Hindi News »Haryana »Sampla» सात गांवों के जलघर सूखे, सांपला व खरावड़ के पास बचा एक सप्ताह का पानी, परेशानी

सात गांवों के जलघर सूखे, सांपला व खरावड़ के पास बचा एक सप्ताह का पानी, परेशानी

सांपला सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के सात गांवों के जलघर सूख चुके हैं। सांपला व खरावड़ के पास भी एक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 13, 2018, 04:50 AM IST

सांपला सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के सात गांवों के जलघर सूख चुके हैं। सांपला व खरावड़ के पास भी एक सप्ताह का ही पानी शेष बचा है। बचे हुए क्षेत्र के जलघरों में भी एक दो दिन का ही पानी बचा है। जन स्वास्थ्य विभाग के जेई सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सांपला सब डिवीजन के अंतर्गत 22 गांव आते है। इनमें पानी की सप्लाई के लिए 50 टैंक बनाए गए है। ज्यादातर टैंकों का पानी खत्म हो चुका है। विभाग ने जमीन से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता जहां ठीक लगी वहां पर 30 ट्यूबवैल लगवाए है। ग्रामीणों का कहना है कि जो ट्यूबवेलों से आने वाले पानी का टीडीएस का लेवल अधिक होने के कारण स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। विभाग का कहना है कि ट्यूबवैल लगाने से पहले विभाग पानी की गुणवत्ता की जांच करने के बाद ही ट्यूबवेल लगवाता है। दिमाना गांव में विभाग ने पानी के बुस्टर लगा रखा है।

सांपला. चुलियाना गांव का जल घर पानी नहीं आने के कारण सूखा पड़ा।

इन गांव में स्टॉक खत्म

गांव कुलताना, चुलियाना, कारौर, नया बांस, भैसरू खुर्द, मोरखेड़ी व दत्तौड़ के जलघरों में पानी का स्टॉक खत्म हो चुका है। यहां पानी सप्लाई का एक मात्र साधन विभाग द्वारा लगाए गए ट्यूबवैल ही बचे हुए है। क्षेत्र के लोग इन ट्यूबवैलों के पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े करते रहे है।

पहाड़ों पर बर्फ जमीं होने के कारण ऊपर से पानी की सप्लाई पर्याप्त मात्र में नहीं मिल रही जिसके चलते यह समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने बताया कि नहरी विभाग ने 1000 क्यूसिक पानी की मांग की थी, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिला। उन्होंने बताया कि विभाग के आला अधिकारी इस समस्या का हल करने का प्रयास लगातार कर रहे है, लेकिन उनको नहीं लगता फरवरी से पहले कोई समाधान हो सके। -सितेंद्र सांगवान, एसडीओ नहरी विभाग के

नहरों में पानी नहीं आने के चलते यह संकट बना है। जलघरों में पानी ही नहीं होगा तो सप्लाई किस प्रकार दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि विभाग संकट से बचने के लिए ट्यूबवैलों का सहारा ले रहा ह। -एन के गर्ग, एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग के

गांवों में है कितने जल टैंक

गांव जल टैंक

कारौर 3

चुलियाना 3

इस्माईला-9बी 1

इस्माईला 11बी 2

कुलताना 3

गढ़ी सांपला 1

सांपला 6

नया बांस 2

भैसरू खुर्द 1

भैसरूकला 2

गांव जल टैंक

हसनगढ़ 2

गिझी 2

दत्तौड़ 3

अटायल 3

कसरैंटी 1

पाक्समा 4

नौन्नद 2

गांधरा 2

समचाना 3

मोरखेड़ी 3

तीन माइनरों से मिलता है पानी

22 गांव के 50 जलघरों में तीन माइनरों द्वारा पानी भरा जाता है। दुल्हेड़ा माइनर, भालौठ माइनर व जसराना माइनर क्षेत्र के लोगों की प्यास बुझाने का काम करती है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Sampla News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: saat gaaanvon ke jlghr sukhe, saanplaa v khraavde ke pass bchaa ek sptaah ka paani, pareshaani
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Sampla

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×