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चंद्र ग्रहण काल में मंदिरों के बंद रहे कपाट, मोक्ष काल में रात नौ बजे हुई पूजा-आरती

चंद्र ग्रहण काल में बुधवार को देवालयों के कपाट बंद रहे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने जप तप और भजन किया। रात 8:41 पर मोक्ष...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:20 PM IST

चंद्र ग्रहण काल में बुधवार को देवालयों के कपाट बंद रहे। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने जप तप और भजन किया। रात 8:41 पर मोक्ष होने के बाद मंदिरों के द्वार खुले और पूजन व भोग के बाद आरती की गई। श्री सनातन धर्म दुर्गा भवन मंदिर, डेरा श्री बाबा बालक पुरी महाराज पुरी धाम, डेरा श्री बाबा लक्ष्मण पुरी महाराज गाेकर्ण तीर्थ, बजरंग भवन मंदिर, श्री शिव मंदिर शिवाजी काॅलोनी, ओल्ड हाउसिंग बाेर्ड सहित शहर के सभी मंदिरों में दोपहर 12 बजे मंदिर के बंद मंदिर के कपाट शाम को नहीं खुले। चंद्र ग्रहण के चलते भक्तों ने आराध्य का नाम जप किया।

रोहतक। सेक्टर 3 में टेलीस्कॉप के जरिए चंद्रग्रहण का दृश्य देखते बच्चे।

लोगों में बनी रही चंद्रग्रहण देखने की उत्सुकता

रात 8:41 बजे ग्रहण की समाप्ति पर स्नान कर लोगों ने दान दक्षिणा की और मंदिरों में दर्शन पूजन के बाद प्रसाद ग्रहण किया। इधर, पूर्ण चंद्रग्रहण होने से बच्चों के अलावा पुरुष व महिलाओं में भी चंद्र ग्रहण देखने की उत्सुकता बनी रही। लोग अपने घरों की छतों और मैदान में पहुंचकर काली छाया से घिरे चंद्रमा के पल प्रतिपल बदलते स्वरूप के गवाह बने। दूसरी ओर, हरियाणा विज्ञान मंच के पूर्व सचिव सतबीर नांगल ने बताया कि चंद्र ग्रहण पर अपशगुन जैसी बातें विज्ञान की दृष्टि से गलत हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान हमने खाना भी खाया। लोगों को यह बताने की कोशिश की गई कि इससे कुछ भी गलत नहीं होता है। चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है, जिसे देखा जाना चाहिए। इसके पीछे के विज्ञान का समझने की जरूरत है।

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