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कार से माथा टेकने वृंदावन गया मखीजा परिवार, फिर शॉपिंग की

जब से होश संभाला है तब से दैनिक भास्कर ही पढ़ती आ रही हूं। दिन की शुरूआत चाय की चुस्की के साथ पूरा अखबार पढ़ने से ही...

Danik Bhaskar

Apr 17, 2018, 03:20 AM IST
जब से होश संभाला है तब से दैनिक भास्कर ही पढ़ती आ रही हूं। दिन की शुरूआत चाय की चुस्की के साथ पूरा अखबार पढ़ने से ही होती है। इस एक घंटे के दौरान वह घर के कोई भी काम नहीं करती है, उनका पहला काम दैनिक भास्कर अखबार पढ़ना है। जिस दिन अखबार नहीं आता है, पूरा दिन अधूरा लगता है। यह कहना है शिवाजी कालोनी निवासी मोहन मखीजा की प|ी वीना का। जिन्होंने दैनिक भास्कर की जीतो 15 करोड़ पाठक उपहार योजना के तहत ईनाम में कार जीती है। वहीं, गांधी नगर निवासी ईनाम में जीती बाइक से बेटे के साथ पहली राइड करने के बाद शॉपिंग करने गई। मखीजा ने बताया कि कार घर में आते ही सबसे पहले वह माथा टेकने के लिए पूरे परिवार सहित वृंदावन में गई। उन्होंने बताया कि जब से पड़ोसियों और रिश्तेदारों को नई कार का पता चला है, सभी बधाइयां देने के लिए आ रहे हैं। अब लोगों को यकीन हो गया है कि समाचार पत्र ईनाम में कार भी देते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में दैनिक भास्कर की लॉंचिंग के समय से ही वह इसे ले रही है। घर के सभी सदस्य नियमित रूप से यहीं अखबार पढ़ते हैं। दैनिक भास्कर अखबार ने परिवार के सदस्य जैसी भूमिका बना ली है। इसी के साथ परिवार के अन्य सदस्य भी दैनिक भास्कर के नियमित पाठक बन गए हैं।

रोहतक. दैनिक भास्कर के बाइक विजेता सुषमा को चाबी सौंपते पदाधिकारी।

इंतजार अब हुआ है पूरा, 15 वर्षों से पढ़ रही दैनिक भास्कर

सुषमा ने बताया कि उनका गिफ्ट घर आ गया है और इससे बढ़कर खुशी उनके लिए कुछ नहीं है। तीन महीने का इंतजार अब जाकर पूरा हुआ है। घर में पहले से ही पापा-बेटे के लिए बाइक और स्कूटी है, अब उनकी बाइक आई है। जिस पर वह अपने बेटे को साथ में लेकर खूब घूमेगी। वह 15 वर्षों से दैनिक भास्कर अखबार पढ़ रही है। उनका दिन भी भास्कर समाचार पत्र पढ़ने से ही होती है।

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