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एक डेस्क पर 10वीं कक्षा के दो-दो छात्रों को बिठाकर कर दी सर्वे की कसरत पूरी

नेशनल अचीवमेंट सर्वे कक्षा 3, 5 व 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों पर किए जाने के बाद सोमवार को निजी व सरकारी स्कूलों में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 06, 2018, 04:25 AM IST

नेशनल अचीवमेंट सर्वे कक्षा 3, 5 व 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों पर किए जाने के बाद सोमवार को निजी व सरकारी स्कूलों में 10वीं कक्षा के छात्र छात्राओं पर सर्वे किया गया। सर्वे का उद्देश्य तो 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों का शिक्षा का स्तर जांचना था, लेकिन सर्वे टेस्ट में लापरवाही बरती गई। सर्वे में एक स्कूल से 45 बच्चों को शामिल किया गया। फिर भी स्कूल में बच्चों को एक डेस्क पर एक की बजाय दो-दो छात्र छात्राओं को बिठाकर टेस्ट दिलाया गया। निरीक्षण पर निकली अफसरों की टीम ने इस लापरवाही को अनदेखी करती रही। जबकि अफसर पूरे टेस्ट को गोपनीय होने का हवाला देते रहे। 10वीं की बोर्ड परीक्षा का ग्राफ सुधारने के लिए कराए जा रहे सर्वे पर सवाल उठने लगे हैं कि गोपनीय परीक्षा करानी थी तो एक डेस्क पर दो दो विद्यार्थियों को क्यों बिठाया गया। ऐसे में नकल की संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता है। सांपला व रोहतक ब्लॉक सहित अन्य ब्लॉकों में पड़ताल की गई तो चंद स्कूलों में ही बच्चों को अलग अलग बिठाकर परीक्षा कराते रहे। जबकि अधिकांश स्कूलों में एक डेस्क पर ही दो से तीन विद्यार्थियों को टेस्ट दिलाया गया। सांपला ब्लॉक के पाकस्मा गांव में स्थित एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक डेस्क पर दो दो छात्राओं ने टेस्ट दिया। रोहतक ब्लॉक के गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल में छात्राओं को जमीन पर बिठाकर परीक्षा दिलाई गई।

लापरवाही : अधिकारियों ने सब देखा पर व्यवस्था बनाने की नहीं ली जिम्मेदारी

प्री बोर्ड परीक्षाओं के पहले दिन ही पहली बार कराई जा रहे रिहर्सल में एक डेस्क दो से तीन विद्यार्थियों को बिठाकर परीक्षा कराने की लापरवाही उजागर की थी। जिला शिक्षा कार्यालय की तरफ से प्री बोर्ड रिहर्सल में महज औपचारिकता ही निभाई गई। भास्कर टीम ने पड़ताल करती रिपोर्ट प्रकाशित की तब जाकर अफसर हरकत में आए और उन्हें दूसरे दिन से एक डेस्क पर एक बच्चे को बिठाकर परीक्षा कराई। 10वीं कक्षा के बच्चों पर किए जाने वाले नेशनल अचीवमेंट सर्वे में जिला शिक्षा कार्यालय ने गंभीरता नहीं दिखाई और जो लापरवाही प्री बोर्ड रिहर्सल के पहले दिन बरती गई, वहीं औपचारिकता सोमवार को हुए नेशनल अचीवमेंट सर्वे में भी दर्शाई।

83 स्कूलों में 166 जेबीटी ने 2733 विद्यार्थियों पर कराया सर्वे

जिला परियोजना समन्वयक रामअवतार शर्मा ने बताया कि नेशनल एचीवमेंट सर्वे के लिए सोमवार को जिले के 10वीं कक्षा के 83 स्कूलों में 166 जेबीटी ने 2733 विद्यार्थियों पर सर्वे किया है। सर्वे प्रक्रिया सुबह 10 बजे से 11.30 बजे तक लिए गए टेस्ट में 1388 छात्र व 1345 छात्राओं ने हिस्सा लिया। 377 टीचरों से भी फीडबैक पुस्तिका भरवाई है। उन्होंने बताया कि एमएचआरडी की ओर से यह सर्वे नेशनल स्तर पर लिया गया है। इसका उद्देश्य बोर्ड स्तर के विद्यार्थियों में शिक्षा का स्तर जांचना है। सर्वे पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है।

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