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क्षतिग्रस्त ट्रैक से गुजरीं ट्रेनें, ट्रैकमैन ने देखा तो 4 घंटे में बदली लाइन

दिल्ली-रोहतक सेक्शन में रेलवे ट्रैक मेंटेनेंस के इंतजार में हैं। रेल पथ इंजीनियरिंग विंग की ओर से मुस्तैदी नहीं...

Dainik Bhaskar

Feb 11, 2018, 04:20 AM IST
क्षतिग्रस्त ट्रैक से गुजरीं ट्रेनें, ट्रैकमैन ने देखा तो 4 घंटे में बदली लाइन
दिल्ली-रोहतक सेक्शन में रेलवे ट्रैक मेंटेनेंस के इंतजार में हैं। रेल पथ इंजीनियरिंग विंग की ओर से मुस्तैदी नहीं बरतने से रोज जगह-जगह रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हालत में मिल रहे हैं। कई जगहों पर रेलवे पटरियों से पेंड्रोल क्लिप निकले हुए हैं तो कई स्थानों पर रेल फ्रैक्चर जैसी स्थिति बन रही है। ऐसा ही दृश्य शनिवार सुबह 8 बजे खरावड़ रेलवे स्टेशन के पास मिला। रेलवे स्टेशन के पश्चिमी दिशा स्थित कारौर रेलवे फाटक नंबर 48 पर ट्रैक मैन ने पेट्रोलिंग के दौरान पटरी को क्षतिग्रस्त में हालत में देखा। ट्रेन निकलने के बाद उसने रोहतक के रेल पथ इंजीनियरिंग विंग को सूचना दी। चार घंटे तक चले मेंटेनेंस के बाद क्षतिग्रस्त ट्रैक की जगह नई पटरी बिछाई गई। तब जाकर उस पर ट्रेन को निकाला गया।

सांपला. खरावड़ में टूटा हुआ रेलवे ट्रैक।

रेलवे मेंटेनेंस पर पूरी तरह फोकस किया जाएगा

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नितिन चौधरी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में लिया जाएगा। घटनाक्रम की जांच कराकर रेलवे मेंटेनेंस पर पूरी तरह फोकस किया जाएगा। पूरा मामला रेल पथ इंजीनियरिंग के उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।

कर्मचारी की सूझबूझ से हादसा टला

कारौर फाटक नंबर 48 पर एक रेलवे कर्मचारी की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। ट्रैक मैन जब 48 नंबर फाटक पर पेट्रोलिंग करते निकल रहा था, तभी उसकी नजर टूटी प्लेट पर पड़ी। सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी गई। रोहतक से एसएसई ऋषि गौतम करीब 6 कर्मचारियों को लेकर 48 नंबर रेलवे फाटक पर पहुंचे। इंजीनियरों ने मुआयना करने पर पाया कि रोहतक से दिल्ली जाने वाली दो नंबर लाइन की चाभी और रबड़ के साथ ट्रैक का हिस्सा काफी पुराना व खराब हो चुका था। सुबह 8 बजे से 12 बजे तक चले मेंटीनेंस में कर्मचारियों ने बड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक को ठीक किया गया। खरावड़ से कारौर मार्ग पर रेलवे फाटक बंद होने से भंभेवा, सिमली, मायना व खेड़ी साध सहित करीब 6 गांव के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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