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तीन साल से 5 माइनरों में टेल तक नहीं पहुंचा पानी

सिंचाईविभाग की ओर से क्षेत्र की नहरों में छोड़ा गया पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। इस कारण किसानों को परेशानी का...

Danik Bhaskar | Jan 11, 2018, 06:35 AM IST
सिंचाईविभाग की ओर से क्षेत्र की नहरों में छोड़ा गया पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। इस कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारी पीछे से पानी कम मिलने की बात कहकर अपना पला झाड़ रहे हैं। किसानों का आरोप है कि समस्या इस बार की नहीं तीन साल पुरानी है। हर बार अधिकारी पीछे से कम पानी आने का बहाना बनाते हैं। सिंचाई विभाग ने दो दिन पहले इलाके की नहरों में पानी छोड़ा था, लेकिन सांपला ब्लॉक में लगती भालौट, न्यू इस्माइला, कुलताना माइनर भैसरू कलां और पाकस्मा-कसरेंटी माइनर में अभी तक टेल तक पानी नहीं पहुंचा है।

पीने पानी का भी संकट गहराया

अगरजल्द ही नहरों में आखरी टेल तक पानी नहीं पहुंचा तो लोगों के सामने फसल ही नहीं, बल्कि पीने के पानी का संकट भी गहरा जाएगा। अधिकतर गांव के जलघरों के टैंकों का पानी खत्म हो चुका है। पब्लिक हेल्थ ट्यूबवेलों से काम चला रहा है।

अब फसल की सिंचाई का समय, पर

नहरों में पानी नहीं

रबीफसल बिजाई के बाद इलाके में बरसात नहीं हुई है। अब गेहूं और सरसों दोनों फसलों में पानी नहीं मिल रहा है। किसानों को एक जनवरी से नहरों में पानी आने की उम्मीद थी, लेकिन सिंचाई विभाग ने सात जनवरी तक का समय बढ़ा दिया था। अब 10 जनवरी भी बीत गई, लेकिन किसी भी नहर में पानी नहीं पहुंचा है। इस्माइला के किसान राजा खत्री, हरेंद्र चुलियाणा का कहना है कि जो माइनर में पानी आया है वह मोग के अनुरूप नहीं है। यही शिकायत नयाबांस के सतीश कुमार और भैसरू निवासी नरेश कुमार की है। इलाके में 60 प्रतिशत एरिया नहरों पर निर्भर है। अब एक महीने से भी ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन माइनरों में पानी नहीं आया है। किसानों को अब सर्दी में फसलों की चिंता सताने लगी है। अब उन्हें हजारों रुपए खर्च कर डीजल इंजन ट्यूबवेलों से सिंचाई करनी पड़ेगी।

^पीछे से पूरा पानी नहीं मिल रहा है। 1300 क्यूसिक की डिमांड की हुई है। अब तक 500क्यूसिक पानी मिला है। ऐसे में सभी टेबलों तक पानी पहुंचना मुश्किल है। विभाग प्रयास कर रहा है कि जल्द पानी मिल सके। इसका विशेष ध्यान है।-सिंधु, एसडीओसिंचाई िवभाग

सांपला. पानीके बिना सूखी पड़ी नहर।

समस्या