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शाम 5 बजे के बाद बस स्टैंड के अंदर नहीं आ रहीं रोडवेज बसें रोड पर आधा घंटा खड़ी रहकर सवारी बैठा रहीं समिति की बसें

न्यू बस स्टैंड में रोडवेज प्रशासन की ओर से प्राइवेट बसों के संचालन में निर्धारित समय के ठहराव का सख्ती से पालन...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:30 AM IST
न्यू बस स्टैंड में रोडवेज प्रशासन की ओर से प्राइवेट बसों के संचालन में निर्धारित समय के ठहराव का सख्ती से पालन कराए जाने पर चालक-परिचालक परेशान हो गए हैं। निर्धारित समय में बस फुल नहीं हो पा रही हैं। लिहाजा अब बस मालिकों ने सवारियां फुल करने के लिए नया रास्ता खोज निकाला है।

रोहतक से दिल्ली, हिसार, जींद, पानीपत, गोहाना, भिवानी व हांसी की ओर जाने वाली प्राइवेट बसें तो हुडा सिटी पार्क के बाहर से ही सवारियां बिठाकर चली जाती हैं। बसों को डिपो के अंदर न ले जाकर हुडा सिटी पार्क के आमने सामने बस खड़ी करके सवारियां बिठाई जा रही हैं। वहीं शाम पांच बजे के बाद सरकारी हों या प्राइवेट बसें ये डिपो के अंदर प्रवेश नहीं करतीं और बाहर ही बाहर सवारियां बिठाकर चली जाती हैं। दोनों ही स्थितियों में परेशानी का सामना यात्रियों को करना पड़ रहा है।

दो घंटे में सात प्राइवेट बसों

ने बाहर से उठाई सवारी

रोहतक डिपो में अभी सुबह चार बजे से शाम के आठ बजे मेन गेट खुला रहता है। शाम 8 बजे के बाद यात्रियों को यहां बस नीहं मिलती। जबकि न्यू बस स्टैंड के नियमों में 24 घंटे दरवाजे खुले होने के साथ ही बसों का आवागमन करना सुनिश्चित किया गया है। भास्कर संवाददाता ने गुरुवार दोपहर बस स्टैंड के बाहर दो घंटे तक खड़े होकर बसों की निगरानी की तो सात प्राइवेट बसें बाहर ही बाहर सवारियां बिठाकर रवाना हो गई। परिचालकों ने बताया कि तीन दिन से थोड़ी सख्ती है। बाहर कोई रोकने वाला नहीं है एक घंटे में सवारियां पूरी फुल हो जाती हैं।

समय: दोपहर 1.45 बजे

दिल्ली की तरफ से आने वाली एक प्राइवेट बस हुडा सिटी पार्क के बाहर आकर सवारियों को उतार देती है। चालक बस को किनारे खड़ी कर चाय पीने के लिए एक स्टाल पर आकर बैठ जाता है। परिचालक सवारियों को गोहाना, डीघल की ओर जाने के लिए सवारियों को आवाज लगाता है। बसों के अंदर जाने वाले यात्री बाहर ही बस खड़ी देख जाकर बैठ जाते हैं। परिचालक सुरेंद्र से डिपो में न जाने की वजह पूछी गई तो उसने बताया कि बाहर आधे घंटे में पूरी बस फूल कर ली है।

रोहतक. हुडा सिटी पार्क की तरफ बस में सवारियां बैठाती सहकारी परिवहन समिति की बस।

समय: दोपहर 2:20

हांसी की तरफ से आने वाली एक प्राइवेट बस न्यू बस स्टैंड के प्रवेश द्वार के आगे आकर खड़ी होती है। बस का परिचालक यात्रियों से डिपो के अंदर न जाने की बात कहते हुए उन्हें बाहर उतार देता है। चालक बस को घुमाकर हुडा सिटी पार्क के बाहर खड़ी करता है। परिचालक रामेंद्र हिसार, हांसी जाने के लिए सवारियों को आवाज लगाता है। 40 मिनट के अंतराल में सवारियां आकर बैठ जाती हैं। बस फुल होते ही परिचालक बस चलाने का इशारा करता है।

यात्री बोले: बसों का ठहराव डिपो

में होना चाहिए, न कि रोड पर

डीघल गांव जाने के लिए बस में 25 रुपए का टिकट लेकर चढ़े अमर ने बताया कि मैं दिल्ली में रहकर जॉब करता हूं। बस स्टैंड पर घुसने लगा कि तभी बाहर ही डीघल की तरफ जाने की आवाज सुनाई पड़ी तो मैं अंदर न जाकर बाहर से बस पर बैठ गया। मुझे तो परिवहन सुविधा की सहूलियत मिलनी चाहिए। चाहे बस अंदर से मिले या बाहर से। सही मायने में बसों का ठहराव तो डिपो के अंदर से ही होना चाहिए।

यातायात पुलिस भी परेशान, दिन में रोड पर कई बार

लगता है जाम, गर्मी में यात्री भी बेहाल

बस स्टैंड के सामने सड़क पार फुटपाथ पर रेहड़ियां लगने और प्राइवेट बसों के खड़े होने और बगल में प्राइवेट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर वाहन खड़े होने से कई बार यातायात बाधित हो रहा है। दिन में स्कूल शुरू होने और अवकाश के समय व बसों के बाहर खड़े होने व डिपो के अंदर जाने और आने वाली बसों की वजह से सड़क पर चलने वाले राहगीरों को जाम में फंसकर पसीना बहाना पड़ रहा है। तेज धूप से होने वाली गर्मी में वे परेशान हैं।


बस स्टैंड के गेट पर निगरानी के लिए लगाएंगे दो कर्मचारी

बस स्टैंड के बूथ पर निर्धारित समय तक प्राइवेट बसों के ठहराव कराने के लिए स्टैंड सुपरिटेंडेंट की जिम्मेदारी तय की है। उनका कहना है कि डिपो के बाहर से सवारियां बिठाने की शिकायत अभी तक नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो शुक्रवार सुबह से दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाएंगे तो शाम आठ बजे तक यह सुनिश्चित करेंगे कि बसें डिपो के अंदर से होकर रूट पर जा रही हैं। फिर कर्मचारियों की कमी होने से उन्हें चेकपोस्ट सहित अन्य ड्यूटी पर लगा दिया।