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ढाई साल संघर्ष के बाद अभिषेक ने पाया पहला इंटरनेशनल मेडल

गुड़गांव के मारुति कुंज स्थित एकलव्य शूटिंग के कोच व अन्य सदस्यों ने एयरपोर्ट पहुंचकर एशियन गेम्स में ब्रांज मेडल...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 03:15 AM IST
गुड़गांव के मारुति कुंज स्थित एकलव्य शूटिंग के कोच व अन्य सदस्यों ने एयरपोर्ट पहुंचकर एशियन गेम्स में ब्रांज मेडल विजेता अभिषेक वर्मा का भव्य स्वागत किया। अभिषेक वर्मा को गुड़गांव के सेक्टर-56 स्थित राजेश पायलेट चौक से खुली जीप में बैठाकर मारुति कुंज स्थित शूटिंग एकेडमी ले जाया गया, इसके बाद सोहना होते हुए वो पलवल के लिए रवाना हो गए।

10 मी. एयर पिस्टल स्पर्धा में जीता था ब्रॉन्ज मेडल

अभिषेक ने एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था। अभिषेक ने वकालत की पढ़ाई की है। मूलरूप से रोहतक के छोटूराम पार्क निवासी अभिषेक का ये पहला इंटरनेशनल मेडल है, जो उन्होंने 29 साल की उम्र में हासिल किया है। अभिषेक ने 2015 में हिसार की शूटिंग रेज में प्रैक्टिस शुरू की थी।

पिता बोले, जिम के पास बनी रेंज पर करता था प्रैक्टिस

अभिषेक के पिता अशोक वर्मा पलवल कोर्ट में सेशन जज हैं। अभिषेक खुद भी एलएलबी करते-करते शूटर बने। उनके पिता अशोक वर्मा ने बताया कि 2015 से पहले उसके बेटे को शूटिंग का कुछ नहीं पता था। 2015 में उनकी पोस्टिंग हिसार में थी तो अभिषेक वहां जिम करने जाता था। जब उसे पता चला कि जिम के नजदीक ही एक शूटिंग रेंज है तो वो शूटिंग रेंज में पहुंच गया। जहां उसने पहली बार राइफल उठाई थी।

एलएलबी के साथ शूटिंग की प्रैक्टिस जारी रखी

अभिषेक ने बताया कि उसने बीटेक करने के बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई शुरू की। एलएलबी के साथ शूटिंग की प्रैक्टिस जारी रखी और भोंड़सी के मारुति कुंज स्थित एकलव्य शूटिंग रेंज में प्रैक्टिस शुरू की थी। यहां कोच ओमेंद्र सिंह ने उन्हें खासी प्रैक्टिस कराई, जिसके दम पर अभिषेक ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को शूटिंग में रिप्रजेंट किया था। अभिषेक के प्रशंसकों ने उनके बेहतर भविष्य के लिए प्रार्थना की।