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सरकार की पैरवी पर नजर रखेगी जाट वकीलों की कमेटी

जसिया में बन रहे चौ. छोटूराम कौशल विकास एवं प्रतियोगी परीक्षा संस्थान में रविवार को प्रदेश कार्यकारिणी की कोर...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:50 AM IST
जसिया में बन रहे चौ. छोटूराम कौशल विकास एवं प्रतियोगी परीक्षा संस्थान में रविवार को प्रदेश कार्यकारिणी की कोर कमेटी की बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने की। मलिक ने सरकार के आरक्षण को लेकर पैरवी करने के तरीके पर सवाल उठाए। मलिक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से लगाए गए स्टे पर जाट समिति अपने स्तर पर भी वकीलों से बात करेगी कि इस स्टे पर कोर्ट में क्या पक्ष रखा जाए। इसके लिए वकीलों की एक कमेटी बना दी गर्इ है, जो यह समीक्षा भी करेगी कि किन कारणों से जाट समाज को आरक्षण मिलने में देरी हुई, जबकि कोर्ट में पैरवी सरकार ही करेगी। मलिक ने बताया कि कमेटी यह जांचेगी कि सरकार कोेर्ट में जाट समाज के लिए ईमानदारी से पैरवी करती है या फिर इसे जानबूझकर लटकाना चाहती है। ऐसे में कमेटी ही अब सरकार की आरक्षण को लेकर कार्यप्रणाली पर निगाह रखेगी।

सरपंचों काे आंदोलन में देंगे पूरा सहयोग

कोर कमेटी की बैठक के दौरान मलिक ने कहा कि पांच दिन पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले पर यथास्थिति बरकरार रखने के फैसले को लेकर जो आदेश दिया है, इसके चलते ही बैठक बुलाई गई थी। इस मामले में सरकार की नाकामी है और सरकार को नोटिस भी जारी हुआ होगा, लेकिन सरकार सही तथ्य रखने में नाकाम रही। जाे ढील सरकार बरत रही है, यह जाट समाज से वादाखिलाफी है। इसमें सरकार जल्द से जल्द बड़े वकील कर सही पक्ष रखकर इस स्टे को खारिज करवाए। साथ ही जाट समाज के साथ आरक्षण देने का जाे वादा किया गया था, उसे सरकार जल्द से पूरा करवाएं। 31 मार्च तक हाईकोर्ट में जो आंकड़े देने थे वह भी सरकार ने जमा नहीं करवाए हैं, इन पर कोई स्टे भी नहीं है। इन्हें तुरंत जमा करवाना चाहिए। जब स्टे खारिज नहीं होगा तो कम से कम आरक्षण तो होगा। सरपंच एसोसिएशन की मांगों के पक्ष में आंदोलन में भी सहयोग करने का फैसला लिया गया है। मलिक ने बताया कि हर जिले में पदाधिकारियों काे बता दिया गया है कि जिले में कोई भी बड़ा आंदोलन होता है तो वे इसमें पूरा सहयोग करें। इस दौरान ाष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा, कृष्णलाल हुड्डा, नरेश बल्हारा, पवन जसिया, एडवोकेट रणधीर काड़ौधा व अन्य कार्यकारिणी सदस्य शामिल रहे।

सरपंचों काे आंदोलन में देंगे पूरा सहयोग

कोर कमेटी की बैठक के दौरान मलिक ने कहा कि पांच दिन पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले पर यथास्थिति बरकरार रखने के फैसले को लेकर जो आदेश दिया है, इसके चलते ही बैठक बुलाई गई थी। इस मामले में सरकार की नाकामी है और सरकार को नोटिस भी जारी हुआ होगा, लेकिन सरकार सही तथ्य रखने में नाकाम रही। जाे ढील सरकार बरत रही है, यह जाट समाज से वादाखिलाफी है। इसमें सरकार जल्द से जल्द बड़े वकील कर सही पक्ष रखकर इस स्टे को खारिज करवाए। साथ ही जाट समाज के साथ आरक्षण देने का जाे वादा किया गया था, उसे सरकार जल्द से पूरा करवाएं। 31 मार्च तक हाईकोर्ट में जो आंकड़े देने थे वह भी सरकार ने जमा नहीं करवाए हैं, इन पर कोई स्टे भी नहीं है। इन्हें तुरंत जमा करवाना चाहिए। जब स्टे खारिज नहीं होगा तो कम से कम आरक्षण तो होगा। सरपंच एसोसिएशन की मांगों के पक्ष में आंदोलन में भी सहयोग करने का फैसला लिया गया है। मलिक ने बताया कि हर जिले में पदाधिकारियों काे बता दिया गया है कि जिले में कोई भी बड़ा आंदोलन होता है तो वे इसमें पूरा सहयोग करें। इस दौरान ाष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा, कृष्णलाल हुड्डा, नरेश बल्हारा, पवन जसिया, एडवोकेट रणधीर काड़ौधा व अन्य कार्यकारिणी सदस्य शामिल रहे।