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आशाकर्मियों ने प्रदर्शन कर सीएम मनोहर लाल का पुतला फूंका, सरकार विरोधी नारे लगाए

सरकार की मजदूर कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आशा कर्मियों का धरने जारी है। रविवार की छुट्टी के बावजूद जिले भर...

Dainik Bhaskar

Jan 29, 2018, 09:05 PM IST
सरकार की मजदूर कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आशा कर्मियों का धरने जारी है। रविवार की छुट्टी के बावजूद जिले भर की आशा कर्मी लघु सचिवालय के सामने इकट्ठा हुई और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसमें यूनियन हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष बहन प्रवेश कुमारी ने भी हिस्सा लिया। आंगनवाड़ी वर्कर्ज एंड हेल्पर्ज यूनियन की जिला सचिव सरस्वती देवी ने भी अपने साथियों के साथ धरने में शामिल होकर आशाओं को समर्थन दिया। जनवादी महिला समिति की जिला प्रधान भारती देवी तथा राज्य की उपाध्यक्ष तथा जिला सचिव उषा सरोहा ने भी अपनी टीम के साथ धरने पर पहुंच कर आशा कर्मियों को समर्थन दिया व उनका मनोबल बढ़ाया।

सीआईटीयू की तरफ से राज्य के अध्यक्ष सतवीर सिंह व जिला कोषाध्यक्ष एसएल प्रजापति, जिला सचिव हरदीप पूनिया, हरियाणा ज्ञान विज्ञान मंच के जिला संयोजक ईश्वर नास्तिक, एसयूसीआई (सी) के जिला सचिव बलवान सिंह व वजीर सिंह, मिड डे मील वर्कर्ज यूनियन की राज बाला ने अपने साथियों के साथ आशाओं की मांगों व धरने का समर्थन किया।

जनवादी महिला समिति भी आशा वर्कर्स के समर्थन में आई

गुड़गांव.अपनी मांगों को लेकर विकास सदन के सामने प्रदर्शन करतीं आशा वर्कर।

शहर में कई जगह सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

धरना स्थल पर सभा करने के बाद आशाकर्मी प्रदर्शन करते सोहना चौक, मस्जिद चौक, सदर बाजार, डाक खाना चौक, महावीर चौक, नागरिक अस्पताल होते हुए अग्रवाल धर्मशाला के सामने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला दहन करने के लिए गोल दायरे में परिवर्तित हो गया। पुतला दहन के समय आशाकर्मियों ने गोल दायरे में बैठ कर केंद्र की मोदी व हरियाणा की खट्टर सरकार के खिलाफ तथा अपनी मांगों के समर्थन में जम कर नारेबाजी की।

धरने पर लगातार डटी हुई हैं आशा वर्कर

नूंह । जिले की आशावर्कर्स का धरना रविवार को 13वें दिन भी अल-आफिया अस्पताल परिसर में जारी रहा। आशावर्कर्स की बार-बार चेतावनी के बाद भी सरकार की ओर से उनकी यूनियन नेताओं से संवाद नहीं किया गया है। यूनियन नेता शाहिदा, रजनी, निराशा, फूलकुमारी, पाकीजा आदि कई जिला स्तर की यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार के सामने अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए आशा वर्कर्स को मैदान में आना पड़ा है। उन्होंने कहा जब तक आशावर्करों को अन्य कर्मचारियों के समान वेतन, भत्ता, हर अस्पताल पर आशावर्कर विश्राम रूम, स्वास्थ्य कर्मचारियों के व्यवहार में बदलाव आदि प्रमुख मांगों को सरकार पूरा नहीं करेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के पास आशावर्करों की मांगें पूरी करने के लिए 30 जनवरी तक का समय है।

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