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मंडी में उतरा हेलीकॉप्टर तो जगी उम्मीद-सीएम सुनेंगे पीड़ा, ढेरी देख कर निकले मनोहर, तकते रह गए किसान

भास्कर न्यूज | कुरुक्षेत्र-शाहबाद सीएम मनोहरलाल केयू में वर्कशॉप अटेंड करने पहुंचे थे। लगे हाथों पार्टी के...

Danik Bhaskar | Jun 10, 2018, 02:55 AM IST
भास्कर न्यूज | कुरुक्षेत्र-शाहबाद

सीएम मनोहरलाल केयू में वर्कशॉप अटेंड करने पहुंचे थे। लगे हाथों पार्टी के संपर्क फॉर समर्थन अभियान के तहत बुद्धिजीवी तबके से मुलाकात का प्लान भी बना लिया। यहां रिटायर जज, सेवानिवृत वैज्ञानिक और एक व्यापारी से मिलने उनके घर पहुंचे।

सीएम के शाहाबाद मंडी आने की भनक लगते ही भाकियू पदाधिकारी और किसान भी मिलकर बात रखने को मंडी में एकजुट हो गए। सीएम हेलीकॉप्टर लेकर मंडी पहुंचे भी। यहां आकर मक्का की एक ढेरी भी देखी। लेकिन बिना किसानों से मिले वैज्ञानिक ढींढसा से मिलने निकल गए।

दो हजार से करनी है मुलाकात : पार्टी के संपर्क फॉर समर्थन अभियान के तहत सीएम ने कुरुक्षेत्र में तीन लोगों से मुलाकात की। पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल, राज्यमंत्री कृष्ण बेदी,विधायक डा. पवन सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मबीर मिर्जापुर व जिप चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी के साथ सेक्टर-8 में सेवानिवृत न्यायाधीश धर्मपाल सिंह के घर पहुंचे। धर्मपाल सिंह, प|ी बिमला देवी, बेटे मोहित और पुत्रवधू गुरप्रीत कौर ने स्वागत किया। बताया कि पार्टी के इस अभियान में प्रदेश में भाजपा नेता करीब दो हजार उन लोगों से मिलेंगे, जिनकी अलग अलग क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान है। चार दिनों से वे खुद भी ऐसे लोगों से मिल रहे हैं।

ढींढसा से बंद कमरे में की बातचीतः इसके बाद वे प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ.कुलदीप सिंह ढींढसा से मिलने पहुंचे। डॉ.ढींढसा, बेटे अभिषेक, डॉ. प्रोमिला ढींडसा व दिव्यांश ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बंद कमरे में काफी देर तक सीएम ने बातचीत की। इसके बाद व्यापारी यशपाल वधवा के निवास पर पहुंचे ।

कुरुक्षेत्र | सेवानिवृत्त जज धर्मपाल सिंह से मिलते सीएम साथ में विधायक व अन्य।

टाला जिम्मेदारी का सवाल

डॉ.ढींढसा से तो मिलने पहुंचे लेकिन मीडिया के समक्ष वे डॉ.ढींढसा का नाम लेने में अटक गए। यहां ज्यादा भीड़ नहीं थी लेकिन सीएम के सुरक्षा दस्ते ने धक्का मुक्की की। बाद में सीएम ने खुद ही सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वे मीडिया से मिलना चाह रहे हैं, आप उन्हें ही रोक रहे हैं। क्या डॉ. ढींढसा को सरकार कोई जिम्मेदारी देगी, इस सवाल को सीएम टाल गए। वहीं इनेलो-बसपा गठबंधन को बेमेल विवाह बताया।

भाकियू का आरोप

प्रशासन ने गच्चा दिया सीएम से मिलने नहीं दिया

भाकियू कार्यकर्ता सीएम से मिलना चाहते थे। पता चलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया। कार्यकर्ताओं को दीपक विहार में एक कोठी में ही बिठाए रखा। मुख्यमंत्री वहां आकर भी चले गए। भाकियू प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने गच्चा दिया। कार्यकर्ताओं को भरोसा दिया था कि दीपक विहार में यशपाल वधवा के निवास पर सीएम से मुलाकात कराई जाएगी। जब व लोग वहां पहुंचे तो वधवा के सामने वाली कोठी में बिठा कर सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए। भाकियू नेता ने कहा कि वे लोग सीएम से सूरजमुखी व मक्का के मूल्य व सरकारी खरीद को लेकर मिलना चाह रहे थे।