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मिल खरीद केंद्रों की बजाए सीधा मिल गेट की दे पर्ची

गांधरा मोड़ पर द हरियाणा सहकारी चीनी मिल भाली आनन्दपुरा रोहतक की तरफ से गन्ना खरीद केंद्र बनाया गया। इस केंद्र पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 29, 2018, 03:40 AM IST

गांधरा मोड़ पर द हरियाणा सहकारी चीनी मिल भाली आनन्दपुरा रोहतक की तरफ से गन्ना खरीद केंद्र बनाया गया। इस केंद्र पर आस पास के किसान अपनी गन्ने की फसल बेचने आते है। शुगर मिल की तरफ से केंद्र पर 330,325 व 320 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गन्ना खरीदा जाता है। खरीदे गए गन्ने को शुगर मिल तक पहुंचाने के नाम से ट्रक का किराया व लोड अनलोड चार्ज का भार किसानों पर डाल दिया जाता है। इसके बाद यह गन्ना खरीद भाव 295,301 व 305 रुपये प्रति क्विंटल ही रह जाता है। गन्न खरीद से पहले किसान के पास मोबाइल फोन पर मिल की तरफ से एसएमएस भेजा जाता है। यह एसएमएस महज 2 दिनों के लिए ही वैध होता है। इसके अलावा पर्ची भी किसानों तक पहुंचाई जाती है। एक पर्ची पर 27 क्विंटल गन्ना ही खरीदा जा सकता है। एसएमएस या पर्ची मिलने के बाद किसान मंहगे भाव पर गन्ने की फसल को साफ करवा गन्ना खरीद केंद्र पर पहुंचाते है। गन्ना खरीद केंद्र पर पहुंचने के बाद पता चलता है कि महज कुछ क्विंटल गन्ने की ही खरीद शुगर मिल द्वारा होनी है। गन्ना खरीद केेंद्र किसानों के लिए जी का जंजाल बने हुए है। किसानों का कहना है कि चीनी मिल गन्ना खरीद केंद्रों की बजाए सीधा मिल गेट की पर्ची दे तो उनको नुकसान नहीं उठाना पड़े ।

गांधरा मोड़ पर द हरियाणा सहकारी चीनी मिल भाली आनन्दपुरा रोहतक की तरफ से गन्ना खरीद केंद्र बनाया

सांपला. गन्ना खरीद केंद्र पर खड़ी गन्ने से लदी ट्राली व साथ में किसान।

पहले 35 रुपये क्विंटल के हिसाब से मिले रहे थे मजदूर

गन्ना किसानों का कहना है कि 20 दिनों पहले एक क्विंटल गन्ना छिलने (साफ करने) लिए मजदूर 35 रुपये पर आसानी से मिल जाते थे। गर्मी बढ़ने के कारण मजदूरी का भाव महज 20 दिनों में ही 60 रुपये के पार चला गया है। इसके बाद भी किसान किसी प्रकार गन्ना लेकर गन्ना खरीद केंद्र पर पहुंचते है।

इन गांव के किसान

लेकर आ रहे है गन्ना

इस्माइला 9बी, इस्माइला 11 बी, अटायल, दत्तौड़, नौनंद, पाकस्मा, गांधरा, चुलियाना रोज, चुलियाना दूहन, मांडौठी, सांपला, गिझी, भैसरू कलां व आसंडा

शुगर मिल की डीमांड के अनुसार गन्ना खरीदा जा रहा है। वह अपने स्तर से कुछ नहीं खरीद सकता। चीनी मील जितना गन्ना खरीदने की कहती है, वह वरियता क्रम के अनुसार उतना खरीद कर भेज रहा है। बलबीर चहल, गन्ना खरीद केंद्र इंचार्ज

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