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फरवरी के पहले हफ्ते से ही बढ़ सकती है पेयजल समस्या, बढ़ेगा नहरबंदी का समय

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:25 PM IST

भास्कर न्यूज | रोहतक/सांपला दिसंबर व जनवरी महीने में मामूली बरसात और पहाड़ों पर जमा बर्फ कम पिघलने से प्रदेश में...
भास्कर न्यूज | रोहतक/सांपला

दिसंबर व जनवरी महीने में मामूली बरसात और पहाड़ों पर जमा बर्फ कम पिघलने से प्रदेश में जल संकट पैदा हो गया है। इसका असर सीधे शहर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ेगा। शहरवासियों को फरवरी के पहले हफ्ते से ही इस संकट का सामना करना पड़ सकता है। दूसरे, जेएलएन नहर में पानी आपूर्ति 3 फरवरी को बंद हो रही है। वहीं सरकार की योजना अब प्रदेश को 5 जोन में बांटने की तैयारी है। इससे नहरबंदी का समय बढ़ा तो नहर में पानी आपूर्ति में कई दिन लग सकते हैं। इस समय लगभग साढ़े 5 लाख की आबादी वाले रोहतक शहर को जलापूर्ति चार जलघरों और करीब 16 बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से हो रही है। सोनीपत रोड स्थित प्रथम जलघर, झज्जर रोड स्थित द्वितीय जलघर, सोनीपत रोड पर जेएलएन नहर के निकट स्थित तृतीय जलघर और दिल्ली रोड पर स्थित देव कालोनी जलघर के जरिए शहर को पानी की आपूर्ति की जाती है। इन जलघरों की क्षमता 8 दिन है। जेएलएन नहर और भालौठ सब ब्रांच से पानी की आपूर्ति की जाती है।

लाइन की दूसरे दिन भी नहीं हुई मरम्मत

भिवानी स्टैंड पर एलीवेटेड रोड के पिलर के लिए खुदाई के चलते 8 इंच की टूटी पाइप लाइन को दूसरे दिन बुधवार को भी मरम्मत नहीं हो पाई। इसके चलते रेलवे रोड, प्रताप चौक, माल गोदाम रोड, किला रोड आदि क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। दो दिन पहले ही लाल मस्जिद के सामने पिलर की पायलिंग के लिए खुदाई शुरू हो चुकी है। पानी की पाइप लाइन टूटने से आसपास के घरों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। नगर निगम पार्षद नीरा भटनागर ने बताया कि इस बाबत पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों को इस बारे में बताया जा चुका है। फिर भी समस्या का समाधान नहीं कराया गया।

41 गांवों के किसानों को हो रही परेशानी

सांपला क्षेत्र में दुल्हेड़ा सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले 41 गांवों के किसानों को खाद के अलावा फसलों की सिंचाई के लिए हो रही पानी की किल्लत से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसको लेकर किसान कई बार अपना रोष भी जता चुके है। वहीं, नहर विभाग के अफसर ऊपर से पानी नहीं आने का बहाना बना कर अब तक बचता रहा है। दुल्हेड़ा व भालौठ माइनर क्षेत्र की बड़ी आबादी की प्यास बुझाता है। पिछले माह मांग के अनुसार जलापूर्ति नहीं मिलने से जल संकट गहरा गया। दुल्हेड़ा सब डिवीजन के अंतर्गत खरावड़, इस्माइला 9बी, इस्माइला 11 बी, सांपला, सांपला खेड़ी, सांपला गढ़ी व रोहद सहित 41 गांव आते हैं। इन गांव में पीने के पानी के अलावा करीब 9638 एकड़ कृषि योग्य जमीन की सिंचाई करने का काम भी किया जाता है। कन्हेली हेड से दुल्हेड़ा माइनर का 23 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र दुल्हेड़ा सब डिवीजन के तहत आता है।

3 फरवरी को नहर में पानी आने की संभावना है। गत माह पर्याप्त पानी नहीं आने से परेशानी हुई। पहाड़ों पर बर्फ के नहीं पिघलने से समस्या हुई है। - सितेंद्र सांगवान, एसडीओ, दुल्हेड़ा सब डिवीजन

लाल मस्जिद के सामने एलीवेटेड रोड के पिलर की खुदाई के समय 8 इंच पानी की पाइप लाइन टूट गई थी, जिसके चलते पानी की आपूर्ति उस क्षेत्र में बाधित हो गई। लाइन की मरम्मत करवा दी थी। दोपहर 3 बजे सप्लाई ठीक कर दी गई। अभी दिक्कत है तो समाधान कराएंगे। सुरेश अहलावत, एसडीओ, पब्लिक हेल्थ विभाग

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Web Title: फरवरी के पहले हफ्ते से ही बढ़ सकती है पेयजल समस्या, बढ़ेगा नहरबंदी का समय
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