारे शराब के ठेके पर पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार को बुलाकर बात की। गांववासियों में शराब की बढ़ती लत और आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए तत्काल ठेका बंद करने को कहा। इसके बाद लोगों ने सेल्समैन को बाहर निकालकर ताला बंद कर दिया। इसके बाद पार्षद प्रतिनिधि एडवोकेट सुरेश नांदल, संजय नांदल, राजेंद्र नांदल, सतीश सैनी, सतीश गोसाई, धनीराम शास्त्री, कृष्ण शास्त्री, कुलदीप नांदल के अलावा भतेरी, पूनम, राजबाला, सतबीर, मुकेश, प्रमीला आदि ग्रामीण पार्षद के साथ शराब के विरोध में नारेबाजी करते हुए गांव के अंदर मंदिर के पास दूसरे शराब के ठेके पर गए। वहां भी सेल्समैन को बाहर निकाला और ताल लगा दिया।

नगर निगम की ओर से बोहर गांव में अपनी जमीन पर शराब का ठेका चलाने की कोई परमीशन नहीं दे रखी है। इस बारे में उप आबकारी आयुक्त से मामले की जानकारी ली जाएगी। -केके वार्ष्णेय, डीटीपी नगर निगम

रोहतक. नहर के पास ठेका बंद करने के दौरान ठेकेदार के साथ नोकझोक करते ग्रामीण।

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