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स्कूल में बिजली कट देख ग्रामीणों ने लगवाया सोलर पैनल

गांधरा गांव के राजकीय गर्ल्स स्कूल में बेटियों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने स्कूल...

Danik Bhaskar | Mar 24, 2018, 03:50 AM IST
गांधरा गांव के राजकीय गर्ल्स स्कूल में बेटियों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने स्कूल में सोलर पैनल लगवाया है। स्कूल में 279 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। बिजली विभाग की ओर से दिन के समय कट लगाए जा रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने स्वयं के खर्च से 2 किलो वाट का सोलर पैनल लगवाया है।

बिजली समस्या को लेकर ग्रामीण बिजली विभाग के एसडीओ से लेकर उपायुक्त यश गर्ग से भी मिल चुके थे, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। सरकार से काेई मदद मिलती न देख ग्रामीणों ने एक कमेटी बनाई। कमेटी ने अपने स्तर पैसे एकत्रित करके स्कूल के लिए कार्य करवाए हैं ताकि बेटियों की पढ़ाई का नुकसान न हो। इस कमेटी की जिम्मेदारी जयकरण आर्य, पूर्व सैनिक रामफल, राजबीर मलिक, पंडित ओम कुमार, आजाद, कर्मबीर व जगदीश को दी गई है। यह कमेटी स्कूल में विकास कार्य करवा रही है।

सरकारी स्कूल में बेटियों की पढ़ाई प्रभावित होने से बचाने के लिए ग्रामीणों ने चंदा कर जुटाईं मूलभूत सुविधाएं

रोहतक. गांव गांधरा के कन्या विद्यालय में सोलर पैनल की सफाई करते कमेटी के सदस्य।

कमेटी ने आधुनिक व्यायामशाला भी बनवाई : स्कूल प्राचार्या सुनीता कुमारी ने बताया कि इस वक्त 279 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही है। सरकार की तरफ से ज्यादा ग्रांट नहीं मिलती। गांव की लोकल कमेटी की ओर से बेटियों के लिए स्कूल परिसर में आधुनिक व्यायामशाला भी बनाई है। उन्होंने कमेटी की आेर से किए गए कार्य की सराहना की है।

50 कम्प्यूटर ठीक करवाए

स्कूल में बिजली नहीं आने से लैब में रखे कंप्यूटर की अोर किसी का ध्यान नहीं था। कमेटी के सदस्यों ने खराब पड़े 22 कंप्यूटर को लगभग 50 हजार रुपए की लागत से ठीक करवाया। कमेटी ने सरकारी ग्रांट के 45 सिलिंग फैन स्कूल के कमरों में लगवाए। जयकरण आर्य ने बताया कि स्कूल में स्वच्छ पेयजल की भारी किल्लत थी। स्कूल में स्वच्छ पेयजल के लिए कमेटी ने 30 हजार रुपए की लागत से पानी की पाइप लाइन बिछवाई। दो हैंड पंप भी स्कूल परिसर में लगवाए हैं। स्कूल में बेटियों के लिए आधुनिक व्यायामशाला भी बनवाई है।

9 माह खुद के खर्चे पर रखे टीचर

2016-2017 सत्र में स्कूल से दो जेबीटी अचानक स्कूल छोड़कर चले गए थे। बेटियों की पढ़ाई को प्रभावित होता देख कमेटी ने गांव के शिक्षित लोगों को अपने स्तर पर रखा। नौ माह तक उनको वेतन भी दिया गया। वर्तमान में भी कमेटी एक चपरासी को अपनी ओर से वेतन दे रही है।