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एक साल बाद भी सीएम घोषणा के कार्याें की नहीं आई राशि, एसडीओ-जेई अटकाते हैं काम, गांव में घुसने नहीं देंगे

एक साल से सांपला ब्लाॅक के गांवों में अटके हुए कार्याें की वजह से अब सरपंचों का धैर्य जवाब देने लगा है। शनिवार को जब...

Danik Bhaskar | Jan 14, 2018, 07:15 AM IST
एक साल से सांपला ब्लाॅक के गांवों में अटके हुए कार्याें की वजह से अब सरपंचों का धैर्य जवाब देने लगा है। शनिवार को जब कृषि मंत्री गांव दतौड़ में लोहड़ी कार्यक्रम में पहुंचे तो यहां सरपंचों ने ही नहीं आमजन ने भी मंत्री को खरी-खरी सुनाई। गांव खरावड़ के सरपंच बिजेंद्र मलिक के नेतृत्व में सामूहिक रूप से 21 गांवों केे सरपंचों ने लिखित शिकायत कृषि मंत्री को दी। सरपंचों का कहना है कि गत वर्ष सीएम घोषणा के जरिए वादे किए गए थे। अब तक उन घोषणाओं का पैसा पंचायत के खातों में नहीं आया है। इसके चलते गांव के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। इस मामले पर कृषि मंत्री ने सरपंचों से कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इस मौके पर गांव चुलियाना रोहज की सरपंच सुदेश, चुलियाना दूहन की सरपंच कविता, कुलताना से विनोद आदि सरपंच रहे। शनिवार गांव दत्तौड़ में कृषि मंत्री ने 10 लाख 50 हजार रुपए से बने नए आंगनबाड़ी भवन का उद्घाटन कृषि मंत्री ने किया।

तो नहीं आएंगे खंड कार्यालय

एसडीओ और जेई पंचायतों की ओर से किए जा रहे कार्यों में लगातार अड़चन डालने का काम किया जा रहा हैं। जब तक इन सभी अधिकारियों का तबादला नहीं किया जाता, कोई भी सरपंच व पंच न तो खंड कार्यालय आएगा और न ही किसी अधिकारी को अपने गांव में घुसने देगा।

सांपला. दतौड़ गांव में शनिवार को कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपते सरपंच।

नौनंद रजिस्ट्री रद्द करने की मांग उठाई

वहीं, नौनंद के ग्रामीण बिजली निगम के नाम रजिस्ट्री रद्द करने की मांग को लेकर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ से मिलने पहुंचे। गांव नौनंद से दो ट्रैक्टरों में सवार होकर आई महिलाओं और पुरुषों ने गांव में प्रस्तावित बिजली पावर हाउस का विरोध किया। कहा कि सरपंच ने पूरे गांव को अंधेरे में रखा। गांव की 12 एकड़ जमीन बिजली निगम के नाम करा दी। इस रजिस्ट्री को रद्द किया जाए, जिससे गांव मे भाईचारा बना रहे। मांग पत्र गांव के 11 पंचायत सदस्यों में से 9 ने हस्ताक्षर कर रजिस्ट्री रद्द करने की अपील की। इस अवसर पर पूर्व सरपंच बिजेंद्र,पूर्व सरपंच बलजीत ,र| सिंह, दिनेश, सतीश आर्यव्रत, ओमपति, धन्नों देवी, जगवंति, धनकौर, कमलेश, सविता आदि महिलाएं रहीं।

महिलाओं ने पेयजल संकट का मुद्दा उठाया

ग्रामीणों ने जलघरों में पानी की किल्लत के बारे में खरी-खरी सुनाई। ग्रामीणों ने कहा कि यह समस्या लगातार बनी है, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा। वहीं, लोगों का कहना था कि जब अधिकारी ही बोल रहा है कि पानी की समस्या फरवरी तक चलनी हैं तो समाधान कहां से होगा? मंत्री ने कहा, हर बीमारी का इलाज हैं इसका भी इलाज करेंगे।