Home | Haryana | Sampla | 6 माह से बंद पड़ी है आधार की मशीनें, कार्यकर्ताओं ने सचिवालय में रोष जताते हुए एडीसी को ज्ञापन सौपा

6 माह से बंद पड़ी है आधार की मशीनें, कार्यकर्ताओं ने सचिवालय में रोष जताते हुए एडीसी को ज्ञापन सौपा

सरकारी कार्यालयों में जगह न दिए जाने से आधार कार्ड बनाने वाली मशीन छह माह से बंद पड़ी है। आधार कार्ड बनाने वाले...

Bhaskar News Network| Last Modified - Feb 07, 2018, 05:05 AM IST

6 माह से बंद पड़ी है आधार की मशीनें, कार्यकर्ताओं ने सचिवालय में रोष जताते हुए एडीसी को ज्ञापन सौपा
6 माह से बंद पड़ी है आधार की मशीनें, कार्यकर्ताओं ने सचिवालय में रोष जताते हुए एडीसी को ज्ञापन सौपा
सरकारी कार्यालयों में जगह न दिए जाने से आधार कार्ड बनाने वाली मशीन छह माह से बंद पड़ी है। आधार कार्ड बनाने वाले विलेज लेवल इंटरप्योनोर (वीएलई) कार्यकर्ताओं ने उपेक्षित किए जाने का आरोप लगाकर मंगलवार को लघु सचिवालय में रोष जताते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद मांगों का ज्ञापन एडीसी अजय कुमार को दिया। दिनेश भारद्वाज ने कहा कि आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था यूआईडीएआई ने डीसी से सभी आधार मशीनों को सरकारी परिसरों में शिफ्ट करने के बारे में कहा था। वीएलई का आरोप है कि इसके बाद कई बार पत्र लिखने के बाद भी सरकारी परिसर में मशीनें चालू नहीं हुई। आरोप है कि आधार के अधिकारी नवीन कुमार ने काफी समय से वीएलई से कागजात ले रखे हैं। लेकिन आज तक उन पर कोई अमल नहीं किया गया। अधिकांश वीएलई अब भी अनुमति पत्र पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन सरकारी परिसरों के संबंधित जो वीएलई शिफ्ट करना चाहते हैं उनको जगह उपलब्ध नहीं कराई जा रही।

रोहतक. लघु सचिवालय में आधार कार्ड बनाने वाले वीएलई बैठक करते हुए।

2-2 लाख रुपये खर्च करके खरीदी थी मशीनें

दिनेश ने बताया कि आधार की मशीनें 6 माह से बंद पड़ी हैं और ऐसे में कमीशन पर काम करने वाले वीएलई भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। सभी वीएलई द्वारा 2-2 लाख रुपये खर्च करके ये मशीनें खरीदी गई थी। लेकिन अब उन्हें बेवजह तंग करते हुए 6 माह से बंद किया गया है। इससे उन्हें काफी आर्थिक हानि हो रही है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग यही है कि सभी आधार मशीनों को सरकारी कार्यालयों में जगह दी जाए ताकि वे अपना काम सुचारू रूप से कर सकें। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती तब तक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का कोई कार्य नहीं करेगा। प्रदर्शन करने वालों में हरविंद्र नांदल, विष्णु, दिनेश कुमार, नरेंद्र खटक, सविता शर्मा, रोहित जांगड़ा, विकास शर्मा, धीरज कुमार, राकेश गोसांई, यशपाल हुड्डा, सुनील मलिक, धीरज, पंकज, राकेश, रविन्द्र, रोहित, विकास शर्मा, संदीप, जितेन्द्र व प्रदीप मौजूद रहे।

सीएससी सेंटर पर तैनात कर्मचारियों ने की हड़ताल

महम लोगों को सुविधा देने के लिए गांवों में सरकार की ओर से खोले गए सीएससी सेंटरों पर तैनात कर्मचारियों ने मंगलवार को दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए। हड़ताल पर जाने से ग्रामीणों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। खरकड़ा के रहने वाले दिनेश व सोनू ने बताया कि उन्हें किराया लगाकर पहले महम जाना पड़ता था लेकिन अब गांव में ही सेंटर खुलने से फायदा मिल रहा है। यदि यह बंद होता है तो ग्रामीणों को दिक्कतें आएंगी। मोखरा के रामर| व सुरेश ने बताया कि वे पेंशन बारे सेंटर पर गए तो वहां कोई नहीं मिला। किससे पूछताछ करें अब उनकी समझ में नहीं आ रहा। खरकड़ा ग्राम सचिवालय में कार्यरत जॉनी का कहना है कि प्रत्येक गांव में खोले गए सीएससी सेंटर में रिहायशी प्रमाण पत्र, आय, जाति, जन्म, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, बैंकिंग सेवा सहित अन्य सरकारी योजनाओं के बारे जानकारी प्रदान की जाती है। उसने बताया कि सरकार की ओर से पिछले एक साल से उन्हें तनख्वाह नहीं दी गई। ग्रामीणों के जो आधार कार्ड बनाए जाते थे उन्हें बनाए जाने का कार्य भी उनसे छीन लिया गया। महम नगर पालिका में सीएससी सेंटर में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर मंजीत दुग्गल ने बताया कि पूरे महम व लाखनमाजरा क्षेत्र में केवल महम नगर पालिका में आधार कार्ड बनाए जाने व उसमें हुई गलतियों को सही करने का कार्य किया जाता है।

ग्रामीणों ने नगरपालिका कार्यालय पर प्रदर्शन किया

सांपला |
आधार कार्ड नहीं बनवाने को लेकर चुलियाना गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर को नगरपालिका कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि वह लगातार दो दिन से अाधार कार्ड बनवाने आ रहे है। अधिकारी साइट नहीं चलने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आज हर कार्य में आधार को अनिवार्य कर रखा हैं। इसलिए बैंक से लेकर शिक्षा, तहसील व अन्य कार्यों के लिए आधार की होना जरूरी है। खरहर से राज और संदीप व मोहित, इस्माइला से सुनील, नया बांस से अशोक, दहकौरा से ओमपति देवी, सांपला से जयभगवान आदि का कहना है कि वह कई दिनों से सांपला स्थित कामन सर्विस सेंटर के चक्कर काट रहे है। काॅमन सर्विस सेंटर संचालक वजीर का कहना है कि सेंटर में एक ही मशीन है। यहां करीब तीन दर्जन गांव से ग्रामीण अपने आधार कार्ड को ठीक करवाने या नया बनवाने के लिए आते हैं।

prev
next
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now