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आरटीआई के जवाब से खुलासा: बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं 15 प्राइवेट अस्पताल

नियमों को ताक पर रखकर शहर के एक दर्जन से अधिक प्राइवेट हॉस्पिटल बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं। खास बात यह है कि शहर...

Danik Bhaskar | Mar 15, 2018, 02:05 AM IST
नियमों को ताक पर रखकर शहर के एक दर्जन से अधिक प्राइवेट हॉस्पिटल बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं। खास बात यह है कि शहर का सिविल हॉस्पिटल भी फायर एनओसी लेना जरूरी नहींं समझता। ऐसे में आगजनी के किसी मामले में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। फायर एनओसी न लेने वाले प्राइवेट और सरकारी हॉस्पिटल पर अभी तक कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है। धूमसपुर निवासी मोहित खटाना ने शहर में संचालित अस्पतालों की सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। उन्होंने शहर में चल बिना फायर एनओसी के चल रहे हॉस्पिटलों के नाम मांगे। जिसका जबाव देते राज्य जन सूचना अधिकारी ने बताया कि शहर में 15 ऐसे अस्पताल है जिनके पास फायर एनओसी नही हैं। जबकि इसे लेकर विभाग की ओर से कई बार उन्हें नोटिस तक जारी हो किया जा चुका हैं। गत वर्ष 14 जुलाई को रेलवे रोड स्थिति शीतला अस्पताल में भीषण आग लगी थी, जिसके वहां भर्ती कई मरीज बड़ी मुश्किल से बचाए गए थे। इन अस्पतालों के पास नहीं है फायर एनओसी आरटीआई में दी गई सूचना के अनुसार बिना फायर एनओसी के चल रहे अस्पतालों की सूची में विद्या रौशन चेरिटेबल ट्रस्ट, गुप्ता अस्पताल सेक्टर-17ए, रमेश कुमार सक्सेना अलीपुर, बत्रा अस्पताल खांडसा रोड शिवाजी नगर, सर्वोदय अस्पताल सेक्टर-4, सुखमनी अस्पताल सुभाष नगर, संवित हेल्थ केयर सोहना रोड इस्लामपुर, सिविल अस्पताल गुडग़ांव , वर्टेक्स कंसलटेंसी मेफिल्ड गार्डेन सेक्टर-51, गौतम अस्पताल सेक्टर- 10ए, सनराइज अस्पताल खांडसा रोड सेक्टर 10ए, आर्विट अस्पताल झाड़सा रोड, गोविंद अस्पताल सोहना रोड, उमकल अस्पताल सुशांतलोक-1, सेक्टर 10 स्थित सिविल हॉस्पिटल भी इस सूची में शामिल है। आरटीआई एक्टिविस्ट मोहित खटाना के अनुसार हाल ही में पश्चिम बंगाल व उड़ीसा के अस्पतालों में लगी आग के बाद आरटीआई लगाकर शहर के अस्पतालों की स्थिति जानने की कोशिश की गई है। जिसके दिए गए जबाव में काफी चौकाने वाले आंकड़े आए हैं। शहर के एक दर्जन से अधिक अस्पतालों के पास आग से निपटने के इंतजाम नहीं हैं। नगर निगम के फायर सेफ्टी ऑफिसर ईश्यम सिंह कश्यप के कहा कि हमने कई हॉस्पिटलों को नोटिस जारी किए हैं। तीन नोटिस जारी किए जाने के बाद भी एनओसी नहीं लेने वाले संस्थानों के खिलाफ फायर एक्ट 2009 के तहत केस कर जुर्माना वसूला जाएगा।