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जगह-जगह लगाई गई मीठे पानी की छबील, भंडारे भी हुए

निर्जला एकादशी के अवसर पर शनिवार को शहर में जगह-जगह मीठे पानी की छबीलें लगाई गई। वहीं इस दौरान कई जगह भंडारे भी...

Danik Bhaskar | Jun 24, 2018, 02:00 AM IST
निर्जला एकादशी के अवसर पर शनिवार को शहर में जगह-जगह मीठे पानी की छबीलें लगाई गई। वहीं इस दौरान कई जगह भंडारे भी लगाए, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं भीषण गर्मी में अलग-अलग सड़कों के किनारे छबीलों पर लोगों ने मीठे पानी से अपना गला तर किया।

निर्जला एकादशी पर्व पर सेक्टर-4 क्षेत्र स्थित सूर्य विहार कालोनी के निवासियों ने शीतल व मीठे जल की छबील लगाई और विशाल भंडारे का आयोजन भी किया। इस आयोजन में क्षेत्र के निगम पार्षद संजय प्रधान, नवीन दहिया, राकेश दौलताबाद सहित क्षेत्र के महिला-पुरुष भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन समिति के निर्मल कुमार, ईश्वर सिंह दहिया व आरसी कपिल ने बताया कि राहगीरों को रोक-रोक कर शीतल जल का सेवन कराया गया। वाहनों में यात्रा कर रहे लोगों को भी भीषण गर्मी से ठंडे मीठे जल का सेवन कराकर राहत दिलाई। इसके अलावा इस्लामपुर गांव में भी ग्रामीणों ने तीन स्थानों पर छबील लगाई और शिव मंदिर के सामने भंडारे का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके अलावा सोहना रोड पर भारत यात्रा केन्द्र की सड़क पर भी मीठे पानी की छबील व भंडारे का आयोजन किया गया। वहीं डीएलएफ फेस-3 व पालम विहार में भी भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

निर्जला एकादशी पर शहर के विभिन्न हिस्सों में किए गए आयोजन, शीतल जल पीकर गर्मी से लोगों को मिली राहत

गुड़गांव. निर्जला एकादशी पर आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु।

गुड़गांव. निर्जला एकादशी पर छबील लगाकर पानी पिलाते लोग।

मैत्री कल्याण मंच ने भी लगाई शीतल पेयजल की छबील

सेक्टर 4 स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में सामाजिक संस्था मैत्री कल्याण मंच द्वारा निर्जला एकादशी पर व मीठे जल की छबील लगाई गई। संस्था के चेयरमैन एसएस दहिया ने बताया कि संस्था के सदस्यों ने क्षेत्रवासियों को बढ़ती गर्मी से राहत दिलाने के लिए मीठे जल का सेवन कराया और उनकी प्यास बुझाई। आयोजन सुबह से ही शुरू हो गया था, जो दोपहर बाद तक चलता रहा। इस आयोजन को सफल बनाने में संस्था के ओमप्रकाश शर्मा, एमआर वर्मा, रामलाल ग्रोवर, वीएन धींगड़ा आदि का सहयोग रहा।