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कंसाला में गंदे पानी की निकासी नहीं होने पर गली में ईंटे रखकर चलने को मजबूर

कंसाला गांव के बाखयान पाना में गंदे पानी की निकासी नहीं होने से ग्रामीण बदहाल जीवन जीने को मजबूर है। पानी की...

Danik Bhaskar | Feb 10, 2018, 04:00 AM IST
कंसाला गांव के बाखयान पाना में गंदे पानी की निकासी नहीं होने से ग्रामीण बदहाल जीवन जीने को मजबूर है। पानी की निकासी नहीं होने से गांव में लगातार बीमारियां अपने पैर पसार रही हैं। वहीं महिलाओं, बुजर्गों व स्कूल जाने वाले बच्चों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। गंदे पानी की निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार अधिकारियों व ग्राम प्रधान से मिल चुके हैं। आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला हैं। इसी से परेशान होकर मेन चौक पर ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया। ग्रामीण भरथरी, प्रमिला, पूनम, बिमला, फुलवती, मीना आदि का कहना है कि उनको रोज मर्रा के काम करने को गंदे पानी में से होकर गुजरना पड़ रहा है। गांव के गंदे पानी की निकासी नहीं होने से क्षेत्र में बीमारियां का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी निकासी के लिए पंचायत व सरकारी अधिकारी कोई कारगर कदम नहीं उठा रहे। छोटे बच्चों को स्कूल में छोड़कर आने में भी डर लगता है। यह चौराहा गांव का मेन रास्ता है। ग्रामीणों ने पानी से निकलने के लिये ईट डालकर वैकल्पिक रास्ता बनाया हुआ है। इस पर भी हमेशा गंदे पानी में गिरने का खतरा बना रहता है।

गंदा पानी डंप करने की जगह नहीं

ग्राम प्रधान सुमन के प्रतिनिधि परमजीत का कहना है कि गांव में पंचायती जमीन नहीं बची हुई। पहले वह पाइपों के माध्यम से किसानों के खेतों में पानी पहुंचाता रहा है। किसानों को धान की फसल में भी काफी नुकसान उठाना पड़ा। इस बार किसान अपने खेतों से पाइप लाइन गुजारने से मना कर रहे है। यह चौक बाकि गांव से कम ऊंचाई पर है। गांव के ऊंचाई वाले घरों का पानी इसी स्थान पर आकर एकत्रित हो जाता है। वह गंदे पानी की निकासी के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।

सांपला। गली में भरे गंदे पानी से बचने के लिए एक-दूसरे का सहारा लेकर निकलतीं महिलाएं।

गंदे पानी की निकासी नहीं होने पर प्रदर्शन

रोहतक। बैंसी गांव के वार्ड 1 की औषधालय केंद्र जाने वाली गली में पिछले 15 वर्षों से गंदे पानी का निकासी नहीं हो रही हैं। जिस कारण सड़क पर पानी का ठहराव होने से बीमारियां फैल रही है। इसको लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को रोष प्रदर्शन करते हुए गली में गंदे पानी की निकासी की मांग की। गांव के प्रत्येक घर में कोई न कोई व्यक्ति बीमारी से ग्रसित है। यह गली गांव की मुख्य गली है। इस गली में उप-स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धआश्रम, पशु अस्पताल, पटवारखाना एवं राजकीय आयुर्वेद औषधालय स्तिथ है। यदि किसी को अपनी भैंस, गाय व अन्य पशु अस्पताल में इलाज के लिए लाने हो तो उन्हें इस गली को छोड़कर अन्य दूसरे मार्ग से होकर आना पड़ता है। आम-जन को भी इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। उनको इलाज के लिए दोगुणा रास्ता तय करके औषधालय में आना पड़ता है। वार्ड के लोगों ने स्वयं के खर्चे पर गली के कोने में पांच-पांच फुट गहरे दो गड्ढे खुदवा रखे है, ताकि गली के पानी को सोख लिया जाए। परन्तु उनसे भी कोई ख़ास प्रभाव नहीं पड़ा और पानी आस-पास की गलियों में भी फैल गया है| वार्ड के लोगों को घर का दरवाजा खोलते ही सालों से स्थिर खड़े गंदे पानी का सामना करना पड़ता है| वार्डवासियों का कहना है की इस गली का स्तर दूसरी गलियों के अपेक्षा नीचा है जिसकी वजह से इसकी निकासी का कोई रास्ता नहीं बन पा रहा इसका समाधान नई गली बनने पर ही होगा। कई बार शिकायत करने पर भी नई गली का निर्माण नहीं किया जा रहा।