आरकोलॉजी सोसायटी ने कुनाल में खुदाई के लिए लाइसेंस जारी किए / आरकोलॉजी सोसायटी ने कुनाल में खुदाई के लिए लाइसेंस जारी किए

Sirsa News - गांव कुनाल के प्राचीन उत्खनन शिविर में साल 2018-19 की खुदाई के लिए इंडियन आरकोलॉजी डिपार्टमेंट नई दिल्ली खुदाई के लिए...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2018, 02:37 AM IST
Ratiya - archaeological society issued licenses for excavation in kunal
गांव कुनाल के प्राचीन उत्खनन शिविर में साल 2018-19 की खुदाई के लिए इंडियन आरकोलॉजी डिपार्टमेंट नई दिल्ली खुदाई के लिए लाइसेंस जारी की खुदाई की अनुमति दे दी है। खुदाई का काम नेशनल म्यूजियम डिर्पाटमेंट ऑफ आरकोलॉजी, आरकोलॉजी डिर्पाटमेंट ऑफ इंडिया व हरियाणा पुरातत्व विभाग चंडीगढ़ की टीमें करेगी। खुदाई का काम अगले माह दिसंबर से शुरु होगा। खुदाई को लेकर पुरातत्व विभाग चंडीगढ़ व नेशनल म्यूजियम डिर्पाटमेंट ऑफ आरकोलॉजी ने अनुमति मांगी थी। खुदाई जून माह के अंतिम सप्ताह तक चलेगी। फिलहाल मानसून के चलते कुनाल उत्खनन शिविर में काम पर रोक लगी हुई है।

खुदाई में दिल्ली, हरियाणा व चंडीगढ़ की टीमें काम करेगी। खुदाई का काम शिविर के सेंटल को लेवल रख कर किया जाएगा। खुदाई से पहले पिछले साल व अन्य वर्षों के दौरान की गई खुदाई से भी मिलान किया जाएगा। इस पर पहले मंथन होगा। खुदाई तब तक जारी रहेगी जब तक तली व आसपास की जगह पर प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिलते रहेगें। अवशेष मिलने केे बाद खुदाई के काम को बंद कर रिपोर्ट चंडीगढ़ व दिल्ली पुरातत्व विभाग को भेजी जाएगी। काम जून माह के अंत तक चलेगा। मानसून की बरसातों में खुदाई का काम बंद कर उसे पालीथीन से ढक दिया जाता है। अगले साल खुदाई के लिए फिर से लाइसेंस लेना पड़ता है। अनुमति के बाद ही पुरातत्व विभाग की एजेंसियां खुदाई कर सकती है। खुदाई की अनुमति मिलने के बाद टीम ने खाका बनाना शुरू कर दिया है। खुदाई काम काम पुरातत्व विभाग हरियाणा की उप निदेशक बुनानी भट्टाचार्य की देखरेख में होगा। खुदाई टीमें नवंबर के अंत तक निरीक्षण के लिए पहुंच जाएगी।

यहां खुदाई के दौरान गोलाकार घर मिले हैं, जो कि 6 हजार साल पुरानी सभ्यता के प्रमाण हैं। करीब 6 हजार साल पहले लोग नदियों के किनारे ऐसे मकान बनाते थे। उसके बाद हड़प्पाकालीन सभ्यता में लोग चौरस मकान बनाते थे। यहां पर गोलाकार मकान मिले हैं, जो मिट्टी से निर्मित हैं। कहीं भी पक्की ईंटों व पत्थरों का इस्तेमाल नहीं किया गया। अनुमान है कि यहा करीब सात हजार से 7200 सौ साल पुरानी सभ्यता के अवशेष मिल सकते है। महिलाओं के आभूषण के स्टोन, मणके, हड्डियों के मोती भी खुदाई के दौरान मिलने आम बात। बेशकीमती वस्तुओं को संग्रहालय में भेजा जाएगा। इससे पहले भी काफी वस्तुएं संग्रहालय में भेजी जा चुकी हैं। पुरातत्व विभाग हरियाणा की उप निदेशक बुनानी भट्टाचार्य ने कहा कि खुदाई को लेकर लाइसेंस मिल चुका है। खुदाई दिसबंर के आखरी सप्ताह से शुरू कर देंगे। खुदाई तली तक की जाएगी। इसको लेकर टीमों नियुक्त कर दी है। खुदाई में केंद्र व राज्य की टीमें काम करेगी।

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Ratiya - archaeological society issued licenses for excavation in kunal
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