• Hindi News
  • Haryana News
  • Sampla
  • सुबह सरसों खरीद नहीं होने पर किसानों ने जाम लगाया, शाम को बारिश में भीगा अनाज
--Advertisement--

सुबह सरसों खरीद नहीं होने पर किसानों ने जाम लगाया, शाम को बारिश में भीगा अनाज

महम. सरसों की खरीद नहीं होने से नाराज किसान सड़क पर लेटकर जाम लगाते हुए व मंडी में बारिश के दौरान भीगी हुई सरसों को...

Dainik Bhaskar

Apr 07, 2018, 04:10 AM IST
सुबह सरसों खरीद नहीं होने पर किसानों ने जाम लगाया, शाम को बारिश में भीगा अनाज
महम. सरसों की खरीद नहीं होने से नाराज किसान सड़क पर लेटकर जाम लगाते हुए व मंडी में बारिश के दौरान भीगी हुई सरसों को दिखाते किसान।

भास्कर न्यूज | महम

महम अनाम मंडी में पिछले तीन दिनों से सरसों खरीद नहीं होने पर शुक्रवार को किसान सड़क पर उतर गए। उन्होंने मंडी गेट के आगे लेटकर रोड जाम कर दिया। जाम के कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसानों ने एक घंटे तक सड़क पर लेटे रहे। जाम की सूचना मिलने पर एसडीएम दलबीर सिंह फोगाट मंडी पहुंचे। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों सड़क से उठे और मंडी में वापस चले गए। शाम 5 बजे के बाद हुई बारिश से मंडी में किसानों की सरसों भीग गई। मंडी में बारिश से फसल बचाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था भी नहीं की गई थी। बारिश में किसानों की मेहनत बह गई। ऐसे में किसानों को काफी नुकसान हुआ है।

रात मंडी में गुजार रहे

आश्वासन मिलने के बाद किसान एसडीएम के साथ मंडी में हैफेड की दुकान पर गए। उन्होंने परचेज अधिकारी विजय देशवाल से समाधान निकालने को बात कही। किसानों ने आरोप एजेंसी बाहर से आए व्यापारियों की सरसों खरीद रहे है। वह तीन दिनों से मंडी में रुके हुए है। उन्हें रात भी मंडी में गुजारनी पड़ रही है। किसानों ने सरसों खरीद नहीं होने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर मिली भगत के आरोप लगाए।

मंडी में बारिश को लेकर नहीं की गई कोई व्यवस्था

बूंदाबांदी ने खोली दावों की पोल

सांपला | हल्की बूंदाबांदी ने मार्केट कमेटी के दावो की पोल खोलकर रख दी। किसानों का गेहूं तिरपाल नहीं होने के कारण बारिश में भीगता रहा। वहीं मार्केट कमेटी के दरवाजे पर ताला लटका मिला। मंडी में बारिश के दौरान अधिकारी और कर्मचारी नदारद रहे। मार्केट कमेटी के सचिव अरुण दांगी व चेयरमैन रमेश मलिक की आेर से किए दावे बारिश के दौरान फेल होते हुए दिखाई दिए। किसान भी बारिश में गेहूं को बचाते दिखाई दिए।


सरसों ब्रिकी में देरी से गेहूं की कटाई हो रही प्रभावित

किसानों का कहना है कि गेहूं की कटाई भी शुरू हो गई है। वह मंडी में रोज चक्कर काटते रहेंगे तो गेहूं की कटाई प्रभावित होगी। उन्होंने कहा सरकार अनेक प्रकार की शर्तें थोपकर किसान को परेशान करने पर तुली हुई है। किसानों ने जल्द सरसों लिए जाने की अधिकारियों से गुहार लगाई है। दूसरे राज्यों की सरसों हरियाणा में न आए इसके लिए सरकार की ओर से जमीन की फरद मांगी जा रही है। लेकिन जमीन की फरद का कोई औचित्य नहीं रह गया है। कुछ व्यापारी ऐसे भी हैं जिनके पास काफी जमीन है लेकिन उन्होंने गेहूं की फसल उगा रखी है। जमीन की फरद लेकर उस पर सरसों की बिक्री धड़ल्ले से कर रहे हैं। इसमें पटवारियों के साथ मिली भगत से भी इंकार नहीं जा सकता।

गेहूं, चना, सरसों को नुकसान

कलानौर | कलानौर क्षेत्र के बारिश आने के बाद किसानों की मुश्किलें बढ़ गई। क्षेत्र में गेहूं चना सरसों जो व अन्य सभी फसलें पक कर तैयार हो चुकी है। गेहूं, चना, जौ की कटाई का कार्य भी शुरू हो चुका है। खराब मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। किसानों ने बताया कि बारिश आने से मंडी और खेत में फसल को नुकसान हुआ है।


कलानौर में सरसों

खरीद का शेड्यूल जारी

कलानौर | कलानौर अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद का कार्य जारी है। आवक ज्यादा बढ़ने से मंडी में अव्यवस्थाएं फैलनी शुरू हो गई है। मंडी के सरकारी खरीद तथा उसके उठान में परेशानी बढ़ रही है। खरीद एजेंसी हैफेड ने 9 अप्रैल से रोस्टर वाइज खंड कलानौर के सभी गांव की सरसों खरीदने का निर्णय लिया है। खरीद अधिकारी जसबीर हुड्डा ने बताया कि सरसों की खरीद के लिए बनाए गए रोस्टर में 9 अप्रैल को कलानौर कलां, 10 को कलानौर खुर्द, 11 को निगाना तथा बसाना, 12 को सैंपल तथा भाली आनंदपुर, 13 को गुढ़ाण तथा लाहली, 16 को कटेसरा तथा बनियानी, 17 को आवल तथा माडौदी,18 को पिलाना तथा खैरडी, 19 को मांझा तथा ककराना, 20 को मसूदपुर व गढ़ी बलम, 23 को पटवापुर व गरनावठी, 24 को जिंदाराण तथा सांगाहेड़ा. 25 अप्रैल को सुंडाना गांव की सरसों खरीदी जाएगी।

X
सुबह सरसों खरीद नहीं होने पर किसानों ने जाम लगाया, शाम को बारिश में भीगा अनाज
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..