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इंटरसेप्टर के कैमरे की क्षमता कम, नहीं हो पा रहे हैं ओवर स्पीड वाहनों के चालान

सरकार सड़क हादसों को कंट्रोल कर हरियाणा को एक्सीडेंट फ्री बनाने के लिए विजन जीरो प्रोग्राम पर जी जान से काम करने...

Danik Bhaskar | Mar 26, 2018, 02:00 AM IST
सरकार सड़क हादसों को कंट्रोल कर हरियाणा को एक्सीडेंट फ्री बनाने के लिए विजन जीरो प्रोग्राम पर जी जान से काम करने में जुटी है लेकिन उसकी मशीनरी इस काम पर पानी फेर रही है। जब इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि पुलिस के पास जो पांच इंटरसेप्टर है, लेकिन कैमरे की रेंज 100 मीटर की होने से चालान नहीं हो पा रहा है। पिछले तीन माह से ट्रैफिक पुलिस इसके चालान नहीं कर पा रही है। ओवर स्पीड वाहनों के चालान के लिए पुलिस विभाग से कहा गया है। जिससे ओवर स्पीड वाहनों को रोका जा सके। 22 मार्च को सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने ओवर स्पीड पर चालान करने के निर्देश भी दिए है, लेकिन जब ‘दैनिक भास्कर’ ने इसका पड़ताल की तो पता चला कि पुलिस के पास वैसे तो पांच इंटरसेप्टर है, लेकिन ठीक से काम कोई नहीं कर रहे। एक पुराना इंटरसेप्टर खराब पड़ा है। वहीं बाकी बचे चार इंटरसेप्टर में लगे कैमरों की क्षमता कम है। जिसकी वजह से चालान नहीं हो पा रहे हैं। इसमें एक पुलिस विभाग का पुराना इंटरसेप्टर है जबकि चार एक निजी कंपनी ने दिया है। पुलिस विभाग का इंटरसेप्टर वाहन तकनीकी कमी के कारण खराब है।

यहां पर ओवर स्पीड वाहनों का चालान जरुरी है

हरियाणा विजन जीरो के तहत एनएच 8 पर नरसिंगपुर, खाड़सा, एनएसजी मानेसर,पचगांव,घाटा टी प्वाइंट,सुल्तानपुर गांव व सोहना पलवल मार्ग प्रमुख है।

पुलिस विभाग का एक इंटरसेप्टर पड़ा है खराब

गुड़गांव. हाई स्पीड़ वाहनों का चालान काटने वाली अंटरसेप्टर वैन।

100 मीटर तक है कैमरे की क्षमता, सीसीटीवी में होते हैं यूज

चालू चार इंटरसेप्टर पर लगे कैमरों की क्षमता 100 मीटर तक है। यानि इंटरसेप्टर से 100 मीटर की रेंज में ही वाहनों की गति का आंकलन कर चालान किया जा सकता है लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाता। तेज गति से आ रहे वाहन को 100 मीटर के अंदर गति का आकंलन कर चालान कराना आसान नहीं है क्यों कि इस दौरान वाहन को तत्काल नहीं रोका जा सकता। इस क्षमता के कैमरे तो सीसीटीवी से ओवर स्पीड चालान में प्रयोग लाए जाते हैं।

ओवर स्पीड के 333 केस आए थे

पुलिस विभाग के अनुसार पिछले साल सड़क हादसों के कुल 1214 केस दर्ज हुए थे। जिसमें 481 की मौत जबकि 1189 लोग घायल हुए थे। इसमें 338 केस ओवर स्पीड के थे। जिसमें 154 लोगों की मौत हो गई थी। 84 गंभीर रुप से घायल व 330 को मामूली चोटें आई थी।

250 मीटर रेंज होनी चाहिए, तभी हो पाएगा हाई स्पीड पर चालान

तेज गति से वाहनों के चालान करने के लिए इंटरसेप्टर की क्षमता कम से कम 200 से 250 मीटर होनी चाहिए। गुड़गांव पुलिस के पास इस रेंज का इंटरसेप्टर है, जो कि खराब है। ऐसे में अब पुलिस पुराने वाहन को ठीक कराने का प्रयास कर रही है। नए इंटरसेप्टरों में सुधार के लिए कदम उठा रही है। हालांकि नए इंटरसेप्टर में फोटो व फिल्म की गुणवत्ता बेहतर है। इंटरसेप्टर वाली गाड़ी में लगा छोटा कंप्यूटर दो-तीन सेकेंड में चालान का प्रिंट आउट आ जाता है।

पिछले साल की स्थिति

645 ओवर स्पीड के चालान पुलिस (जनवरी से नवंबर)

684252 वाहनों का लगभग चालान हुआ था

1214 सड़क हादसों के केस दर्ज हुआ था, 481 की मौत

338 केस ओवर स्पीड के आए थे


पुलिस को दी जा रही है ट्रेनिंग