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डेरा सच्चा सौदा विवाद में प्रयोग हुए वाहनों का नहीं दिया किराया

डेरा सच्चा सौदा विवाद में एक महीने तक प्रशासन की ओर से प्राइवेट वाहनों का प्रयोग करने के बाद प्रशासन ने अभी तक वाहन...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:15 AM IST
डेरा सच्चा सौदा विवाद में एक महीने तक प्रशासन की ओर से प्राइवेट वाहनों का प्रयोग करने के बाद प्रशासन ने अभी तक वाहन चालकों को उनका किराया नहीं दिया है। इसके लिए वाहन चालक बार बार डीसी कार्यालय के चक्कर लगाने पर मजबूर हो रहे हैं। गुरुवार को एक बार फिर प्राइवेट गाड़ी चालक अपना किराया लेने के लिए डीसी प्रभजोत सिंह से मिले। उनको अपनी परेशानी बताई। इस पर डीसी ने पूरा ब्यौरा बनाकर लाने की बात कही है।

अगस्त माह में सीबीआई की कोर्ट ने साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख को सजा सुनाई थी। जिसके जवाब में डेरा प्रेमियों ने शहर में आगजनी और हिंसा की घटनाओं को अंजाम दिया था। इस दौरान प्रशासन ने शहर में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस फोर्स, मिलिट्री फोर्स व प्रशासनिक अधिकारियों की गश्त के लिए जिलेभर से प्राइवेट वाहन किराये लिए थे। जिसका अभी तक भुगतान नहीं किया है। डीसी कार्यालय पहुंचे गाड़ी मालिक सुरजीत, रमेश सोनी, अमन ने बताया कि डेरा प्रकरण के दौरान प्रशासन 100 से अधिक कैंटर, ट्रक, कार, पिकअप आदि गाडिय़ां जोर जबरदस्ती किराए पर ली थी। इन वाहनों का प्रयोग अधिकारियों, पुलिस फोर्स, मिलिट्री फोर्स आदि के आवागमन में या उनके लिए खाद्य सामग्री की ढुलाई के लिए किया गया था।

उस दौरान गाडिय़ों में डीजल-पेट्रोल आदि तो प्रशासन की तरफ से ही डलवाया गया, लेकिन गाडिय़ों के किराये की राशि बाद में देने की बात कही। उन्होंने बताया कि इन गाडिय़ों का प्रयोग 20 से 30 दिन तक किया गया और एक गाड़ी पंचकूला में ही करीब डेढ़ माह तक रखी गई थी, लेकिन किसी भी गाड़ी की किराया राशि अभी तक वाहन मालिकों को नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि तय रेट के अनुसार एक गाड़ी का किराया करीब 25 हजार रुपये बैठता है और 90 गाडिय़ों की कुल राशि 22 लाख 50000 रुपये होती है। इसी राशि की मांग को लेकर आज वे उपायुक्त से मिले हैं। डीसी ने बताया है कि सरकार की ओर से डेरा प्रकरण दौरान प्रयोग की गई गाड़ियों के भुगतान के लिए 5 लाख रुपये आए थे जो कि गाड़ी मालिकों के बांट दिए गए थे। उन्होंने गाड़ी चालकों से गाडिय़ों के नंबर व मालिकों के नाम लिखकर देने को कहा है।

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