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फैसले का स्वागत

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:55 AM IST

गेहूं के सीजन में उठान की समस्या से निपटने के लिए इस बार सरकार ने पहली बार गेहूं उठान के लिए परिवहन और लेबर का ठेका...
गेहूं के सीजन में उठान की समस्या से निपटने के लिए इस बार सरकार ने पहली बार गेहूं उठान के लिए परिवहन और लेबर का ठेका आढ़ती एसोसिएशन को देने के लिए टेंडर की शर्तों में बड़ी छूट प्रदान की है। आढ़तीयों की मांग के अनुसार सरकार चाहती है कि खरीदा हुआ माला आढ़ती खुद उठाकर गोदाम तक पहुंचाए। जिस कारण किसानों को गेहूं डालने के लिए जगह का अभाव ना हो और आढ़ती को भी किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान ना उठाना पड़े। इसके लिए सरकार ने उठान और लेबर के ठेके में आढ़ती एसोसिएशन के लिए 3 साल के अनुभव होने की शर्त को हटा दिया है।

बाकी ठेकेदारों के लिए यह शर्त रहेगी, मगर आढ़ती एसोसिएशन पर लागू नहीं होगी। वहीं आढ़ती एसोसिएशन किसी भी ट्रांसपोर्ट से अनुबंध करके वाहनों की शर्त को भी पूरा कर सकती है। सरकार की ओर से ठेके में दो बड़ी शर्तों में छूट देने से अब आढ़ति एसोसिएशन यह ठेका लेकर उठान की समस्या से निपटने का प्रयास कर सकती है। इतना ही नहीं प्रदेश में पहली बार गेहूं उठान और लेबर का ठेका देने की प्रक्रिया को भी ई-टेंडरिंग प्रणाली से जोड़ा गया है। टेंडर के लिए सभी आवेदन ऑनलाइन होंगे। इससे उन ठेकेदारों का फायदा है जो किसी के दबाव में आकर ठेका लेने के लिए आवेदन नहीं कर पाते थे। वे अपने घर बैठकर ही आवेदन कर सकते हैं।



आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र मिंचनाबादी ने सरकार की ओर से गेहूं उठान के लिए परिवहन ठेके में आढ़ती एसोसिएशन को दी गई छूट के फैसले का तो स्वागत किया। मगर उन्होंने कहा कि आढ़ती एसोसिएशन टेंडर डालने पर तब विचार करेगी जब सरकार उन्हें गोदामों में माल समय पर अनलोडिंग होने की गारंटी दे। अगर अनलोडिंग की समस्या पहले की भांति रहती है तो उठान का ठेका लेने से उनका आर्थिक नुकसान और अधिक बढ़ जाएगा। इसलिए सरकार अनलोडिंग की समस्या का भी निदान करें। उसके बाद किसान और व्यापारी दोनों को लाभ होगा।

सरकार ने आढ़ती एसोसिएशन को दी मंडी से गेहूं उठान और लेबर के ठेके में पहली बार छूट

20 फरवरी को खुलेगा फाइनल बिड

जिला खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक विभाग की ओर से जिले की सभी मंडियों में गेहूं उठान के लिए परिवहन, लेबर और ढुलाई के लिए टेंडर भरने की प्रक्रिया 5 फरवरी से शुरू हो जाएगी। डीएफएससी अशोक बंसल ने बताया कि परिवहन का ठेका लेने वाले आवेदक 12 फरवरी तक ऑनलाइन टेंडर डाल सकते हैं। श्रम व ढुलाई के लिए टेंडर की प्रक्रिया 7 फरवरी से 14 फरवरी तक चलेगी। परिवहन टेंडर के लिए टेक्नीकल बिड खोलने और दस्तावेज की जांच 13 फरवरी को होगी। वहीं लेबर के टेंडर की 15 फरवरी को जांच होगी। उसके बाद 20 फरवरी को पंचायत भवन में फाइनल बिड खोले जाएंगे।

आढ़ती एसोसिएशन करेगी टेंडर पर विचार

ठेका मिलने पर किसान व व्यापारी को होगा लाभ

व्यापारी वर्ग की मानें तो अगर गेहूं उठान और लेबर का ठेका आढ़ती एसोसिएशन को मिल जाए तो इसका सीधा लाभ किसान और व्यापारी को मिलेगा। समय पर माल का उठान होगा। जिस कारण मंडी में जगह का अभाव नहीं होगा। इसलिए किसान को गेहूं मंडी में उतारने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गेहूं की खरीद तुरंत हो जाएगी। वहीं उठान समय पर होने के कारण खरीद एजेंसियां आढ़ती की पेमेंट नहीं रोक सकेगी। उठान करवाने के लिए ट्रक चालकों और लेबर को अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। बरसात में गेहूं भीगने का भी डर नहीं रहेगा।

गेहूं स्टॉक करने के लिए नहीं हुए अभी तक गोदाम खाली

सिरसा की मंडियों में इस बार जिला खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक विभाग ने साढ़े 11 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होने का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष 10 लाख 87 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। एक तरफ विभाग ने पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक गेहूं की खरीद होने का अनुमान लगाया है। वहीं सिरसा में गेहूं का स्टॉक करने के लिए विभाग के पास पर्याप्त गोदाम भी खाली नहीं है। अभी केवल जिला में 6.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं स्टॉक रखने के लिए जगह उपलब्ध है। बाकी गेहूं के लिए गोदाम खाली नहीं है। गेहूं स्पेश के स्पेश लिए विभाग ने प्रयास शुरू कर दिया हैं। चूंकि 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जानी है। अगर स्पेश नहीं मिला तो खुले में गेहूं लगानी पड़ेगी।

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Web Title: फैसले का स्वागत
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