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शहर में पेयजल के 62 में से 37 सैंपल फेल, विभाग मानने को तैयार ही नहीं

शहरी के विभिन्न इलाकों में दूषित पेयजल सप्लाई हो रहा है। इस बात की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है। विभागीय टीम ने...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:45 AM IST
शहर में पेयजल के 62 में से 37 सैंपल फेल, विभाग मानने को तैयार ही नहीं
शहरी के विभिन्न इलाकों में दूषित पेयजल सप्लाई हो रहा है। इस बात की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है। विभागीय टीम ने हाल ही में शहर के विभिन्न इलाकों से पेयजल के कुल 62 सैंपल लिए जिनमें से 37 सैंपल फेल आए। लेकिन पब्लिक हेल्थ विभाग के संबंधित अधिकारी स्वास्थ्य विभाग की इस सैंपल रिपोर्ट को सही नहीं मान रहे हैं। विभाग के एसडीईओ ने तो यहां तक भी कह दिया है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम का पानी के सैंपल लेने का तरीका ही सही नहीं है तो रिपोर्ट कैसे सही होगी ? इससे दोनों विभाग की कंट्रोवर्सी भी सामने आ गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने गर्मी के सीजन को ध्यान में रखते हुए इसी माह के शुरुआती चरण में शहर के विभिन्न इलाकों में पब्लिक हेल्थ विभाग की ओर से सप्लाई किए जा रहे पेयजल के कुल 62 सैंपल लिए। उनकी क्लोरीनेशन और बैक्ट्रियोलॉजिकल जांच की गई तो 37 सैंपल फेल निकले। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक जिन इलाकों के पानी के सैंपल फेल आए हैं उन इलाकों में सप्लाई होने वाला पानी दूषित है और वह पीने योग्य नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पब्लिक हेल्थ विभाग के संबंधित अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में पानी में क्लोरीनेशन ठीक करने की हिदायत भी दी है। लेकिन पब्लिक हेल्थ विभाग के संबंधित अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग की सैंपल रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए उसे गलत करार दे दिया। इसके साथ ही सैंपल लेने का तरीका भी गलत बताया।

शहर के इन इलाकों में फेल आए पेयजल सैंपल

शहर की चत्तरगढ़ पट्टी कॉलोनी, जेजे कॉलोनी, गांधी काॅलोनी, सिंगीकाट मोहल्ला, मोचियांवाली गली, पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, गोशाला मोहल्ला, भारत नगर और सिकलीगर मोहल्ला में सप्लाई हो रहे पेयजल के सैंपल फेल आने का दावा स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में किया गया है। इसके साथ यह हिदायत भी दी गई है कि इन इलाकों में सप्लाई हो रहे पानी में क्लोरीनेशन की मात्रा में इजाफा किया जाए। सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता ने कहा कि शहर के विभिन्न इलाकों में पेयजल के लिए कुल 62 सैंपलों में से 37 सैंपल फेल आए हैं। सैंपल रिपोर्ट पब्लिक हेल्थ विभाग के पास भेज कर उनको अलर्ट किया है कि वे पेयजल सप्लाई को शुद्ध करें ताकि लोग पानी जनित रोग से पीड़ित न हों।

सिरसा। पीने के पानी के सैंपल लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम।

नॉलेज : 1 पीपीएम क्लोरीन होना जरूरी

स्वास्थ्य विभाग की नोडल अधिकारी डॉ. अनीषा गर्ग की मानें तो पेयजल में 1 पीपीएम (पार्ट पर मिलियन) क्लोरीन होना जरूरी है। इससे कम या पानी में क्लोरीन न होन से उस पानी को पीने वाले को पानी जनित रोग हो सकते हैं। उसे उल्टी दस्त और पेट दर्द की शिकायत हो सकती है। जरूरत से ज्यादा क्लोरीन होना भी सेहत के लिए हानिकारक होती है। इसलिए पानी में क्लोरीन की मात्रा की जांच समय-समय पर करते रहना चाहिए।

पेयजल सैंपल लेने का तरीका सही नहीं है स्वास्थ्य विभाग का


पब्लिक हेल्थ व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम लेती है सैंपल : डॉ. गर्ग


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