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चार साल से वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई, रजिस्ट्रार ने मांगा जवाब

चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में वर्ष 2012 में आयोजित इंटरनेशनल काॅन्फ्रेंस में वित्तीय अनियमितता की शिकायत हुई तो...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:30 PM IST

चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में वर्ष 2012 में आयोजित इंटरनेशनल काॅन्फ्रेंस में वित्तीय अनियमितता की शिकायत हुई तो फाइल करीब चार साल तक अटकी रही। दोबारा शिकायत जाने पर अब सीडीएलयू प्रशासन जागा और जांच के लिए फाइल आगे बढ़ी तो जांच अधिकारियों ने ही हस्तक्षेप से इंकार कर दिया। अब रजिस्ट्रार ने फाइल पर कार्रवाई और जांच में देरी के लिए स्पष्टीकरण मांग लिया है। रजिस्ट्रार ने फाइल पर कमेंट्स डालकर पूछा है कि शिकायत पर संज्ञान लेने में चार साल क्यों लगे। सीडीएलयू प्रशासन अब जिम्मेदार कर्मचारी-अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के मूड में हैं।

सीडीएलयू के ऊर्जा एवं पर्यावरण विभाग की ओर से वर्ष 2012 में एक इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कांफ्रेंस के बाद इसी विभाग की एक प्राध्यापक डॉ. अंजू ने वीसी को शिकायत भेजकर आरोप लगाए कि इस कांफ्रेंस के नाम पर वित्तीय अनियमितताएं बरती गई हैं। तत्कालीन वीसी ने तुरंत प्रभाव से जांच के आदेश जारी किए। लेकिन जांच शुरू ही नहीं हो पाई। शिकायत की फाइल करीब चार साल तक अटकी रही। जबकि नियम है कि एक या दो सप्ताह से अधिक कोई भी फाइल पेंडिंग नहीं छोड़ी जा सकती। इस मामले की शिकायत अब एक बार फिर हुई है। इसके बाद अब सीडीएलयू प्रशासन जागा और आनन-फानन में कार्यालय रिपोर्ट बनाकर जांच अधिकारियों के पास भेजी गई। लेकिन सूत्र बताते हैं कि वीसी की ओर से गठित जांच कमेटी के अधिकारियों ने जांच करने से ही इंकार कर दिया। फाइल दोबारा रजिस्ट्रार के पास गई। रजिस्ट्रार ने फाइल पर कमेंट्स डालकर पूछा है कि फाइल इतनी देरी से क्यों चली और चार साल तक फाइल देरी का कारण स्पष्ट किया जाए। साथ ही रजिस्ट्रार ने कर्मचारी या अधिकारी की जिम्मेदारी भी फिक्स करने के लिए स्पष्टीकरण मांगा है।

देरी हुई है, जिम्मेदारी तो फिक्स करनी ही पड़ेगी : रजिस्ट्रार

नियम है कि किसी भी फाइल को बिना किसी कारण अधिक समय तक रोक कर नहीं रखा जा सकता। फाइल चलाने देरी हुई है तो इसके लिए मैंने जवाब मांगा है कि जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी कारण बताए। साथ ही देरी के लिए अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी भी फिक्स करने के लिए कहा गया है। अब फाइल दोबारा मेरे पास आएगी, तो उसे देखकर ही आगे कुछ बता पाऊंगा। -प्रो. असीम मिगलानी, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू।

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