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मौसम खराब देख गेहूं की खरीद तेज की

रोहतक | अनाज मंडी में गेहूं उठान नहीं होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीन दिन से शुरू हुई...

Danik Bhaskar | Apr 12, 2018, 03:25 AM IST
रोहतक | अनाज मंडी में गेहूं उठान नहीं होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीन दिन से शुरू हुई खरीद का अभी तक उठान नहीं किया गया। किसानों को खुले आसमान के नीचे गेहूं रखना पड़ रहा है। वहीं, बुधवार को दिन भर होती रही बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी। हालांकि आढ़तियों के पास तिरपाल की व्यवस्था रही। लेकिन फिर भी किसानों को गेहूं भीग जाने का डर सता रहा है। अनाज मंडी में अब तक गेहूं की आवक 25 हजार 825 ¨क्विंटल हो चुकी है। आवक के मुकाबले खरीदे गए गेहूं का उठान अभी तक नहीं किया गया। जिस कारण शेडों में गेहूं पड़े हैं और किसानों को गेहूं रखने की जगह नहीं मिल रही है। किसानों को मजबूरन खुले आसमान के नीचे गेहूं रखना पड़ रहा है। मंडी से उठान नहीं होने का कारण खराब मौसम बताया जा रहा है। ऐसे में अब किसानों को मंडी में गेहूं की फसल डालने में दिक्कत है। सरकारी खरीद शुरू होने के करीब 7 दिन बाद मंडी में गेहूं की आवक शुरू हुई। शुरुआती दौर में गेहूं की फसल में नमी ज्यादा होने के कारण खरीद शुरू नहीं हुई। सोमवार से खरीद का कार्य चल पड़ा। अब गेहूं की आवक तेजी से हो रही है। हैफेड, डीएफसी और वेयरहाउस ये तीन एजेंसी गेहूं की खरीद कर रही हैं।

भास्कर न्यूज | महम

मंडी में बुधवार से गेहूं की खरीद शुरू हो गई। पहले दिन वेयर हाउस ने 18 सौ क्विंटल गेहूं खरीदा। महम में खरीद एजेंसी वेयर हाउस व हैफेड द्वारा गेहूं खरीदा जाएगा। सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को वेयर हाउस तथा बाकी बचे चार दिनों में हैफेड के अधिकारी किसानों का गेहूं खरीदेंगे। दिन में दो बार सुबह 10 व दोपहर बाद 3 बजे अधिकारी गेहूं की खरीद करेंगे। 12 प्रतिशत से अधिक नमी वाला गेहूं को नहीं लिया जाएगा।

ज्यादा नमी का गेहूं मंडी में आने न पाए इसको लेकर आढ़तियों ने मंडी के दोनों गेटों पर अपने आदमी तैनात कर दिए हैं। तैनात किए गए व्यक्ति गेट पर मशीन के माध्यम से गेहूं की नमी जांचते हैं। 13 प्रतिशत से अधिक गेहूं लाने वाले किसान को वापस लौटाया जा रहा है। इससे किसानों ने रोष व्याप्त किया है। किसानों का कहना है कि मंडी उनके लिए है। यदि नमी ज्यादा है तो वे मंडी प्लेटफार्म पर अपना गेहूं सूखा सकते हैं। लेकिन आढ़तियों द्वारा तैनात किए आदमी उन्हें ट्राली अंदर ले जाने से रोकते हैं जो सही नहीं है। इस बारे मंडी के सचिव राजबीर अहलावत का कहना है कि मंडी में गेहूं लाने से कोई आढ़ती किसान को नहीं रोक सकता। यदि कोई नमी की बात कहकर किसान को मंडी में नहीं आने देता तो ये गलत बात है। किसान मंडी में जहां जगह मिले, अपने गेहूं को वहां उतारकर सूखा सकता है। निर्धारित की गई मात्रा नमी वाला गेहूं ही लिया जाएगा। किसान उनसे मिलकर रोकने वाले आढ़ती की शिकायत कर सकते हैं।

महम. अनाज मंडी गेट पर गेहूं की नमी जांचते आढ़ती द्वारा रखे गए मजदूर।

महम में चार दिन से खुले में पड़ा गेहूं

महम मंडी में पिछले चार दिन से गेहूं प्लेटफार्म पर पड़ा हुआ है। उस पर तिरपाल ढके जाने की आढ़तियों ने कोई व्यवस्था नहीं की। पशुओं से बचाने के लिए भी कोई इंतजाम नहीं हैं। आवारा पशु मंडी में पड़े गेहूं को खा रहे हैं। इसके अलावा सफाई की व्यवस्था भी सही नहीं है। कई जगह पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। किसान सभा के जिला अध्यक्ष प्रीत सिंह का कहना है कि मंडी में किसान के गेहूं की देखभाल करना आढ़ती व मार्केट कमेटी का काम है। तिरपाल, चौकीदार, बिजली, पानी, शौचालय आदि की व्यवस्था कमेटी व आढ़तियों को मिलकर करनी चाहिए। कमेटी फीस तो आढ़ती 43 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कमीशन लेते हैं।

सांपला मंडी में 80 हजार क्विंटल गेहूं की आवक

सांपला | नई अनाज मंडी में पिछले करीब एक सप्ताह से गेहूं की लगातार आवक हो रही है, लेकिन खरीद महज तीन दिन ही हो पाई। बुधवार को भी गेहूं की खरीद की गई। खरीद एजेंसी वेयर हाऊस ने करीब सवा 14 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की। मंडी में अभी तक करीब 80 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है जिसमें से करीब साढ़े 37665 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी हैं। मंडी में गेहूं खरीदने के बावजूद उठान कार्य धीमी गति से हो रहा है। खरीद के बावजूद महज 9 हजार क्विंटल का उठान हो पाया है। ब्लाॅक स्तर पर करीब 18 हजार हेक्टेयर भूमि में खेती की जाती है जिसमें से एक तिहाई से ज्यादा भूमि में गेहूं की पैदावार होती है। फसल की कटाई व कढ़ाई के समय मौसम के बदलाव ने किसानों को परेशान कर दिया है। किसान कंबाइन से फसल की कटाई करके जल्दी से जल्दी मंडी में पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।