कोर्ट के निर्देश पर डीएसपी ने शुरू की विदेश भेजने के नाम किसान से लाखों ठगी मामले की जांच

Sirsa News - विदेश भेजने के नाम पर 31 लाख रुपये की ठगी मामले में कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने केस को रिओपन करते हुए मामले की जांच...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:35 AM IST
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विदेश भेजने के नाम पर 31 लाख रुपये की ठगी मामले में कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने केस को रिओपन करते हुए मामले की जांच शुरू कर है। डीएसपी आर्यन चौधरी ने गत दिवस पीडि़त किसान शमशेर सिंह के बयान दर्ज करे। इसके अलावा आरोपियों को भी नोटिस जारी करके पूछताछ के लिए तलब किया गया है।

एसीजेएम कोर्ट ने पीडि़त की याचिका पर फैसला सुनाया था कि पुलिस ने इस मामले की निष्पक्ष रूप से जांच नहीं की और पीडि़त को भी जांच में शामिल नहीं किया गया। निष्पक्ष जांच न करते हुए पुलिस ने कोर्ट के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर रद्द कर दी। ऐसे में सिरसा एसपी को निर्देश दिया जाता है कि इस मामले को रिओपन करे और डीएसपी रेंक के अधिकारी से मामले की जांच हो। सदर थाना पुलिस ने 26 फरवरी 2015 को कोर्ट के निर्देश पर नौ आरोपियों पर धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से हाथ मिलते हुए एफआईआर रद्द कर दी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीडि़त किसान ने आस्ट्रेलिया एबेंसी और नई दिल्ली एबेंसी सहित बैंक के माध्यम से हुए सारे लेन-देन का सबूत अदालत समक्ष पेश किए।

गांव सिकंदरपुर निवासी किसान शमशेर के बेटे नवनीत सिंह ने वर्ष 2014 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। शमशेर ने बेटे को आगे एमबीए की पढ़ाई के लिए आस्ट्रेलिया भेजने का मन बनाया। इसी बीच नवनीत ने चडदी कला टीवी चैनल पर एक कंपनी का शो देखा जिसमें चंडीगढ की एक कंपनी जो बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजनी की जानकारी दे रही थी। कार्यक्रम देखने के बाद नवनीत चंडीगढ के सैक्टर 35सी द तर में पहुंचा। कंपनी की डायरेक्टर वीना गोयल, राजेश्वर गोयल निवासी सैक्टर 44बी ने शमशेर सिंह को बताया कि वे उसके पुत्र को पढ़ाई के लिए आस्ट्रेलिया भेज देंगे। ऐसे हजारों बच्चों को उनकी कंपनी

विदेशों में चुकी है। इसके बाद काउसलिंग ऑफिसर दीपिका ने नवनीत की नवनीत सिंह का काउंसलिंग की और इंटरव्यू लिया। कंपनी के पदाधिकारियों ने 10 नवंबर 2014 को शमशेर सिंह से 20 लाख रुपये वसूल किए और बोले नवनीत का आस्ट्रेलिया के मेलबर्न एडमिशन करवा दिया है। इसके बाद एफडीआर के नाम पर 11 लाख रुपये जो पीडि़त ने एक्सिस बैंक वेदवाला से कंपनी डायरेक्टर वीना के अकाउंट में ट्रांसफर करवा दिए। इसके बाद खुशी के मारे शमशेर रिश्तेदारों को पार्टी तक दे डाली। सभी ने नवनीत सिंह को आशीर्वाद दिया। इसके पश्चात कंपनी के पदाधिकारियों का शमशेर के पास फोन आया उन्होंने कहा कि आपको 5823 डालर देने होंने। शमशेर सिंह ने यह राशि भी बैंक के माध्यम से कंपनी के खाते में ट्रांसफर करवा दी। शमशेर ने कंपनी डायरेक्टर से कहा कि सारा रुपया जमा करवा दिया है अब जल्द से मेरे पुत्र को आस्ट्रेलिया भेजो। कंपनी अधिकारी टाल मटोल करने लगे। शमशेर को दाल मेें कुछ काला लगा और उसने दिल्ली और दिल्ली एंबेसी सें संपर्क किया तो उसे बताया गया कि उसके बेटे की जगह किसी दूसरे को कंपनी ने मेलबार्न भेजा है। कंपनी की धोखाधड़ी सामने आने के बाद पीडि़त शमशेर ने कंपनी की डायरेक्टर वीना गोयल व राजेश्वर गोयल से अपने 31 लाख रुपये वापिस मांगे। कंपनी के अधिकारियों ने रुपये देने से साफ इंकार कर दिया। सदर थाना पुलिस को पीडि़त ने शिकायत की लेकिन सदर पुलिस ने आरोपियों से ही हाथ मिला लिया और शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीडि़त को न्याय के लिए अदालत का द्वार खटखटाना पड़ा। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कंपनी डायरेक्टर व एचडीएफसी बैंक मैनेजर सहित नौ लोगों पर केस दर्ज किया।

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