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24 घंटे बिजली पाने के लिए अभी आपको सितंबर 2019 तक करना पड़ेगा इंतजार

शहर में बिना पावर कट के 24 घंटे बिजली देने के लिए शुरू होने वाली स्मार्ट ग्रिड परियोजना के लिए शहरवासियों को लगभग...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 08, 2018, 02:05 AM IST

शहर में बिना पावर कट के 24 घंटे बिजली देने के लिए शुरू होने वाली स्मार्ट ग्रिड परियोजना के लिए शहरवासियों को लगभग पौने दो साल और इंतजार करना पड़ेगा। गत सितंबर 2017 में इस परियोजना को अवार्ड किया गया है, जो पहले ही दो साल की देरी से हो पाया है। परियोजना के लिए मारुति उद्योग विहार, आईडीसी, डीएलएफ, सोहना रोड, सेक्टर-14, 17, 30, 31, 32 में सर्वे शुरू कराया गया है। पहले चरण में इन सब स्टेशनों को स्मार्ट ग्रिड से जोड़ने की तैयारी है। स्मार्ट ग्रिड योजना के अधिकारियों का कहना है कि सितंबर 2019 तक परियोजना को पूरा कर शहर को निर्बाध बिजली सप्लाई शुरू कर दी जाएगी, जिससे जिले के 20 लाख लोगों को फायदा होगा।

400 केवी सब स्टेशन के रिंग बनाए जाएंगे

परियोजना से गुड़गांव को जोड़ने के लिए गुड़गांव के चारों तरफ 400/220 केवी के सब स्टेशनों के रिंग बनाए जाने हैं। इनमें धनोंदा लाइन से फर्रुखनगर-दौलताबाद में 400 केवी सब स्टेशन, गुड़गांव-सोहना रोड पर 400 केवी सब स्टेशन, मानेसर नीमराणा में 400 केवी सब स्टेशन व अलीगढ़-पलवल से जोड़कर कादरपुर में 400 केवी सब स्टेशन बनाया जाना है।

बिना पावर कट के 24 घंटे बिजली देने की होगी सुविधा

जिले के 20 लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा

गुड़गांव. एसपीआर रोड पर बना पावर ग्रिड कार्यालय।

यह है योजना :साल 2015 में देश का रोल मॉडल बनाने को लेकर गुड़गांव शहर को स्मार्ट ग्रिड सिस्टम से जोड़ा जाना था। इसके तहत पूरे शहर को दोहरी लाइनों के रिंग से जोड़ा जाना था, ताकि एक में फॉल्ट आने पर दूसरी से बिजली सप्लाई रहे। दो साल बीतने के बाद योजना को अवार्ड किया गया। सितंबर में हुए अवार्ड के बाद दिसंबर से सर्वे शुरू किया गया। योजना पर करीब 13 हजार करोड़ रुपए खर्च होना थे। साल 2021-22 की जरूरत के अनुसार स्मार्ट ग्रिड योजना के तहत 4800 मेगावाट बिजली सप्लाई के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। इसके लिए सब अर्बन व अर्बन फीडरों में दोहरी लाइन बिछाने और वर्तमान के 18 फीसदी लाइन लॉस को घटाकर एक फीसदी करना है।

स्मार्ट ग्रिड योजना के फायदे

योजना के तहत शहर में पूरा सिस्टम अंडरग्राउंड होगा, इससे तारों का जाल कहीं नहीं दिखाई देगा। कंट्रोल रूम से ही पता किया जा सकेगा, किस इलाके में कितना लोड है। बिजली बिल समय पर जमा नहीं करने पर कंट्रोल रूम से कनेक्शन काटे जा सकेंगे पूरा सिस्टम डबल होगा। इससे एक तरफ से बिजली जाते ही दूसरी तरफ से आपूर्ति शुरू हो जाएगी। उपभोक्ता किस समय सबसे अधिक बिजली का उपयोग करता है, इसकी आसानी से जानकारी मिल जाएगी।

पहले फेज में शहर में 1200 वर्ग किलोमीटर के तार किए जाएंगे अंडरग्राउंड

पहले चरण में किए जा रहे सर्वे के तहत करीब 1200 वर्ग किलोमीटर के तार अंडरग्राउंड किए जाएंगे। पहले फेज में गुड़गांव के मारुति, आईडीसी, डीएलएफ, सोहना रोड, सेक्टर-14, 17, 30, 31, 32 में सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। कुल 2200 वर्ग किलोमीटर लंबी एलटी व एचटी केबल अंडरग्राउंड होना है और 5451 फीडरों के खंभे लगाए जाने हैं।

काम 20 महीने में पूरा करना है

इस परियोजना के तहत अवार्ड कुछ देरी से हुआ है, लेकिन अब अगले 20 महीने में काम पूरा करना है। काम शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि डेडलाइन तक सभी काम पूरे हो जाएंगे। -संजीव चोपड़ा, चीफ इंजीनियर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।

4800 मेगावाट का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है

योजना पर करीब 13 हजार करोड़ रुपए का आएगा खर्च

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