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ट्रामा के पास 500 बेड की 6 मंजिला नई इमरजेंसी बनेगी

पीजीआई में प्रदेशभर से आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। स्वास्थ सेवाओं को बेहतर करने के लिए अब पीजीआई में 500...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:35 AM IST
पीजीआई में प्रदेशभर से आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। स्वास्थ सेवाओं को बेहतर करने के लिए अब पीजीआई में 500 बेड की नई इमरजेंसी का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार की तरफ से दस करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई है। नई इमरजेंसी के भवन का नक्शा भी तैयार हो गया है।

वर्तमान में पीजीआई की इमरजेंसी में करीब 58 साल से कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। वर्ष 1960 में हेल्थ विवि के शुरू होने के साथ ही इमरजेंसी को शुरू कर दिया गया था। इमरजेंसी में फिलहाल 90 बेड है। जबकि यहां आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। हालांकि ट्रामा सेंटर के शुरू होने से दुर्घटनाओं से जुड़े मरीजों की संख्या में कमी आई है। ऐसे में पीजीआई प्रशासन की ओर से नई इमरजेंसी को लेकर बार बार मंथन किया गया। फिर नई इमरजेंसी का एक प्लान तैयार करके प्रदेश सरकार को भेजा गया। प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव को पास करके नई इमरजेंसी के लिए 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

20 करोड़ का है प्लान

नई इमरजेंसी का निर्माण ट्रामा सेंटर की पार्किंग के पास किया जाएगा। इसके लिए पीजीआई प्रशासन ने नक्शा भी तैयार करवा लिया है। पार्किंग का करीब बीस प्रतिशत हिस्सा नई इमरजेंसी की बिल्डिंग में प्रयोग किया जाएगा। फिलहाल छह मंजिला भवन को तैयार करवाया जाएगा। इस संबंध में तीन दिन बाद पीजीआई प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक भी होगी। इसके लिए ट्रामा सेंटर की तरह अलग से स्टाफ रखा जाएगा। पीजीआई प्रशासन की तरफ से बीस करोड़ रुपये में नई इमरजेंसी को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

नई इमरजेंसी में मुख्य तौर पर

शुरू होंगी चार स्वास्थ्य सेवाएं

1.सबसे पहले दुर्घटना और सर्जरी के केस को रखा गया है। सिर, दिल, हड्डी , नाक और कान सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोट पहुंचने पर इनके एक्सपर्ट डॉक्टर से उपचार करवाया जाएगा।

2. दूसरे नंबर पर मेडिकल केस को शामिल किया जाएगा। इसके तहत संक्रमण, जहर खुरानी, स्ट्रोक और हार्ट अटैक के पीडि़त को शामिल किया गया है।

3. तीसरे नंबर पर इमरजेंसी में बच्चों की बीमारियों से जुड़े एक्सपर्ट को रखा जाएग। ताकि किसी बच्चे के गंभीर स्थिति में मैनेज किया जा सके।

4. चौथे नंबर पर मदर चाइल्ड केयर यूनिट को शामिल किया गया है।

इमरजेंसी के पास बनेगा सुपर स्पेशलिस्ट व स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर

मरीजों को एक्सपर्ट से उपचार मुहैया कराने के लिए इमरजेंसी के पास ही सुपर स्पेशीलिटी सेंटर भी खोला जाएगा। यहां पर भी कुछ बेड को रखा जाएगा। इसके अलावा स्पोर्टस इंजरी सेंटर भी इमरजेंसी के पास ही खोला जाएगा।