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शिक्षा का स्तर सुधारने के डीईओ व प्राचार्यों को निर्देश

गुड़गांव | राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली (एनसीईआरटी)ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण...

Dainik Bhaskar

Mar 24, 2018, 02:05 AM IST
शिक्षा का स्तर सुधारने के डीईओ व प्राचार्यों को निर्देश
गुड़गांव | राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली (एनसीईआरटी)ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (नेस) कराया था। इसमें कक्षा तीन, पांचवीं और आठवीं के छात्रों शामिल थे। नेस में छात्रों के शैक्षिक प्रदर्शन को देखते हुए एससीईआरटी ने सभी डीईईओ, डायट प्रिंसिपल समेत अन्य अधिकारियों रिपोर्ट के अनुसार कदम उठाने का निर्देश दिया है। एससीईआरटी की निदेशक ज्योति चौधरी ने बताया कि नेस की जिलेवार रिपोर्ट सभी डीईओ, डीईईओ व डायट को भेजी गई है, ताकि नेस में आए छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए कदम उठाया जा सके। अधिकारी ने बताया कि नेस के रिपोर्ट में कुछ विषयों में छात्रों के शैक्षिक स्तर में गिरावट देखी गई है। ऐसे में सभी अधिकारियों को नेस में शामिल स्कूल के छात्रों के शैक्षिक स्तर पर काम कराने को कहा गया है, जिससे पता चल सके की किस स्तर पर बच्चों के शैक्षिक स्तर में कमी है। एससीईआरटी में नेस के राज्य संयोजक ललित कुमार ने बताया कि कक्षा तीन व पांच में हिन्दी, गणित व परिवेश अध्ययन, जबकि आठवीं गणित, विज्ञान व सामाजिक अध्ययन व भाषा शामिल किया गया था। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों से कहा गया है कि बच्चों के लर्निंग आउट कम को शेयर करने के साथ उसका आंकलन करें, ताकि बच्चों की अधिगम क्षमता को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल स्कूल को भी सर्वे रिपोर्ट सांझा किया जाए। जिससे हर स्तर पर इस पर काम किया जा सके। उन्होंने कहा कि नेशनल स्तर पर अन्य राज्यों की अपेक्षा हरियाणा का प्रदर्शन ठीक रहा है। बता दें कि शिक्षा निदेशालय सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के आंकलन के लिए मंथली असेसमेंट टेस्ट करता है। जिससे बच्चों के शैक्षिक स्तर का आंकलन किया जा सके। इसी आधार पर कमजोर बच्चों पर विभाग ध्यान रखता है। एनसीईआरटी ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण कराया था। जब मैट व नेस की रिपोर्ट में आंकलन किया गया तो अंतर मिला था। इसमें गुड़गांव जिले में कक्षा तीन व पांच में 61-61 स्कूल जबकि आठवीं में 51 स्कूलों के बच्चों को शामिल किया था।

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