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जातिगत आंकड़े सार्वजनिक नहीं करने पर चेयरमैन का इस्तीफा मांगा

Rohtak News - आल इंडिया जाट इंटलेक्चुअल फोरम ने रविवार को जाट भवन में हुई प्रेस कान्फ्रेंस के माध्यम से मांग की है कि हरियाणा...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 03:50 AM IST
जातिगत आंकड़े सार्वजनिक नहीं करने पर चेयरमैन का इस्तीफा मांगा
आल इंडिया जाट इंटलेक्चुअल फोरम ने रविवार को जाट भवन में हुई प्रेस कान्फ्रेंस के माध्यम से मांग की है कि हरियाणा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन ने जातिगत आंकड़ों काे सार्वजनिक न करके पक्षपात करने की मंशा जाहिर की है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय की गलत तरीके से व्याख्या करके जातिगत आंकड़ों को सार्वजनिक न करने का फैसला लिया है। चेयरमैन को अपने पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। लिहाजा उन्हें अविलंब इस्तीफा दे देना चाहिए। फोरम का कहना है कि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय की गलत तरीके से व्याख्या करके जातिगत आंकड़ों को सार्वजनिक न करने का फैसला किया है। इस फैसले की वजह से जाट सहित छह जातियों के आरक्षण का मामला अधर में अटक गया है।

रोहतक. प्रेसवार्ता करते ऑल इंडिया जाट इनटैलएक्यूटल्स फोर्म के पदाधिकारी।

कोर्ट से तय सीमा में निर्णय सुनाने की मांग

फोरम के अध्यक्ष सोमबीर आर्य ने कहा कि जाट समेत छह जातियों को आरक्षण देने के मामले में स्टेटस को दिया है। हरियाणा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने स्टेटस को के आदेश को मनमाने तरीके से स्टे का रूप देकर जातिगत आंकड़ों को हरियाणा सरकार और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को ना सौंपने का फैसला किया है। इन आंकड़ों को सौंपने की आखिरी तारीख 31 मार्च थी। इसके चलते जाट समेत सभी छह जातियों के आरक्षण का मामला लटक गया है। उपाध्यक्ष नीलम चौधरी ने कहा कि पहले तो सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में जाट आरक्षण के मुकदमे में पैरवी के लिए सर्वश्रेष्ठ वकील रखे जाएं, दूसरा हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट से मांग करे कि जाट आरक्षण सुनवाई एक तय सीमा में करके निर्णय दे। इस अवसर पर अशोक मलिक, सुरेंद्र सिंह दहिया, विनोद आिद मौजूद रहे।

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